बहुचर्चित राजा मानसिंह हत्याकांड में सजायाफ्ता पूर्व पुलिस अधिकारी कान सिंह भाटी की मौत
- इलाज के दौरान जयपुर के एसएमएस अस्पताल में हुई मौत
- 11 अभियुक्तों को सुनाई थी आजीवन कारावास की सजा
- 8 सितंबर को जेल में बिगड़ी थी कान सिंह भाटी की हालत
विस्तार
भरतपुर के बहुचर्चित राजा मानसिंह हत्याकांड में मुख्य अभियुक्त सजायाफ्ता पूर्व सीओ कान सिंह भाटी की मौत हो गई। आठ सितंबर को जेल में भाटी की तबीयत बिगड़ी थी। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए पहले आगरा, फिर जयपुर ले जाया गया था।
पूर्व सीओ कान सिंह भाटी ने जयपुर के एसएमएस अस्पताल में शुक्रवार की रात नौ बजे दम तोड़ दिया। 82 वर्षीय कान सिंह भाटी ने आठ सितंबर को जेल अधिकारियों से दस्त की शिकायत की थी। इसके बाद उन्हें जेल अस्पताल से जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां से उन्हें आगरा रेफर किया गया।
संबंधित खबर- राजा मानसिंह हत्याकांडः 35 साल पुराने मामले में सीओ समेत 11 पुलिसकर्मी दोषी करार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में जब उनकी हालत नहीं सुधरी तो परिजनों की मौजूदगी में उन्हें जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भेजा गया, जहां पर उनकी मौत हो गई। जयपुर में शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
गौरतलब है कि 21 फरवरी 1985 में राजा मानसिंह की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में राजा मानसिंह के दामाद विजय सिंह सिरोही ने मुकदमा दर्ज कराया थी। वह घटना के चश्मदीद भी थे।
संबंधित खबर- राजा मानसिंह हत्याकांड: 35 साल बाद आया फैसला, सुनवाई के दौरान 1700 तारीख, 25 जिला जज बदले
जिला जज ने 22 जुलाई 2020 को राजस्थान पुलिस के तत्कालीन सीओ कान सिंह भाटी सहित 11 पुलिसकर्मियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया था।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक शैलेंद्र कुमार मैत्रेय ने बताया कि जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कान सिंह भाटी की जयपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जयपुर में ही पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
अपने शहर की खबरों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहिए amarujala.com । अमर उजाला आगरा के फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं।