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Agra: मानसून से पहले रेलवे अलर्ट, ट्रैक डूबने के खतरे वाले तीन स्थान चिह्नित; नगर निगम से मांगी मदद
Fri, 19 Jun 2026 09:52 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 19 Jun 2026 09:52 AM IST
सार
मानसून से पहले आगरा रेल मंडल ने जलभराव की दृष्टि से तीन संवेदनशील स्थान चिह्नित कर नगर निगम से नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। रेलवे का कहना है कि हल्की बारिश में भी कुछ स्थानों पर ट्रैक पर एक से दो फीट तक पानी भर जाता है, जिससे ट्रेन संचालन प्रभावित होने का खतरा रहता है।
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ट्रैक डूबने के खतरे वाले तीन स्थान चिह्नित
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मानसून की बारिश से पहले ही आगरा रेल मंडल अलर्ट मोड में आ गया है। रेलवे ट्रैक पर होने वाले जलभराव से ट्रेन संचालन प्रभावित न हो, इसके लिए मंडल ने तीन संवेदनशील स्थान चिह्नित कर नगर निगम से नालों की सफाई, कचरा हटाने और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।
आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि आगरा में नाला बुढ़ान सैयद, राजा की मंडी यार्ड और राजा की मंडी-आगरा कैंट रेलखंड को जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील स्थान के रूप में चिह्नित किया है। इन स्थानों पर नालों की सफाई, कचरा हटाने और बेहतर जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए रेलवे ने नगर निगम को पत्र भेजा गया है।
बुढ़ान सैयद क्षेत्र में हरीपर्वत से राजश्री टॉकीज़ की ओर जाने वाला नाला रेलवे ट्रैक के नीचे से गुजरता है। नाले में गाद और कचरा जमा होने से हल्की बारिश में ही पानी की निकासी बाधित हो जाती है। इससे ट्रैक पर एक से दो फ़ीट तक पानी भर जाता है और कई बार रेल पटरियाँ तक दिखाई नहीं देतीं। इसी मार्ग से प्रतिदिन कई ट्रेनों का संचालन होता है, जिससे सुरक्षा और संचालन दोनों प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
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वहीं, स्थानीय निवासी पिंटू ने बताया कि वर्षों से यही स्थिति बनी हुई है। हल्की बारिश में भी क्षेत्र जलमग्न हो जाता है और लोगों के घरों तक पानी पहुंच जाता है। अब्बास और वेद का कहना है कि नालों की नियमित सफाई न होने से हर वर्ष यही समस्या दोहराई जाती है। आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि जलभराव वाले सभी स्थानों की पहचान कर नगर निगम को पत्र भेजा गया है। नगर निगम से ट्रैक के आसपास के नालों की समयबद्ध सफाई, कचरा हटाने और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है, ताकि मानसून के दौरान रेल संचालन सुरक्षित, सुचारु बना रहे।
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आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि आगरा में नाला बुढ़ान सैयद, राजा की मंडी यार्ड और राजा की मंडी-आगरा कैंट रेलखंड को जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील स्थान के रूप में चिह्नित किया है। इन स्थानों पर नालों की सफाई, कचरा हटाने और बेहतर जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए रेलवे ने नगर निगम को पत्र भेजा गया है।
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बुढ़ान सैयद क्षेत्र में हरीपर्वत से राजश्री टॉकीज़ की ओर जाने वाला नाला रेलवे ट्रैक के नीचे से गुजरता है। नाले में गाद और कचरा जमा होने से हल्की बारिश में ही पानी की निकासी बाधित हो जाती है। इससे ट्रैक पर एक से दो फ़ीट तक पानी भर जाता है और कई बार रेल पटरियाँ तक दिखाई नहीं देतीं। इसी मार्ग से प्रतिदिन कई ट्रेनों का संचालन होता है, जिससे सुरक्षा और संचालन दोनों प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
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वहीं, स्थानीय निवासी पिंटू ने बताया कि वर्षों से यही स्थिति बनी हुई है। हल्की बारिश में भी क्षेत्र जलमग्न हो जाता है और लोगों के घरों तक पानी पहुंच जाता है। अब्बास और वेद का कहना है कि नालों की नियमित सफाई न होने से हर वर्ष यही समस्या दोहराई जाती है। आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि जलभराव वाले सभी स्थानों की पहचान कर नगर निगम को पत्र भेजा गया है। नगर निगम से ट्रैक के आसपास के नालों की समयबद्ध सफाई, कचरा हटाने और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है, ताकि मानसून के दौरान रेल संचालन सुरक्षित, सुचारु बना रहे।