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रेलवे ने पीएमओ को भेजी रिपोर्ट, हरी झंडी का इंतजार
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कासगंज रेल ट्रैक
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। कासगंज-एटा रेलमार्ग के लिए अभी इंतजार करना होगा। रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद रेलवे ने सर्वे रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय भेज दी है। पीएमओ से हरी झंडी मिलने के बाद ही इस नए ट्रैक की योजना पर काम की शुरूआत हो सकेगी।
वर्ष 2016 में तत्कालीन रेल मंत्री ने रेल बजट के दौरान कासगंज-एटा के बीच रेल ट्रैक के सर्वे को मंजूरी दी। रेलवे ने इस ट्रैक के लिए सर्वे कराया। सर्वे के बाद पत्रावली रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड भेजी गई। रेलवे बोर्ड ने सर्वे को संज्ञान में लेते हुए आरओआर (रिटर्न ऑफ रेट) कराया। आरओआर होने के बाद बोर्ड ने इस ट्रैक पर काम शुरू करने के रेलवे ने सर्वे रिपोर्ट पीएमओ भेज दी है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ट्रैक पर काम शुरू हो सकेगा। रेलवे अब पीएमओ से दिशा निर्देश का इंतजार कर रहा है।
लंबे समय से उठ रही मांग
कासगंज। कासगंज-एटा और कासगंज-अलीगढ़ के बीच रेल लाइन के लिए लंबे समय से मांग उठ रही है। कई बार क्षेत्रीय लोगों ने क्षेत्रीय सांसद को ज्ञापन दिए। क्षेत्रीय सांसद राजवीर सिंह की पहल के बाद ही इन दोनों मार्गों पर रेल ट्रैक बिछाने को सर्वे की मंजूरी मिली थी।
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आरओआर में उलझा अलीगढ़ रेल ट्रैक का सर्वे
कासगंज। कासगंज-अलीगढ़ रेल ट्रैक के लिए भी सर्वे किया जा चुका है। रेलवे बोर्ड ने एटा-कासगंज ट्रैक के सर्वे का तो आरओआर करा लिया, लेकिन कासगंज-अलीगढ़ रेल ट्रैक की सर्वे रिपोर्ट आरओआर में उलझी हुई है। बता दें कि रेलवे रेटऑफरिटर्न सर्वे कराकर यह स्थिति परखती है कि ट्रैक पर खर्च होने वाली राशि कितने समय में रिटर्न हो जाएगी।
- 28 किलोमीटर की दूरी में प्रस्तावित है कासगंज-एटा रेलमार्ग।
- 62 किलोमीटर की दूरी में अलीगढ़ रेल ट्रैक प्रस्तावित।
- कासगंज-एटा रेल ट्रैक की सर्वे रिपोर्ट पीएमओ को भेजी जा चुकी है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही इस ट्रैक पर काम की प्रगति आगे बढ़ सकेगी- राजेंद्र सिंह, पीआरओ, रेलवे।
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वर्ष 2016 में तत्कालीन रेल मंत्री ने रेल बजट के दौरान कासगंज-एटा के बीच रेल ट्रैक के सर्वे को मंजूरी दी। रेलवे ने इस ट्रैक के लिए सर्वे कराया। सर्वे के बाद पत्रावली रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड भेजी गई। रेलवे बोर्ड ने सर्वे को संज्ञान में लेते हुए आरओआर (रिटर्न ऑफ रेट) कराया। आरओआर होने के बाद बोर्ड ने इस ट्रैक पर काम शुरू करने के रेलवे ने सर्वे रिपोर्ट पीएमओ भेज दी है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ट्रैक पर काम शुरू हो सकेगा। रेलवे अब पीएमओ से दिशा निर्देश का इंतजार कर रहा है।
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लंबे समय से उठ रही मांग
कासगंज। कासगंज-एटा और कासगंज-अलीगढ़ के बीच रेल लाइन के लिए लंबे समय से मांग उठ रही है। कई बार क्षेत्रीय लोगों ने क्षेत्रीय सांसद को ज्ञापन दिए। क्षेत्रीय सांसद राजवीर सिंह की पहल के बाद ही इन दोनों मार्गों पर रेल ट्रैक बिछाने को सर्वे की मंजूरी मिली थी।
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आरओआर में उलझा अलीगढ़ रेल ट्रैक का सर्वे
कासगंज। कासगंज-अलीगढ़ रेल ट्रैक के लिए भी सर्वे किया जा चुका है। रेलवे बोर्ड ने एटा-कासगंज ट्रैक के सर्वे का तो आरओआर करा लिया, लेकिन कासगंज-अलीगढ़ रेल ट्रैक की सर्वे रिपोर्ट आरओआर में उलझी हुई है। बता दें कि रेलवे रेटऑफरिटर्न सर्वे कराकर यह स्थिति परखती है कि ट्रैक पर खर्च होने वाली राशि कितने समय में रिटर्न हो जाएगी।
- 28 किलोमीटर की दूरी में प्रस्तावित है कासगंज-एटा रेलमार्ग।
- 62 किलोमीटर की दूरी में अलीगढ़ रेल ट्रैक प्रस्तावित।
- कासगंज-एटा रेल ट्रैक की सर्वे रिपोर्ट पीएमओ को भेजी जा चुकी है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही इस ट्रैक पर काम की प्रगति आगे बढ़ सकेगी- राजेंद्र सिंह, पीआरओ, रेलवे।