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रेल कर्मियों ने रोकी शताब्दी
अमर उजाला अागरा
Updated Mon, 04 Apr 2016 12:49 AM IST
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गतिमान एक्सप्रेस
- फोटो : अमर उजाला आगरा
गतिमान एक्सप्रेस के संचालन में आगरा मंडल के कर्मचारियों को कोई जिम्मेदारी नहीं दिए जाने से उनमें भारी गुस्सा है। रेलवे की दोनों यूनियनों एनसीआरईएस और एनसीआरएमयू के सदस्यों ने रविवार को आगरा कैंट पर शताब्दी एक्सप्रेस को रोककर प्रदर्शन किया। सोमवार शाम तक जवाब नहीं मिलने पर ट्रेनें नहीं चलाने की चेतावनी दी।
आगरा मंडल में तैनात लोको पायलट, गार्ड्स और टिकट चेकिंग स्टाफ किसी को भी गतिमान एक्सप्रेस में ड्यूटी नहीं दी गई है। इससे गुस्साए कर्मचारियों ने सुबह आठ बजे कैंट पर शताब्दी एक्सप्रेस को पांच मिनट तक रोके रखा। अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की। चेतावनी दी कि अगर सोमवार शाम तक आगरा मंडल के रनिंग स्टाफ को जिम्मेदारी नहीं दी गई तो डीआरएम का घेराव होगा। वहीं इंडियन रेलवे लोकोमोटिव रनिंंग आर्गनाइजेशन के पीके शर्मा और ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि इस ट्रेन के ट्रायल आगरा मंडल के रनिंग स्टाफ ने कराए थे। अब उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। एके दधीच, राजकुमार, आरडी त्यागी, अभय कुलश्रेष्ठ, राजेंद्र सिंह, उत्तम कुमार, हरिओम भारद्वाज, सुनील नागवंशी, राजेश त्रिपाठी, विमलेश पांडे, पीके शर्मा आदि मौजूद रहे।
पैंफ्लेट्स लगवाकर सावधानी बरतने की सलाह
रेल प्रशासन ने मुख्य रेल फाटकों पर पैंफ्लेट्स लगवाए हैं। इसमें कहा गया है कि गतिमान पांच सेकेंड में 220 मीटर की दूरी तय करती है। ट्रेन के आने के समय में लोग रेल लाइन के निकट नहीं आएं। रेल लाइन पार करते समय सावधानी बरतें। वहीं ट्रेन में अप और डाउन में 15 फीसदी सीटें आरक्षित हो चुकी हैं। ट्रेन में एसी चेयर कार का किराया 750 रुपये और एग्जीक्यूटिव एसी का किराया 1500 रुपये है।
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पर्यटन संस्थाओं ने कहा, गतिमान शाम को आगरा आती तो होता फायदा
गतिमान एक्सप्रेस के संचालन से आगरा के पर्यटन उद्योग को कोई फायदा नहीं होने वाला है। पर्यटन उद्यमियों का मानना है कि इस गाड़ी का फायदा दिल्ली की टूरिस्ट लॉबी उठाएगी। ट्रेन अगर शाम को आगरा आती तो पर्यटक शहर में रुकता। इससे पर्यटन जगत को फायदा होता।
आगरा टूरिज्म डेवलपमेंट फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप अरोड़ा का कहना है कि इस ट्रेन से आगरा के टूरिज्म को कोई फायदा नहीं होगा। इससे तो केवल शताब्दी एक्सप्रेस का भार कम होगा। पर्यटन की दृष्टि से अच्छा तब होता जब गतिमान शाम को आगरा आती। सुबह दिल्ली से ताज एक्सप्रेस और शताब्दी पहले से ही संचालित हैं।
पर्यटन उद्यमी राजीव तिवारी ने बताया कि नियमित उड़ानें नहीं होने की स्थिति में आगरा में आने वाले पर्यटकों को फ्लाइट दिल्ली से पकड़नी होती है। उन्हें फायदा होगा मगर इससे आगरा के पर्यटन उद्योग को कुछ नहीं मिलेगा। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान का कहना है कि गतिमान एक्सप्रेस के चलने से आगरावासियों को सुविधा मिलेगी। शताब्दी में सीट मिलना मुश्किल होता था, मगर पर्यटन की दृष्टि से कोई लाभ नहीं है।
कहां बनेगा हाईस्पीड कॉरिडोर का दफ्तर
आगरा। पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस कल से चलेगी। अब हाईस्पीड ट्रेनों के संचालन के लिए हाईस्पीड कॉरिडोर का दफ्तर बनाए जाने पर काम तेज हो गया है। सूत्रों की मानें तो यह दफ्तर आगरा या दिल्ली मंडल में बनेगा। अगर आगरा में दफ्तर बनेगा तो आगरा मंडल का महत्व बढ़ जाएगा। बता दें कि दिल्ली-आगरा के बाद कानपुर-दिल्ली, चंडीगढ़-दिल्ली, मुंबई-गोवा, मुंबई-अहमदाबाद, नागपुर-सिकंदराबाद, नागपुर-बिलासपुर और चेन्नई-हैदराबाद, मैसूर-बंगलौर-चेन्नई रूटों पर भी सेमी हाईस्पीड ट्रेनों का संचालन किया जाना है। ऐसे में इन रूटों पर भी सर्वे किया जाएगा। कॉरिडोर का कार्यालय आगरा मंडल में बनाए जाने पर आगरा रेल मंडल के अधिकारियों से बातचीत चल रही है।
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आगरा मंडल में तैनात लोको पायलट, गार्ड्स और टिकट चेकिंग स्टाफ किसी को भी गतिमान एक्सप्रेस में ड्यूटी नहीं दी गई है। इससे गुस्साए कर्मचारियों ने सुबह आठ बजे कैंट पर शताब्दी एक्सप्रेस को पांच मिनट तक रोके रखा। अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की। चेतावनी दी कि अगर सोमवार शाम तक आगरा मंडल के रनिंग स्टाफ को जिम्मेदारी नहीं दी गई तो डीआरएम का घेराव होगा। वहीं इंडियन रेलवे लोकोमोटिव रनिंंग आर्गनाइजेशन के पीके शर्मा और ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि इस ट्रेन के ट्रायल आगरा मंडल के रनिंग स्टाफ ने कराए थे। अब उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। एके दधीच, राजकुमार, आरडी त्यागी, अभय कुलश्रेष्ठ, राजेंद्र सिंह, उत्तम कुमार, हरिओम भारद्वाज, सुनील नागवंशी, राजेश त्रिपाठी, विमलेश पांडे, पीके शर्मा आदि मौजूद रहे।
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पैंफ्लेट्स लगवाकर सावधानी बरतने की सलाह
रेल प्रशासन ने मुख्य रेल फाटकों पर पैंफ्लेट्स लगवाए हैं। इसमें कहा गया है कि गतिमान पांच सेकेंड में 220 मीटर की दूरी तय करती है। ट्रेन के आने के समय में लोग रेल लाइन के निकट नहीं आएं। रेल लाइन पार करते समय सावधानी बरतें। वहीं ट्रेन में अप और डाउन में 15 फीसदी सीटें आरक्षित हो चुकी हैं। ट्रेन में एसी चेयर कार का किराया 750 रुपये और एग्जीक्यूटिव एसी का किराया 1500 रुपये है।
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पर्यटन संस्थाओं ने कहा, गतिमान शाम को आगरा आती तो होता फायदा
गतिमान एक्सप्रेस के संचालन से आगरा के पर्यटन उद्योग को कोई फायदा नहीं होने वाला है। पर्यटन उद्यमियों का मानना है कि इस गाड़ी का फायदा दिल्ली की टूरिस्ट लॉबी उठाएगी। ट्रेन अगर शाम को आगरा आती तो पर्यटक शहर में रुकता। इससे पर्यटन जगत को फायदा होता।
आगरा टूरिज्म डेवलपमेंट फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप अरोड़ा का कहना है कि इस ट्रेन से आगरा के टूरिज्म को कोई फायदा नहीं होगा। इससे तो केवल शताब्दी एक्सप्रेस का भार कम होगा। पर्यटन की दृष्टि से अच्छा तब होता जब गतिमान शाम को आगरा आती। सुबह दिल्ली से ताज एक्सप्रेस और शताब्दी पहले से ही संचालित हैं।
पर्यटन उद्यमी राजीव तिवारी ने बताया कि नियमित उड़ानें नहीं होने की स्थिति में आगरा में आने वाले पर्यटकों को फ्लाइट दिल्ली से पकड़नी होती है। उन्हें फायदा होगा मगर इससे आगरा के पर्यटन उद्योग को कुछ नहीं मिलेगा। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान का कहना है कि गतिमान एक्सप्रेस के चलने से आगरावासियों को सुविधा मिलेगी। शताब्दी में सीट मिलना मुश्किल होता था, मगर पर्यटन की दृष्टि से कोई लाभ नहीं है।
कहां बनेगा हाईस्पीड कॉरिडोर का दफ्तर
आगरा। पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस कल से चलेगी। अब हाईस्पीड ट्रेनों के संचालन के लिए हाईस्पीड कॉरिडोर का दफ्तर बनाए जाने पर काम तेज हो गया है। सूत्रों की मानें तो यह दफ्तर आगरा या दिल्ली मंडल में बनेगा। अगर आगरा में दफ्तर बनेगा तो आगरा मंडल का महत्व बढ़ जाएगा। बता दें कि दिल्ली-आगरा के बाद कानपुर-दिल्ली, चंडीगढ़-दिल्ली, मुंबई-गोवा, मुंबई-अहमदाबाद, नागपुर-सिकंदराबाद, नागपुर-बिलासपुर और चेन्नई-हैदराबाद, मैसूर-बंगलौर-चेन्नई रूटों पर भी सेमी हाईस्पीड ट्रेनों का संचालन किया जाना है। ऐसे में इन रूटों पर भी सर्वे किया जाएगा। कॉरिडोर का कार्यालय आगरा मंडल में बनाए जाने पर आगरा रेल मंडल के अधिकारियों से बातचीत चल रही है।