फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   rabit

अकबरा में 100 से ज्यादा खरगोश मरे

Sun, 16 Apr 2017 01:15 AM IST
अकबरा में 100 से ज्यादा खरगोश मरे
अकबरा में 100 से ज्यादा खरगोश मरे Updated Sun, 16 Apr 2017 01:15 AM IST
विज्ञापन
rabit
अकबरा में 100 से ज्यादा खरगोश मरे - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अकबरा गांव में एक ही खेत में शनिवार को 100 से ज्यादा खरगोश मरे पाए गए। कई दर्जन खरगोश बेहोशी की हालत में मिले, जिन्हें लोगों ने अपने साथ लेकर इलाज कराया और उनकी जान बचाई। इतनी बड़ी संख्या में खरगोशों की मौत पर वन्य जीव तस्करों पर संदेह किया जा रहा है।
विज्ञापन

शनिवार सुबह अकबरा और मांगरौल के बीच सड़क किनारे खेत में सौ से ज्यादा खरगोश मरे दिखे तो ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मरे खरगोशों के बीच कई जिंदा भी थे। ग्रामीण जिंदा खरगोश अपने साथ ले गए और उनका इलाज कराया। कुछ लोगों का कहना है कि खरगोशों को कुत्तों ने मारा है, लेकिन किसी खरगोश के घायल होने या जख्मी होने का निशान नहीं मिला, वहीं कुछ लोग जहर देने की बात भी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग को यह जानकारी दी थी, लेकिन दोनों में से कोई विभाग गांव नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का आरोप है कि वन्य जीव तस्कराें ने खरगोशों को जहर देकर मारा है।
विज्ञापन


शिब्द साहनी नगर से पकड़ी थी खरगोशों की खाल
आगरा। आगरा खरगोशों की तस्करी का बड़ा केंद्र रहा है। ताजनगरी के वन्य जीव तस्करों के तार जयपुर, अजमेर, नागपुर, दिल्ली, मेरठ से जुड़े हुए हैं। चार साल पहले 24 सितंबर 2013 को क्राइम ब्रांच ने शाहगंज के शिब्द साहनी नगर में मार्केट के ऊपर बने घर में छापा मारकर तीन वन्य जीव तस्कर पकड़े थे। उनके पास से 150 खरगोशों की खालें, दो दर्जन मरे हुए खरगोश, उनके अंग बरामद किए थे। खरगोश के अंगों की मांग साइंस लैब में है। तस्कर खरगोश के मांस की भी आपूर्ति किया करते थे। सौंदर्य प्रशाधनों के लिए भी खरगोश की तस्करी की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed