कब भरेंगे गड्ढे: एक साल से पीडब्ल्यूडी की 767 किलोमीटर सड़कें जर्जर, 1.12 करोड़ रुपये डूबे

न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 13 Sep 2021 04:01 PM IST

सार

कलक्ट्रेट से पुलिस लाइन, पंचकुइयां, कोठी मीना बाजार होते हुए मानस नगर से मारुति एस्टेट-बोदला से सुनारी मोड़ पर खत्म होने वाली 14 किलोमीटर लंबी एमजी रोड-टू भी गड्ढों में तब्दील है। मारुति एस्टेट चौराहा से बोदला तक बायीं सड़क को सीवर खोदाई निगल गई। दो किलो मीटर तक 50 फुट चौड़ी सड़क पर सिर्फ 10 फुट डामर है। बाकी 40 फुट सड़क सीवर खोदाई से क्षतिग्रस्त है।
आगरा: सड़कों पर गड्ढों में भरा पानी
आगरा: सड़कों पर गड्ढों में भरा पानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

आगरा। एक साल में लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) की 767 किलोमीटर सड़कें जर्जर हो गईं। पिछले साल खर्च हुए 1.12 करोड़ रुपये गड्ढों में डूब गए। अब ये सड़कें मरम्मत लायक भी नहीं बची हैं। बरसात में कहीं सड़क की एप्रोच बिगड़ गई है, तो कहीं सड़क पर इतने गड्ढे हो गए हैं कि नवीनीकरण की जरूरत है।
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सबसे खराब हालत ग्रामीण सड़कों की है। इनकी करीब 1400 किमी लंबाई हैं। सबसे ज्यादा लोग मुख्य व अन्य जिलों से जोड़ने वाली सड़कों से परेशान हैं। जिन सड़कों को पूर्व में गड्ढामुक्त किया गया है उनमें पैचवर्क व मरम्मत के नाम पर बंदरबांट के आरोप लग रहे हैं। ये सड़कें अब मरम्मत लायक भी नहीं बची हैं। 767 में 150 कि मी सड़कें ऐसी हैं जिन्हें पैचवर्क से ठीक नहीं किया जा सकता। इन्हें नवीनीकरण की दरकार है, लेकिन पुरानी सड़कों के नवीनीकरण के प्रस्ताव दो साल से अधर में लटके हैं।


1.6 किलोमीटर लंबाई में 350 गड्ढे
प्रतापपुरा चौराहा स्थित आबंतीबाई प्रतिमा से एकलव्य स्टेडियम होते हुए सदर थाना मोड़ तक 1.6 किलोमीटर लंबी सड़क पर 350 से अधिक गड्ढे हैं। 40 गड्ढे एक फीट से गहरे हैं। जिनमें हिचकोले खाने से दुपहिया वाहन पलट सकते हैं। इस सड़क का दो साल से पैचवर्क तक नहीं हुआ। 2019-20 में करीब 12 लाख रुपये सड़क मरम्मत के नाम पर खर्च हुए थे।

10 फुट बची 50 फुट चौड़ी सड़क  
कलक्ट्रेट से पुलिस लाइन, पंचकुइयां, कोठी मीना बाजार होते हुए मानस नगर से मारुति एस्टेट-बोदला से सुनारी मोड़ पर खत्म होने वाली 14 किलोमीटर लंबी एमजी रोड-टू भी गड्ढों में तब्दील है। मारुति एस्टेट चौराहा से बोदला तक बायीं सड़क को सीवर खोदाई निगल गई। दो किलो मीटर तक 50 फुट चौड़ी सड़क पर सिर्फ 10 फुट डामर है। बाकी 40 फुट सड़क सीवर खोदाई से क्षतिग्रस्त है।

चार साल से पड़ी है खराब
शमसाबाद रोड से लिंक कहरई मार्ग चार साल से क्षतिग्रस्त है। आठ बार एडीए, नगर निगम, पीडब्लूडी में शिकायत कर चुके। पब्लिक की सुनवाई नहीं होती। नेताओं के लिए रातोंरात नई सड़कें बन जाती हैं। - मनोज गुप्ता, गायत्री विहार
सड़क पर चलना दूभर
कहने को एमजी रोड-टू है, लेकिन मारुति एस्टेट से बोदला तक सड़क पर चलना दूभर है। दिनभर धूल उड़ती है। 300 से अधिक दुकानदार परेशान हैं। सड़कों की मरम्मत के नाम पर बंदरबांट हो रहा है।  - गोपाल कुशवाह, विनय नगर
 

नई सड़कों को खोद रहे
नई सड़कों को कभी सीवर, कभी गंगाजल, तो कभी बिजली के लिए खोदा जा रहा है। ये जनता के टैक्स की बर्बादी है। इंजीनियर, ठेकेदार और नेता पैसा बनाने के लिए नई सड़कों को बर्बाद करवा रहे हैं। - हर्षित अरोड़ा, सदर बाजार

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