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UP Police: थाने-चौकी में काम का बोझ...पुलिस को दे रहा मानसिक तनाव, मनोचिकित्सक करेंगे सहायता
Wed, 07 Jan 2026 11:33 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 07 Jan 2026 11:33 AM IST
सार
थाने-चौकी में काम का बोझ पुलिसकर्मियों को मानसिक तनाव दे रहा है। अब इस तनाव से मुक्ति दिलाने के लिए मनोचिकित्सक उनकी सहायता करेंगे।
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UP Police, यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
थाने-चाैकी में काम का बोझ है। बच्चे और पत्नी से बात नहीं कर पाते हैं। छुट्टी नहीं मिल पाती। ये सभी वजहें कई बार पुलिसकर्मियों में तनाव का कारण बनती हैं। ऐसे में आम जनता से दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आती हैं। हाल ही में हुईं घटनाओं के बाद कमिश्नरेट पुलिस के व्यवहार को बदलने के लिए कवायद शुरू हो गई है। मनोचिकित्सक और व्यवहार विज्ञानियों का विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जाएगा।
किरावली थाने में किसान की पिटाई और पैर तोड़ देने के साथ छत्ता पुलिस ने दूध विक्रेता को चौकी में पीटा था। पैर का नाखून उखाड़ दिया था। इन घटनाओं ने पुलिस के व्यवहार पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। कुछ महीने पहले व्यवहार विज्ञानियों की टीम ने पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों पर सर्वे किया था। इसमें सामने आया था कि वर्दी पहनने के बाद पुलिसकर्मी खुद को सबसे अलग समझने लगते हैं।
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किरावली थाने में किसान की पिटाई और पैर तोड़ देने के साथ छत्ता पुलिस ने दूध विक्रेता को चौकी में पीटा था। पैर का नाखून उखाड़ दिया था। इन घटनाओं ने पुलिस के व्यवहार पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। कुछ महीने पहले व्यवहार विज्ञानियों की टीम ने पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों पर सर्वे किया था। इसमें सामने आया था कि वर्दी पहनने के बाद पुलिसकर्मी खुद को सबसे अलग समझने लगते हैं।
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डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि कमिश्नरेट में सात हजार से अधिक पुलिसकर्मी हैं। कई बार थानों और चाैकियों में गलत व्यवहार, पिटाई की शिकायत लोग करते हैं। इनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यवहार विज्ञानी डा. नवीन गुप्ता और उनकी टीम के साथ बात की जाएगी। थाना स्तर पर पुलिसकर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरु किया जाएगा। बुधवार को सभी एसीपी के साथ बैठक का भी आयोजन किया गया है।
थाने में योग, ध्यान और खेलकूद
डीसीपी सिटी ने बताया कि बैठक में एसीपी से सुझाव लिए जाएंगे। बात की जाएगी कि अगर कोई पुलिसकर्मी तनाव में है तो उसका कारण क्या है। उसे कम करने के उपाय जानेंगे। क्या थाना स्तर पर हर दिन और सप्ताह में योग कराया जाना चाहिए। पुलिसकर्मियों के खेलने के इंतजाम पर भी बात करेंगे।
डीसीपी सिटी ने बताया कि बैठक में एसीपी से सुझाव लिए जाएंगे। बात की जाएगी कि अगर कोई पुलिसकर्मी तनाव में है तो उसका कारण क्या है। उसे कम करने के उपाय जानेंगे। क्या थाना स्तर पर हर दिन और सप्ताह में योग कराया जाना चाहिए। पुलिसकर्मियों के खेलने के इंतजाम पर भी बात करेंगे।