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भवनों का सर्वे बन गया गले की फांस
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा
Updated Fri, 29 Jan 2016 02:00 AM IST
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खेरिया एयरबेस के 100 मीटर के दायरे में हुए निर्माणों का सर्वे प्रशासन के गले की फांस बन गया है। तहसील के अधिकारी मौके पर जाकर निर्माणों का ब्योरा बनाने की कोशिश की रहे हैं लेकिन वहां के निवासी प्रशासन का सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह से प्रशासन ने अब अन्य विभागों का भी सहयोग लेने का फैसला किया है, जिससे उन भवनों में रहने वाले लोगों का ब्योरा बनाया जा सके।
बता दें, पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले के बाद वायुसेना ने देशभर के एयरबेसों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने का फैसला लिया है। आगरा में भी खेरिया वायुसेना स्टेशनों की सुरक्षा चाक चौबंद की जा रही है। इसी वजह से एयरबेस की बाउंड्रीवाल से 100 मीटर के दायरे में हुए भवनों को तोड़ने का फैसला लिया गया है। पिछले दिनों हुई बैठक में यह तय हुआ है कि पहले चरण में उन भवनों के खिलाफ कार्रवाई होगी जो एक मंजिल से ऊंचे हैं। भवनों को चिह्नित करने के लिए तहसील सदर की टीम वहां सर्वे कर रही है। वायुसेना के अधिकारी भी तहसील की टीम के साथ हैं।
गुरुवार को इस संबंध में प्रशासनिक और वायुसेना के अधिकारियों की बैठक हुई है। एडीएम सिटी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बैठक में यह तथ्य सामने आया है कि सर्वे करने जा रही टीम का स्थानीय लोग सहयोग नहीं कर रहे हैं। कर्मचारियों को भवन स्वामियों का नाम तक नहीं बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों को असहयोग को देखते हुए अब अन्य विभागों की मदद ली जाएगी। विशेष बिजली विभाग, खाद्य आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के आधार भवन स्वामियों और उनमें रह रहे किराएदारों का ब्योरा बनाया जाएगा। सिविल डिफेंस के कार्यकर्ताओं को भी इस काम में लगाया जा रहा है।
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बता दें, पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले के बाद वायुसेना ने देशभर के एयरबेसों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने का फैसला लिया है। आगरा में भी खेरिया वायुसेना स्टेशनों की सुरक्षा चाक चौबंद की जा रही है। इसी वजह से एयरबेस की बाउंड्रीवाल से 100 मीटर के दायरे में हुए भवनों को तोड़ने का फैसला लिया गया है। पिछले दिनों हुई बैठक में यह तय हुआ है कि पहले चरण में उन भवनों के खिलाफ कार्रवाई होगी जो एक मंजिल से ऊंचे हैं। भवनों को चिह्नित करने के लिए तहसील सदर की टीम वहां सर्वे कर रही है। वायुसेना के अधिकारी भी तहसील की टीम के साथ हैं।
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गुरुवार को इस संबंध में प्रशासनिक और वायुसेना के अधिकारियों की बैठक हुई है। एडीएम सिटी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बैठक में यह तथ्य सामने आया है कि सर्वे करने जा रही टीम का स्थानीय लोग सहयोग नहीं कर रहे हैं। कर्मचारियों को भवन स्वामियों का नाम तक नहीं बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों को असहयोग को देखते हुए अब अन्य विभागों की मदद ली जाएगी। विशेष बिजली विभाग, खाद्य आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के आधार भवन स्वामियों और उनमें रह रहे किराएदारों का ब्योरा बनाया जाएगा। सिविल डिफेंस के कार्यकर्ताओं को भी इस काम में लगाया जा रहा है।
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