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UP: प्रसूता की तीन घंटे पहले मौत...फीस के लिए घरवालों को दौड़ाते रहे डॉक्टर, फिर दूसरे अस्पताल कर दिया रेफर
Sun, 20 Apr 2025 03:49 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 20 Apr 2025 03:49 PM IST
सार
आगरा के एक निजी हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत के बाद डॉक्टरों ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। परिजनों को मौत की सूचना दिए बिना, फीस के लिए इधर-उधर दौड़ाते रहे। फीस जमा होते ही दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजनों के आरोप के बाद पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।
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अस्पताल के बाहर खड़ी पुलिस और परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के थाना शाहगंज क्षेत्र स्थित निजी हॉस्पिटल में रविवार को एक गर्भवती महिला की ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका का नाम साधना पाठक है, जो मथुरा की रहने वाली थी। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है।
मृतका के भाई रोहित दीक्षित ने बताया कि साधना पिछले सात महीनों से इसी हॉस्पिटल में इलाज करवा रही थीं। शुक्रवार रात करीब 2 बजे उन्हें डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि शुक्रवार और शनिवार को ऑपरेशन संभव नहीं है, क्योंकि डॉक्टर किसी कारणवश आगरा में नहीं रहेंगे। इसके चलते रविवार सुबह करीब 8 बजे ऑपरेशन किया गया। रोहित का कहना है कि वह उस समय मथुरा में थे और उन्होंने डॉक्टर से ऑपरेशन थोड़ी देर से करने का अनुरोध किया ताकि वे समय पर आगरा पहुंच सकें, क्योंकि उस वक्त अस्पताल में केवल मृतका के पति और बड़ी भाभी मौजूद थीं। लेकिन डॉक्टर ने ऑपरेशन में देरी करने से मना कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान मृतका के पति को ब्लड लाने के लिए बाहर भेज दिया गया, तभी अस्पताल में हड़कंप मच गया। परिजन जब तक वापस लौटे, तब तक अस्पताल प्रशासन ने न केवल ऑपरेशन की पूरी फीस वसूल ली बल्कि मृतका और उसकी नवजात बेटी को एम्बुलेंस में रखकर दूसरे हॉस्पिटल ले जाने को कह दिया।
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दूसरे हॉस्पिटल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि महिला की मृत्यु दो घंटे पहले ही हो चुकी थी। इसके बाद एक अन्य तीसरे हॉस्पिटल में भी यही पुष्टि हुई कि मौत को लगभग तीन घंटे हो चुके हैं। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। रोहित दीक्षित का कहना है कि जब उन्होंने अस्पताल संचालिका से मौत के कारण के बारे में पूछा तो उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया। फिलहाल मृतका का शव मथुरा लाया गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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मृतका के भाई रोहित दीक्षित ने बताया कि साधना पिछले सात महीनों से इसी हॉस्पिटल में इलाज करवा रही थीं। शुक्रवार रात करीब 2 बजे उन्हें डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि शुक्रवार और शनिवार को ऑपरेशन संभव नहीं है, क्योंकि डॉक्टर किसी कारणवश आगरा में नहीं रहेंगे। इसके चलते रविवार सुबह करीब 8 बजे ऑपरेशन किया गया। रोहित का कहना है कि वह उस समय मथुरा में थे और उन्होंने डॉक्टर से ऑपरेशन थोड़ी देर से करने का अनुरोध किया ताकि वे समय पर आगरा पहुंच सकें, क्योंकि उस वक्त अस्पताल में केवल मृतका के पति और बड़ी भाभी मौजूद थीं। लेकिन डॉक्टर ने ऑपरेशन में देरी करने से मना कर दिया।
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परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान मृतका के पति को ब्लड लाने के लिए बाहर भेज दिया गया, तभी अस्पताल में हड़कंप मच गया। परिजन जब तक वापस लौटे, तब तक अस्पताल प्रशासन ने न केवल ऑपरेशन की पूरी फीस वसूल ली बल्कि मृतका और उसकी नवजात बेटी को एम्बुलेंस में रखकर दूसरे हॉस्पिटल ले जाने को कह दिया।
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दूसरे हॉस्पिटल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि महिला की मृत्यु दो घंटे पहले ही हो चुकी थी। इसके बाद एक अन्य तीसरे हॉस्पिटल में भी यही पुष्टि हुई कि मौत को लगभग तीन घंटे हो चुके हैं। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। रोहित दीक्षित का कहना है कि जब उन्होंने अस्पताल संचालिका से मौत के कारण के बारे में पूछा तो उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया। फिलहाल मृतका का शव मथुरा लाया गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।