सरकारी अस्पताल में फर्श पर डेढ़ घंटे दर्द से कराहती रही गर्भवती, बेहोश होने पर किया भर्ती
- आगरा के खंदौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक और स्टाफ की असंवेदनशीलता सामने आई है। यहां प्रसव पीड़ा से कराहती गर्भवती को डेढ़ घंटे तक भर्ती नहीं किया गया।
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आगरा के खंदौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव पीड़ा से गर्भवती कराहती रही, लेकिन उसे डेढ़ घंटे तक भर्ती नहीं किया। इस दौरान पति और आशा स्टाफ नर्स से भर्ती कराने के लिए गुहार लगाते रहे। गर्भवती के बेहोश होने पर स्टाफ ने उसे भर्ती किया। प्रसव कराने के बाद आठ घंटों बाद ही डिस्चार्ज कर दिया।
अशोक नगर टेढ़ी बगिया निवासी प्रवेश कुमार की पत्नी करिश्मा (24) को प्रसव पीड़ा होने पर आशा सोमवार को खंदौली सीएचसी लेकर पहुंची। प्रवेश का कहना है कि वह करीब 11 बजे पत्नी को लेकर पहुंच गया, प्रसव पीड़ा होने पर स्टाफ नर्स से भर्ती कराने को कहा, तो उन्होंने कहा कि बेंच पर बैठा लो अभी डॉक्टर साहब देखेंगे।
आरोप है कि प्रसव पीड़ा बढ़ने पर प्रवेश दो-तीन बार स्टाफ नर्स के पास गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जब पति ने हंगामा किया तो नर्स ने कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट मांगी, आशा और पति ने बताया कि उसकी जांच हो चुकी है लेकिन बड़ी बेटी ने पर्चा फाड़ दिया है। इस पर नर्स ने कहा कि इसे बाहर ले जाओ, जांच करवाके लाओ, तभी भर्ती करेंगे।
गर्भवती ने बच्ची को दिया जन्म
आशा पर्चा बनवाने गई तो बनाया नहीं। जांच वाले कमरे में लेकर गए तभी करिश्मा बेहोश होकर गिर गई। पति और आशा के चिल्लाने पर स्टाफ आया और भर्ती कराया। करिश्मा ने बच्ची को जन्म दिया।
पति का आरोप है कि प्रसव के बाद रात आठ बजे ही डिस्चार्ज कर दिया और कोरे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। सीएचसी प्रभारी डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि जांच कराने के लिए कमरे में ले जाते वक्त गर्भवती बेहोश होकर गिर गई थी, उसे तत्काल भर्ती करा और प्रसव कराया। लापरवाही का आरोप गलत है।
वीडियो वायरल, आशा दे रही इंसानियत की दुहाई
अस्पताल में गर्भवती के बेहोश होने का वीडियो भी वायरल हुआ है। इसमें गर्भवती जमीन पर पड़ी है, आशा अस्पताल स्टाफ को इंसानियत की दुहाई दे रही है। एक कर्मचारी गर्भवती के चेहरे पर पानी छिड़क रहा है। स्टाफ पति से बहस कर रहा है, इसमें पति कह रहा है कि वह पत्नी को प्राइवेट अस्पताल में नहीं ले जा सकता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) आरसी पांडे ने कहा कि कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट नहीं थी, फिर भी स्टाफ ने प्रसव कराया, सराहनीय है, लेकिन गर्भवती को घंटा-डेढ़ घंटे तक भर्ती नहीं किया, इस आरोप की जांच करा रहा हूं। प्रभारी से रिपोर्ट भी मांगी है।