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रातभर चलता रहा इबादत का दौर
अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 23 May 2016 12:49 AM IST
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श्ाब ए रात
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
रविवार को शब ए बरात पर कब्रिस्तानों, मजारों और मस्जिदों में इबादत का दौर चला। बाद नमाज ए इशा से लेकर सुबह फजर तक लोग मसजिद, कब्रिस्तान और सड़कों पर दिखाई दिए। लोगों ने मस्जिदों में जाकर पूरी रात इबादत में गुजारी। किसी ने अपने गुनाहों की माफी के लिए दुआ की, तो किसी ने अपने बुजुर्गों को बख्शवाने की। हर कोई बारगाह ए इलाही में दुआ करता दिखा। हर कोई इस मुकद्दस और अजीम रात का फायदा उठाना चाहता था। इस रात में जो भी दुआ करेगा, उसकी दुआ जरूर कुबूल होगी।
पचकुइयां के जलसे में मांगी बारिश की दुआ
जगह-जगह हुए सीरत के पाक के जलसे
मस्जिदों के अलावा जगह-जगह जलसे भी हुए। शहर और बाहर के उलमा ने नबी ए करीम की सुन्नत और इस मुकद्दस रात की अहमियत के बारे में बताया। सबसे बड़ा जलसा पचकुंइया कब्रिस्तान कमेटी की ओर से पचकुंइया कब्रिस्तान में हुआ। इसमें उलमा ने तकरीर कर मजहब-ए-इस्लाम पर रोशनी डाली। जलसे की सदारत मुफ्ती अब्दुल सत्तार ने की और निजामत मुफ्ती सलीम ने की। जलसे को खिताब मौलाना मोहम्मद वासिफ, मौलाना आदम मुस्तफा सूफी, हजरत कारी शाने आलम, मुफ्ती राशिद उल्लाह, मुफ्ती अब्दुल हमीद नौमानी, मोहम्मद जैद ने आगरा में पानी की किल्लत दूर करने और बारिश की दुआ मांगी। रसूल के बताए रास्ते पर चलने की बात कही। इस मौके पर कमेटी के सदर हाजी अलीमुद्दीन, हाजी मोहम्मद अफजाल, हाजी मोहम्मद शहजाद, सचिव जहीरउद्दीन बाबर, अदनान कुरैशी, हसीन शमसी, हाजी महफूज, कारी कदीर, हाजी बिलाल मौजूद रहे। इसी तरह मंटोला तिराहे पर आल इंडिया मुसलिम वेलफेयर सोसायटी की ओर से जलसा किया गया। सोसायटी के सदर सगीर अहमद, हाजी मसूद आदि मौजूद रहे। टेढ़ी बगिया रोड स्थित इस्लाम नगर, घटिया मामू भांजा, ताजगंज, शहीद नगर, पक्की सराय, शाहगंज, पाय चौकी, हजरत अबू उलाह की दरगाह, नाई की मंडी, मदिया कटरा में भी जलसों को उलमा ने खिताब किया। मंटोला में हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष डा. सिराज कुरैशी, भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के समी आगाई, जमीतुल कुरैश के शरीफ काले, जियाउद्दीन, दानिश, कामरान कुरैशी ने जलसों में शिरकत की। युवाओं को आतिशबाजी करने से रोका।
मुस्लिम बस्तियों में रही रौनक
मुस्लिम इलाकों में लोगों ने लाइटिंग की। पूरी रात इलाके जगमगाते रहे। दुकानें सारी रात खुली रहीं। कहीं बिरयानी तो कहीं चाय के खोखों पर लोग जमे रहे। सड़कों पर भी देर रात तक युवाओं की टोलियां गश्त करती रहीं। सुबह होते-होते लोगों ने नाहरी का मजा लिया। मस्जिदों में रोजा रखने वालों के लिए सहरी का इंतजाम किया गया था।
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बुजुर्गों के लिए की दुआ
शब ए बरात के मौके पर मुसलिमों ने पूरी रात तो इबादत में गुजारी, लेकिन सुबह के वक्त कब्रिस्तान जाकर बुजुर्गों के मगफिरत की दुआ की। लोगों ने कब्रों पर खुशबू लगाई, किसी ने गुलपोशी की तो किसी ने फातिहा पढ़ी।
घरों में कुरान की तिलावत
महिलाओं, युवतियों ने घरों में पूरी रात कुरान शरीफ की तिलावत की। कुछेक युवाओं ने भी मस्जिदों में दुआ मांगने के बाद घरों में ही कुरान शरीफ की तिलावत की। शब ए रात के दूसरे दिन भी कुछ लोग रोजा रखते हैं।
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पचकुइयां के जलसे में मांगी बारिश की दुआ
जगह-जगह हुए सीरत के पाक के जलसे
मस्जिदों के अलावा जगह-जगह जलसे भी हुए। शहर और बाहर के उलमा ने नबी ए करीम की सुन्नत और इस मुकद्दस रात की अहमियत के बारे में बताया। सबसे बड़ा जलसा पचकुंइया कब्रिस्तान कमेटी की ओर से पचकुंइया कब्रिस्तान में हुआ। इसमें उलमा ने तकरीर कर मजहब-ए-इस्लाम पर रोशनी डाली। जलसे की सदारत मुफ्ती अब्दुल सत्तार ने की और निजामत मुफ्ती सलीम ने की। जलसे को खिताब मौलाना मोहम्मद वासिफ, मौलाना आदम मुस्तफा सूफी, हजरत कारी शाने आलम, मुफ्ती राशिद उल्लाह, मुफ्ती अब्दुल हमीद नौमानी, मोहम्मद जैद ने आगरा में पानी की किल्लत दूर करने और बारिश की दुआ मांगी। रसूल के बताए रास्ते पर चलने की बात कही। इस मौके पर कमेटी के सदर हाजी अलीमुद्दीन, हाजी मोहम्मद अफजाल, हाजी मोहम्मद शहजाद, सचिव जहीरउद्दीन बाबर, अदनान कुरैशी, हसीन शमसी, हाजी महफूज, कारी कदीर, हाजी बिलाल मौजूद रहे। इसी तरह मंटोला तिराहे पर आल इंडिया मुसलिम वेलफेयर सोसायटी की ओर से जलसा किया गया। सोसायटी के सदर सगीर अहमद, हाजी मसूद आदि मौजूद रहे। टेढ़ी बगिया रोड स्थित इस्लाम नगर, घटिया मामू भांजा, ताजगंज, शहीद नगर, पक्की सराय, शाहगंज, पाय चौकी, हजरत अबू उलाह की दरगाह, नाई की मंडी, मदिया कटरा में भी जलसों को उलमा ने खिताब किया। मंटोला में हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष डा. सिराज कुरैशी, भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के समी आगाई, जमीतुल कुरैश के शरीफ काले, जियाउद्दीन, दानिश, कामरान कुरैशी ने जलसों में शिरकत की। युवाओं को आतिशबाजी करने से रोका।
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मुस्लिम बस्तियों में रही रौनक
मुस्लिम इलाकों में लोगों ने लाइटिंग की। पूरी रात इलाके जगमगाते रहे। दुकानें सारी रात खुली रहीं। कहीं बिरयानी तो कहीं चाय के खोखों पर लोग जमे रहे। सड़कों पर भी देर रात तक युवाओं की टोलियां गश्त करती रहीं। सुबह होते-होते लोगों ने नाहरी का मजा लिया। मस्जिदों में रोजा रखने वालों के लिए सहरी का इंतजाम किया गया था।
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बुजुर्गों के लिए की दुआ
शब ए बरात के मौके पर मुसलिमों ने पूरी रात तो इबादत में गुजारी, लेकिन सुबह के वक्त कब्रिस्तान जाकर बुजुर्गों के मगफिरत की दुआ की। लोगों ने कब्रों पर खुशबू लगाई, किसी ने गुलपोशी की तो किसी ने फातिहा पढ़ी।
घरों में कुरान की तिलावत
महिलाओं, युवतियों ने घरों में पूरी रात कुरान शरीफ की तिलावत की। कुछेक युवाओं ने भी मस्जिदों में दुआ मांगने के बाद घरों में ही कुरान शरीफ की तिलावत की। शब ए रात के दूसरे दिन भी कुछ लोग रोजा रखते हैं।