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रेडियो पर गूजेंगी बंदियों की फरमाइशें
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मैनपुरी। जेल रेडियो की शुरुआत के साथ ही अब बंदियों की फरमाइशें भी रेडियो पर गूजेंगी। बंदी आरजे की भूमिका भी निभाएंगे। रेडियो पर गीत, समाचार, प्रेरक प्रसंग भी शामिल रहेंगे। शनिवार को डीएम और एसपी ने जेल रेडियो का शुभारंभ किया। शनिवार को डीएम प्रदीप उपाध्याय व एसपी अजय शंकर राय ने जेल रेडियो का शुभारंभ किया। जैसे ही रेडियो बजा तालियां गूंज उठीं।
जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि रेडियो के संचालन के लिए जिला कारागार में एक स्टूडियो तैयार किया गया है। यहां से इस पूरे रेडियो स्टेशन का नियंत्रण एवं प्रसारण होगा। पूरा कारागार एक आधुनिक साउंड तकनीक के तहत आपस में जुड़ा होगा और जेल स्टूडियो से प्रसारित होने वाले गीत संगीत के मनोरंजक कार्यक्रम सभी बैरक के बंदी सुन सकेंगे।
आरजे के लिए अजय चौहान, विजय भदौरिया, कृपाशंकर, सरदीप, राहुल, आसिफ, मनोज, दुर्बेश सहित 10 बंदियों का चयन किया गया है। प्रत्येक सुबह बंदियों से उनके पसंदीदा कार्यक्रमों की फरमाइश को एकत्र किया जाएगा। दोपहर बाद इसका प्रसारण होगा। शुरुआत में रेडियो की अवधि एक घंटा रहेगी।
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दोपहर दो से तीन बजे का समय निश्चित किया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप रघुनंदन ने बताया कि जेल रेडियो अपने आप में एक अभिनव प्रयोग है, जो न सिर्फ बंदियों का मनोरंजन करेगा, बल्कि बंदियों को अपराध से विमुख रखने, उनके मानसिक परिवर्तन लाने और उच्च जीवन मूल्यों की स्थापना करने में महत्वपूर्ण होगा।
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जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि रेडियो के संचालन के लिए जिला कारागार में एक स्टूडियो तैयार किया गया है। यहां से इस पूरे रेडियो स्टेशन का नियंत्रण एवं प्रसारण होगा। पूरा कारागार एक आधुनिक साउंड तकनीक के तहत आपस में जुड़ा होगा और जेल स्टूडियो से प्रसारित होने वाले गीत संगीत के मनोरंजक कार्यक्रम सभी बैरक के बंदी सुन सकेंगे।
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आरजे के लिए अजय चौहान, विजय भदौरिया, कृपाशंकर, सरदीप, राहुल, आसिफ, मनोज, दुर्बेश सहित 10 बंदियों का चयन किया गया है। प्रत्येक सुबह बंदियों से उनके पसंदीदा कार्यक्रमों की फरमाइश को एकत्र किया जाएगा। दोपहर बाद इसका प्रसारण होगा। शुरुआत में रेडियो की अवधि एक घंटा रहेगी।
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दोपहर दो से तीन बजे का समय निश्चित किया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप रघुनंदन ने बताया कि जेल रेडियो अपने आप में एक अभिनव प्रयोग है, जो न सिर्फ बंदियों का मनोरंजन करेगा, बल्कि बंदियों को अपराध से विमुख रखने, उनके मानसिक परिवर्तन लाने और उच्च जीवन मूल्यों की स्थापना करने में महत्वपूर्ण होगा।