{"_id":"5da9842d8ebc3e93ae3f463b","slug":"poor-quality-shoes-were-distributed-in-primary-school-complaint-by-uta","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ढाई महीने में ही फट गए बच्चों के जूते, शासन व बीएसए से शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ढाई महीने में ही फट गए बच्चों के जूते, शासन व बीएसए से शिकायत
Fri, 18 Oct 2019 02:52 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 18 Oct 2019 02:52 PM IST
विज्ञापन
घटिया किस्म के जूते
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों के जूते ढाई महीने में ही फट गए हैं। बच्चे फटे जूते ही पहनकर आ रहे हैं। ऐसी शिकायत शिक्षकों ने बीएसए और शासन से की है।
ये भी पढ़ें: शहीद बीएसएफ जवान ने गोली लगने के बाद भी जान पर खेलकर पूरी टीम को बचाया, शहादत पर परिवार को गर्व
बेसिक शिक्षा विभाग के 2957 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें 2.57 लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। निशुल्क पोशाक योजना के तहत इनको 15 अगस्त तक विभिन्न स्कूलों में पोशाक और जूते-मोजे वितरित किए गए।
ये भी पढ़ें: एक शख्स को घरवाली और बाहरवाली के साथ करवाचौथ मानने की कोशिश कुछ ऐसे पड़ी भारी
विज्ञापन
इनमें जूतों की गुणवत्ता खराब बताई गई है। अधिकांश स्कूलों के बच्चों के जूते ढाई महीने में ही फट गए हैं। बैग का भी यही हाल है। ऐेसे में बच्चे फटे जूते पहनकर आ रहे हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: शहीद बीएसएफ जवान ने गोली लगने के बाद भी जान पर खेलकर पूरी टीम को बचाया, शहादत पर परिवार को गर्व
बेसिक शिक्षा विभाग के 2957 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें 2.57 लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। निशुल्क पोशाक योजना के तहत इनको 15 अगस्त तक विभिन्न स्कूलों में पोशाक और जूते-मोजे वितरित किए गए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: एक शख्स को घरवाली और बाहरवाली के साथ करवाचौथ मानने की कोशिश कुछ ऐसे पड़ी भारी
विज्ञापन
इनमें जूतों की गुणवत्ता खराब बताई गई है। अधिकांश स्कूलों के बच्चों के जूते ढाई महीने में ही फट गए हैं। बैग का भी यही हाल है। ऐेसे में बच्चे फटे जूते पहनकर आ रहे हैं।
युनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के राजीव वर्मा ने बताया कि सबसे ज्यादा जूतों की गुणवत्ता खराब है। बच्चों के अभिभावक भी जूतों की खराब गुणवत्ता की शिकायत की है। इसकी शिकायत बीएसए और शासन से भी की गई है।
ये भी पढ़ें: कमसम फूड प्लाजा व रेलवे स्टेशन पर गंदगी देख चढ़ा अफसर का पारा, फटकार लगाकर दिए निर्देश
शासन से आई है जूतों की सप्लाई
बच्चों को दी जाने वाली पोशाक में से बैग और जूते-मोजे शासन से ही वितरण के लिए आए हैं। पोशाक की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन समिति के जिम्मे है। इसमें स्कूल हेड, पार्षद, अभिभावकों समेत 15 सदस्य रहते हैं।
ये भी पढ़ें: कमसम फूड प्लाजा व रेलवे स्टेशन पर गंदगी देख चढ़ा अफसर का पारा, फटकार लगाकर दिए निर्देश
शासन से आई है जूतों की सप्लाई
बच्चों को दी जाने वाली पोशाक में से बैग और जूते-मोजे शासन से ही वितरण के लिए आए हैं। पोशाक की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन समिति के जिम्मे है। इसमें स्कूल हेड, पार्षद, अभिभावकों समेत 15 सदस्य रहते हैं।