{"_id":"5fc7d2a28ebc3e9b992457a8","slug":"polution-cantrol-day-kasganj-news-agr470362241","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रीय प्रदूषण दिवस: प्रदूषण से मुक्ति के लिए मुहिम चलाएंगे नगर के जागरूक युवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रीय प्रदूषण दिवस: प्रदूषण से मुक्ति के लिए मुहिम चलाएंगे नगर के जागरूक युवा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। प्रदूषण से मुक्ति के लिए नगर जागरूक युवाओं के द्वारा मुहिम चलाई जाएगी। प्लास्टिक कचरा नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की पर्यावरण संरक्षण इकाई के द्वारा लोगों को प्लास्टिक कचरा नियंत्रण के लिए जागरूक करेगी। प्लास्टिक कचरा नियंत्रण के लिए इको ब्रिक बनाए जाने एवं उपयोग की जानकारी दी जाएगी। इस संबंध में वर्चुअल बैठक भी की।
विभाग प्रचारक राधाकृष्ण ने कहा कि पर्यावरण गतिविधि में ब्रज क्षेत्र अखिल भारतीय स्तर पर सबसे अग्रणी क्षेत्र के रूप में कार्य कर रहा है। पर्यावरण गतिविधि के अंतर्गत अभी पूरे भारत मे ईको ब्रिक का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन इको ब्रिक को एकत्रित कर बगीचे में पौधों की बाउंड्री के रूप में अथवा मिट्टी के साथ उसकी दीवार बना कर अथवा पार्क में उससे बेंच आदि बना कर उपयोग किया जा सकता है।
एक बोतल के अंदर इतनी प्लास्टिक आ सकती है जोकि लगभग 100 वर्ग फुट क्षेत्र को प्रदूषित कर सकती है। विभाग प्रमुख शैलेश शर्मा ने कहा कि पर्यावरण गतिविधि इकाई द्वारा ईको ब्रिक बनाने के लिए दिसंबर माह के अंत तक लोगों को ईको ब्रिक बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ईको ब्रिक बनाने के बाद उसके उपयोग करने के लिए जगह न हो तो वह उसको पर्यावरण गतिविधि को सौंप सकता है। जिला प्रमुख अनूप गुप्ता ने बताया कि इस विषय पर एक वृहद प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। इस मुहिम तेजी से चलाया जाएगा। वैभव बिरला, अवनीश शर्मा इत्यादि सदस्यों ने भी भाग लिया।
विज्ञापन
ऐसे बनाएं इको ब्रिक
जिला प्रमुख अनूप गुप्ता ने बताया कि ईको ब्रिक बनाने के लिए प्रयोग की हुई प्लास्टिक की सभी प्रकार की थैली जैसे समान लाने वाली, चिप्स, बिस्कु नमकीन आदि की खाली थैली, मसाले इत्यादि के रैपर आदि किसी भी प्रकार की पुरानी थैली को पुराने प्लास्टिक की खाली पानी अथवा कोल्डड्रिंक की बोतल में अच्छी तरह से भर के उसकी ढक्कन लगा कर बंद कर दें। इस तरह से वह ईको ब्रिक का रूप ले सकती है।इनको एकत्रित कर कई तरह से प्रयोग किया जा सकता है।
विज्ञापन
विभाग प्रचारक राधाकृष्ण ने कहा कि पर्यावरण गतिविधि में ब्रज क्षेत्र अखिल भारतीय स्तर पर सबसे अग्रणी क्षेत्र के रूप में कार्य कर रहा है। पर्यावरण गतिविधि के अंतर्गत अभी पूरे भारत मे ईको ब्रिक का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन इको ब्रिक को एकत्रित कर बगीचे में पौधों की बाउंड्री के रूप में अथवा मिट्टी के साथ उसकी दीवार बना कर अथवा पार्क में उससे बेंच आदि बना कर उपयोग किया जा सकता है।
विज्ञापन
एक बोतल के अंदर इतनी प्लास्टिक आ सकती है जोकि लगभग 100 वर्ग फुट क्षेत्र को प्रदूषित कर सकती है। विभाग प्रमुख शैलेश शर्मा ने कहा कि पर्यावरण गतिविधि इकाई द्वारा ईको ब्रिक बनाने के लिए दिसंबर माह के अंत तक लोगों को ईको ब्रिक बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ईको ब्रिक बनाने के बाद उसके उपयोग करने के लिए जगह न हो तो वह उसको पर्यावरण गतिविधि को सौंप सकता है। जिला प्रमुख अनूप गुप्ता ने बताया कि इस विषय पर एक वृहद प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। इस मुहिम तेजी से चलाया जाएगा। वैभव बिरला, अवनीश शर्मा इत्यादि सदस्यों ने भी भाग लिया।
विज्ञापन
ऐसे बनाएं इको ब्रिक
जिला प्रमुख अनूप गुप्ता ने बताया कि ईको ब्रिक बनाने के लिए प्रयोग की हुई प्लास्टिक की सभी प्रकार की थैली जैसे समान लाने वाली, चिप्स, बिस्कु नमकीन आदि की खाली थैली, मसाले इत्यादि के रैपर आदि किसी भी प्रकार की पुरानी थैली को पुराने प्लास्टिक की खाली पानी अथवा कोल्डड्रिंक की बोतल में अच्छी तरह से भर के उसकी ढक्कन लगा कर बंद कर दें। इस तरह से वह ईको ब्रिक का रूप ले सकती है।इनको एकत्रित कर कई तरह से प्रयोग किया जा सकता है।