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एक्सक्लूसिव: लेदर टेनरी के लिए प्रदूषण मानक और सख्त होंगे, पयार्वरण मंत्रालय ने तैयार किया ड्राफ्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Updated Fri, 10 Aug 2018 10:14 AM IST
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फाइल फोटो
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चमड़े का शोधन करने वाली इकाइयों (लेदर टेनरी) के लिए प्रदूषण नियंत्रण के मानक और सख्त होने वाले हैं। पयार्वरण मंत्रालय ने नए मानकों का ड्राफ्ट तैयार किया है। इन पर एक अक्तूबर तक पर्यावरण मंत्रालय को आपत्ति भेजी जा सकती है।
ड्राफ्ट में टैनरी को क्रोम रिकवरी प्लांट लगाना अनिवार्य किया गया है, वहीं साल में दो बार भूजल गुणवत्ता पर प्रभाव की निगरानी करनी होगी।
चमड़े के शोधन के दौरान निकलने वाले अपशिष्ट से नदियों का जल बेहद प्रदूषित हो रहा है।
गंगा और यमुना नदी में प्रदूषण का बड़ा कारण टैनरी हैं। इनमें प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई कड़े प्रावधान किए गए हैं। नए नियमों को पर्यावरण (संरक्षण) संशोधन नियम 2018 का नाम दिया गया है, जो अक्तूबर के बाद लागू हो जाएगा। दो अगस्त को ड्राफ्ट की अधिसूचना जारी की गई और 60 दिन का समय आपत्तियों के लिए दिया गया।
पर्यावरण संशोधन नियम के ड्राफ्ट के मुताबिक नदियों और झील में सीधे डिस्चार्ज के मामले में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कड़े मानक तैयार कर सकते हैं।
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ड्राफ्ट में टैनरी को क्रोम रिकवरी प्लांट लगाना अनिवार्य किया गया है, वहीं साल में दो बार भूजल गुणवत्ता पर प्रभाव की निगरानी करनी होगी।
चमड़े के शोधन के दौरान निकलने वाले अपशिष्ट से नदियों का जल बेहद प्रदूषित हो रहा है।
गंगा और यमुना नदी में प्रदूषण का बड़ा कारण टैनरी हैं। इनमें प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई कड़े प्रावधान किए गए हैं। नए नियमों को पर्यावरण (संरक्षण) संशोधन नियम 2018 का नाम दिया गया है, जो अक्तूबर के बाद लागू हो जाएगा। दो अगस्त को ड्राफ्ट की अधिसूचना जारी की गई और 60 दिन का समय आपत्तियों के लिए दिया गया।
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पर्यावरण संशोधन नियम के ड्राफ्ट के मुताबिक नदियों और झील में सीधे डिस्चार्ज के मामले में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कड़े मानक तैयार कर सकते हैं।
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क्रोम टेनरी क्रोमियम सल्फेट को वापस पाने के लिए शोधन के क्रोम रिकवरी प्लांट को लगाएंगे। डिस्चार्ज में ताजे पानी के उपयोग को कम करने के लिए री-साइक्लिंग का प्लांट लगाना होगा। हर टैनरी को साल में दो बार मानसून से पहले और बाद में भूमि और भूजल की गुणवत्ता पर प्रभाव की निगरानी करानी होगी।
यहां भेज सकते हैं आपत्तियां
टैनरी में प्रदूषण नियंत्रण के नए मानकों पर आपत्तियां सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, इंदिरा पर्यावरण भवन, जोरबाग रोड, नई दिल्ली या केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव और मंत्रालय के वैज्ञानिक-डी को ई-मेल पर द्वह्यष्ड्ढ.ष्श्चष्ड्ढञ्चठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ और द्ध.द्मद्धड्डह्म्द्म2ड्डद्य.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ पर भेज सकते हैं।
यहां भेज सकते हैं आपत्तियां
टैनरी में प्रदूषण नियंत्रण के नए मानकों पर आपत्तियां सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, इंदिरा पर्यावरण भवन, जोरबाग रोड, नई दिल्ली या केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव और मंत्रालय के वैज्ञानिक-डी को ई-मेल पर द्वह्यष्ड्ढ.ष्श्चष्ड्ढञ्चठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ और द्ध.द्मद्धड्डह्म्द्म2ड्डद्य.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ पर भेज सकते हैं।
ये होंगे प्रदूषण के अधिकतम मानक
तत्व सीमा
बीओडी 20
सीओडी 250
टीएसएस 50
टीडीएस 2100
सल्फाइड्स 2
अमोनिकल नाइट्रोजन 50
कुल क्रोमियम 2
हेक्सावेलेंट क्रोमियम 0.1
तेज और चिकनाई 10
(मानक माइक्रोग्राम प्रति लीटर में हैं)
बीओडी 20
सीओडी 250
टीएसएस 50
टीडीएस 2100
सल्फाइड्स 2
अमोनिकल नाइट्रोजन 50
कुल क्रोमियम 2
हेक्सावेलेंट क्रोमियम 0.1
तेज और चिकनाई 10
(मानक माइक्रोग्राम प्रति लीटर में हैं)