Pollution in Agra: पराली और कूड़ा जलने से ताजनगरी में बढ़ा प्रदूषण, सांस रोगियों का फूला दम
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ताजनगरी की हवा में खतरनाक कार्बन मोनोऑक्साइड 14 गुना और धूल के कणों की मात्रा पांच गुनी तक ज्यादा हो गई है। इससे सांस रोगियों का दम फूलने लगा है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सोमवार को 190 पर रहा। ताजनगरी देश के टॉप टेन प्रदूषित शहरों में दसवें नंबर पर रही।
पर्यावरण विशेषज्ञ इसकी वजह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पराली और शहर में कूड़ा जलाया जाना मान रहे हैं। ताजनगरी में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लगे थे जिनमें रविवार की रात और सोमवार की सुबह आग लगा दी गई।
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जगह-जगह डस्टबिन और डलावघर में कूड़ा जलने से लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। इससे कार्बन मोनो ऑक्साइड, सल्फर डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाईक्साइड सहित जहरीली गैसों का स्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे बच्चे और बुजुर्ग खांसते-खांसते परेशान हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज के क्षय एवं वक्ष रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि प्रदूषण बढ़ने से सीओपीडी के मरीज बढ़ रहे हैं। सांस नलिका में सूजन आने से सांस लेने में परेशानी की शिकायतें हैं। इन दिनों मास्क लगाकर बचाव करें। अस्थमा अटैक का खतरा है।
सबसे प्रदूषित 10 शहर
शहर - एक्यूआई
भिवाड़ी - 259
मुजफ्फरनगर - 231
बुलंदशहर - 229
मुरादाबाद - 223
गाजियाबाद - 216
लखनऊ - 209
मेरठ - 204
यमुनानगर - 206
जींद - 191
आगरा - 190
ये है मानक
0- 50 एक्यूआई अच्छी हवा
51-100 पर संतोषजनक
101- 200 तक मध्यम
200-300 खराब
300-400 बेहद खराब
500 तक खतरनाक
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