ढाई साल में 50 लाख की ठगी, 10 राज्य के 500 लोगों को बनाया शिकार, सरगना सहित दो गिरफ्तार
- पब्लिक सेक्टर यूनिट में नौकरी का विज्ञापन देकर करते थे ठगी
- आरोपी आगरा में कॉल सेंटर खोलने की बना रहे थे योजना
विस्तार
आगरा में पुलिस ने नौकरी का विज्ञापन देकर ढाई साल में 500 लोगों से 50 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के सरगना सहित दो आरोपियों को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह ने लॉकडाउन में राजस्थान के धौलपुर में काम बंद कर दिया। चार महीने पहले आगरा आकर काम शुरू कर दिया। अब कॉल सेंटर खोलने की तैयारी थी। ठगी के शिकार लोगों ने एसएसपी बबलू कुमार से शिकायत की। इसके बाद गिरोह पकड़ा गया।
थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक बैजनाथ सिंह के मुताबिक, मुरादाबाद के लोगों ने शिकायत की थी। इसके बाद टीम को लगाया गया। सोमवार को आवास विकास कालोनी के सेक्टर छह से गिरोह के सरगना नरेश सिंह राजपूत और उसके साथी अमरेंद्र कुमार मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ओएलएक्स पर आईडी बनाकर विज्ञापन देते थे। इसमें मोबाइल नंबर लिख देते थे।
आरोपियों को जो लोग कॉल करते थे, उनको पीएसयू में नौकरी की बात कहते थे। पंजीकरण और प्रशिक्षण शुल्क के नाम पर 15 से 35 हजार रुपये खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कराते थे। एटीएम के माध्यम से रकम निकाल लेते थे। आरोपियों ने फर्जी कागाजात लगाकर बैंक खाते खाते खुलवाए और सिम कार्ड खरीदे थे।
यह गिरोह दो साल से धौलपुर में सक्रिय था। अब जून में आगरा में आ गया। जगदीशपुरा में कॉल सेंटर खोलने की तैयारी थी। साइबर सेल के मुताबिक, गिरोह ने ढाई साल में 500 लोगों से तकरीबन 50 लाख की ठगी की है। उनके खाते पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी बैंक, केनरा, सिंडीकेट, बैंक आफ बड़ौदा में हैं। उनकी जानकारी निकलवाई जा रही है।
10 राज्य के लोगों को बनाया शिकार
गिरोह के सरगना नरेश ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि विभिन्न कंपनी के एचआर मैनेजर के नाम से फर्जी आईडी बनाकर एड ओएलएक्स पर डालता है। इसमें शैक्षिक योग्यता तक लिखता है। उत्तर प्रदेश के आगरा, मुरादाबाद, मैनपुरी, बिजनौर, बिहार, दिल्ली, झारखंड, महाराष्ट्र, कन्याकुमारी, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के युवाओं से ठगी की।
युवकों के शैक्षिण प्रमाण पत्र ईमेल, व्हाट्स एप पर मंगवाते थे। पंजीकरण शुल्क के रूप में 15 हजार रुपये लेते थे। नियुक्ति पत्र तक व्हाट्स एप पर भेजते थे। इसके बाद प्रशिक्षण के नाम पर भी रकम जमा कराई जाती थी। मगर, किसी की नौकरी नहीं लगवा सके।
- नरेश सिंह राजपूत निवासी गांव मांगरोल, मनिया, धौलपुर। हाल पता सेक्टर छह आवास विकास कालोनी, थाना जगदीश्पुरा, आगरा।
- अमरेंद्र कुमार मिश्रा निवासी बरगदमा खुर्द, थाना बखिरा, संत कबीर नगर। हाल पता सेक्टर छह आवास विकास कालोनी, आगरा।
ये हुई बरामदगी
4500 रुपये, एक लैपटॉप, तीन मोबाइल, चार सिम, सात एटीएम कार्ड, एक आधार कार्ड, एक पेन कार्ड, चार पासबुक, तीन चेक बुक, दो रजिस्टर, साथ शपथ पत्र, सात त्याग पत्र, दो प्रोत्साहन पत्र, दो नियुक्ति पत्र बरामद किए गए हैं। लैपटॉप में 60 से 70 नियुक्ति पत्र बने हुए मिले हैं।