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मां की पिटाई से बचने को भीख मांग रही थी नौ साल की बेटी, पुलिस को रोते हुए बताई कहानी
Mon, 14 Dec 2020 12:14 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 14 Dec 2020 12:14 AM IST
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बच्चों से पूछताछ करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में भिक्षावृत्ति रोकने के लिए रविवार को भी पुलिस और चाइल्ड लाइन की टीम ने अभियान चलाया। चार बच्चों को रेसक्यू किया गया। इस दौरान नौ साल की बालिका ने पुलिस को बताया कि मां जबरन भिक्षावृत्ति करवाती है। पिता रिक्शा चलाते हैं। उनके जाने पर भीख मांगने के लिए भेज देती है। रुपये लेकर नहीं आने पर पिटाई लगाती है। पुलिस ने चारों बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया है।
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चाइल्ड लाइन की समन्वयक ऋतु वर्मा ने बताया कि एमजी रोड के प्रमुख चौराहों पर बच्चे नजर नहीं आ रहे हैं। इस पर पुलिस ने एमजी रोड से सटे इलाकों में तलाश की। देहली गेट से दो बालक, सदर क्षेत्र से एक बालिका और एक बालक भीख मांगते हुए मिल गए। उनकी काउंसिलिंग की गई।
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देहली गेट पर मिले बालकों में एक की उम्र 13 साल तो दूसरे की नौ साल है। उन्होंने बताया कि पिता और भाई एक चोरी के मामले में जेल में बंद हैं। घर का खर्च चलाने के लिए मां काम करती हैं। जो पैसा आता है, वह केस की पैरवी में चला जाता है। खाने-पीने के लिए कुछ नहीं बच पाता है। इस कारण वह घर से निकल आते हैं। लोगों से कुछ मांगकर ले लेते हैं।
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सदर क्षेत्र में नौ साल की बालिका मिली। उसने मां की पिटाई से बचने के लिए भीख मांगने की बात कही। वहीं सात साल का बालक भी मिला। वह मां के साथ ही भीख मांग रहा था। बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। बालिका और सात साल के बालक की मां भी आ गईं। उनके माफी मांगने पर हिदायत दी गई। इसके बाद बच्चे सुपुर्द कर दिए। वहीं देहली गेट पर मिले बच्चों को अभी परिजनों के सुपुर्द नहीं किया गया है। उनकी काउंसिलिंग की जा रही है।
... तो भिक्षुक गृह में रखे जाएं भिक्षावृत्ति करने वाले लोग
महफूज संस्था के समन्वयक नरेश पारस ने बताया कि एत्माद्दौला के कटरा वजीर खां में भिक्षुक गृह संचालित था। यह समाज कल्याण विभाग संचालित करता था। यह किराये के भवन में चलता था। भवन काफी जर्जर हो गया था। पांच साल पहले यह बंद हो गया। नियमानुसार 18 साल से 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के भिक्षावृत्ति करते मिलने पर भिक्षुक गृह में रखा जाना चाहिए।
यहां उन्हें व्यवसायिक प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। मगर, ऐसा नहीं हो रहा है। स्वरोजगार के लिए भी ऋण दिया जाना चाहिए। मगर, इस प्रक्रिया को नहीं अपनाया जा रहा है। वहीं बच्चों से भिक्षावृत्ति करवाना भी अपराध की श्रेणी में आता है। आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
... तो भिक्षुक गृह में रखे जाएं भिक्षावृत्ति करने वाले लोग
महफूज संस्था के समन्वयक नरेश पारस ने बताया कि एत्माद्दौला के कटरा वजीर खां में भिक्षुक गृह संचालित था। यह समाज कल्याण विभाग संचालित करता था। यह किराये के भवन में चलता था। भवन काफी जर्जर हो गया था। पांच साल पहले यह बंद हो गया। नियमानुसार 18 साल से 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के भिक्षावृत्ति करते मिलने पर भिक्षुक गृह में रखा जाना चाहिए।
यहां उन्हें व्यवसायिक प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। मगर, ऐसा नहीं हो रहा है। स्वरोजगार के लिए भी ऋण दिया जाना चाहिए। मगर, इस प्रक्रिया को नहीं अपनाया जा रहा है। वहीं बच्चों से भिक्षावृत्ति करवाना भी अपराध की श्रेणी में आता है। आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।