आगरा: रकम डूबने पर दवा व्यापारी ने की आत्महत्या, पुलिस ने चिता से उठाई अधजली लाश
दवा व्यापारी रविकांत गुप्ता सोमवार शाम को बल्केश्वर घाट पर अचेत अवस्था में मिले थे। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उनकी पत्नी ने पुलिस को सुसाइड नोट सौंपा है।
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आगरा के कमला नगर के दवा व्यापारी रविकांत गुप्ता की सोमवार शाम को संदिग्ध हालत में मौत हो गई। मंगलवार को परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव बल्केश्वर घाट पर ले आए। चिता सजाकर मुखाग्नि दे दी गई। उधर, पुलिस को व्यापारी की मौत की जानकारी मिली।
पुलिस पहुंची तो चिता जल रही थी। इस पर पानी डालकर बुझाया गया। अधजली लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस का कहना है कि व्यापारी की पत्नी ने चार पन्नों का सुसाइड नोट दिया है। इसमें बाजार में रकम डूबने की वजह से आत्महत्या की बात लिखी है।
कमला नगर के ब्रज विहार में रहने वाले दवा व्यापारी के बड़े भाई विष्णु कांत गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उनका भाई रविकांत (38), पत्नी चंचल गुप्ता और बेटे-बेटी के साथ गुजरात के राजकोट में रहते थे। बेटा 12 साल तो बेटी आठ साल की है।
लॉकडाउन में बंद हो गया था काम
रविकांत दवाओं की ट्रेडिंग का काम करते थे। एक साल पहले कोरोना के चलते लॉकडाउन में काम बंद हो गया। इस पर रविकांत परिवार को लेकर वापस आ गया। कमला नगर के ए-ब्लाक स्थित फूल वाटिका में किराए पर रह रहे थे।
रवि फुव्वारा बाजार से थोक में दवाओं को खरीदकर मेडिकल स्टोर और क्लीनिक पर देते थे। मगर, कामधंधा ठीक नहीं चलने पर आर्थिक तंगी के चलते मानसिक तनाव में थे। सोमवार दोपहर को वह घर से निकले। शाम तकरीबन सात बजे तक नहीं लौटने पर पत्नी चंचल ने फोन किया।
फोन एक राहगीर ने उठाया। कहा कि जिसका फोन है, वह बल्केश्वर घाट पर बेहोश पड़ा है। मुंह से झाग निकल रहे हैं। इस पर पत्नी और परिजन पहुंच गए। रविकांत को एक अस्पताल में लेकर गए। मगर, डॉक्टर ने भर्ती नहीं किया। इस पर एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी ले गए। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मंगलवार की सुबह शव का अंतिम संस्कार करने लगे।
थाना कमला नगर के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना मिलने पर बल्केश्वर घाट पर पुलिस पहुंची थी। अधजली लाश को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पत्नी ने चार पन्नों का एक नोट दिया है। इसमें बाजार में पैसा फंसने की वजह से रविकांत के तनाव में होने की बात कही गई है। आशांका है कि व्यापारी ने विषाक्त पदार्थ खाकर जान दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
सुसाडड नोट में लिखे दवा व्यापारियों के नाम
पुलिस को पत्नी ने पति का चार पन्नों का एक सुसाइड नोट दिया है। इसकी जांच की जा रही है। इस पर रविकांत का नाम लिखा है। इसमें आत्महत्या करने की बात कही गई है। इसमें कई दवा व्यापारियों के नाम है। इसमें करोड़ों का हिसाब किताब लिखा है।
किससे कितनी रकम लेनी है और किसको देनी है, यह बात लिखी गई है। इसके साथ ही बाकी बची हुई रकम पत्नी को देने के लिए कहा है। एक व्यापारी पर 50 लाख, जबकि दूसरे पर 14 लाख रुपये तक बकाया बताया हैं। जिसमें आगरा, राजकोट, पोरबंदर आदि जिलों के व्यापारी हैं। दो व्यापारियों पर रकम बकाया होने की वजह से मरने की बात लिखी है।
रविकांत का सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। इसमें रविकांत ने पत्नी के बारे में लिखा है। उससे कहा है कि चंचल मुझे माफ कर देना। बच्चों को ध्यान से पालना। मैं सभी से हाथ जोड़कर मांफी मागता हूं। भाइयों के लिए भी लिखा है कि माफ कर दें।
चंचल के बारे में लिखा है कि मेरे मरने के बाद अपने घर भाई-भाभी के पास चली जाना। वह लोग बहुत अच्छे हैं, उसका और बच्चों दोनों का ख्याल रखेंगे। अपनी पुरानी जिंदगी नहीं भूल पा रहा है। इसीलिए जा रहा हूं। जिस किसी को यह चिट्ठी मिले, वह इस नंबर पर कॉल कर दे। इस नोट में मोबाइल नंबर भी लिखे हुए थे।
सट्टेबाजों के जाल में फंसे होने की चर्चा
पुलिस के मुताबिक, क्षेत्र में चर्चा है कि व्यापारी सट्टेबाजों के जाल में फंस गया था। सुसाइड नोट में कुछ नाम ऐसे ही हैं। व्यापारी से कई सट्टेबाजों ने रकम ले रखी थी। अब वो रकम नहीं लौटा रहे थे। व्यापारी के रकम वापस मांगने पर धमकी दे रहे थे। इससे रविकांत परेशान हो गया था। तनाव में आ गए।
अब परिजन भी इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। थाना कमला नगर के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि परिजनों ने तहरीर देने आने की बात कही है। अगर, तहरीर देंगे तो मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। सट्टेबाजों के नामों का भी पता चला है। विवेचना के बाद कार्रवाई की जाएगी।