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प्रोफेसर गोलीकांड: पुलिस की चार टीमें...सात दिन, फिर भी हमलावरों का कोई सुराग नहीं
Sun, 05 Jul 2020 12:03 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 05 Jul 2020 12:03 AM IST
सार
- डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के समाज विज्ञान संस्थान के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आरके भारती पर 28 जून की सुबह हमला हुआ था।
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घटनास्थल पर पुलिस (28 जून की तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आरके भारती पर जानलेवा हमले के मामले में सात दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के पास कोई सुराग तक नहीं है। चार टीमें लगाई गईं, लेकिन अभी तक यह भी साफ नहीं हो पाया है कि वारदात के पीछे वजह क्या रही?
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पुलिस का शक है कि प्रोफेसर को तीन गोलियां भाड़े के शूटरों ने मारीं लेकिन 30 कैमरों की सीसीटीवी फुटेज को देखने के बाद भी उनकी पहचान नहीं हो पाई है।
डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के समाज विज्ञान संस्थान के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आरके भारती पर हमला तब हुआ था, जब वो कालिंदी विहार के सौ फुटा रोड पर सुबह की सैर पर निकले थे।
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रेकी करके आए थे बदमाश
बदमाश रेकी करके आए थे। पुलिस ने अब तक दो लाइन पर काम किया। एक तो खंदौली के पोइया की जमीन का विवाद, दूसरा विश्वविद्यालय के प्रकरण। दोनों में 24 लोगों से पूछताछ की गई लेकिन हमले से तार नहीं जुड़ सका।
संबंधित खबर: मॉर्निंग वॉक के दौरान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पर हमलावरों ने बरसाईं गोलियां, हालत गंभीर
ऐसे में पुलिस ने लाइन बदल ली। अब वजह तलाशने के बजाय शूटरों की खोज की जा रही है। अगर वे मिल जाते हैं तो वजह उनसे ही मालूम की जाएगी लेकिन उनकी भी पहचान नहीं हो पा रही है। पुलिस ने एत्माद्दौला, खंदारी, एत्मादपुर के जेल से जमानत पर बाहर चल रहे शूटरों के बारे में भी पड़ताल की है लेकिन हमलावरों तक नहीं पहुंच पाई है।
प्रोफेसर ने बताया, जमीन का विवाद
देहली गेट के अस्पताल में भर्ती प्रोफेसर ने पुलिस को दिए बयान में यही बताया है कि वारदात के पीछे जमीन का विवाद हो सकता है। उनकी किसी से रंजिश नहीं है। प्रोफेसर ने जिन दो भाइयों पर शक किया, उन्हें पुलिस पूछताछ के बाद क्लीन चिट दे चुकी है।
ठोस सुराग नहीं, पर पूछताछ जारी
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद का कहना है कि इस हाईप्रोफाइल केस में अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। चार टीमें लगातार काम कर रही हैं। कई लोगों से पूछताछ चल रही है।
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ऐसे में पुलिस ने लाइन बदल ली। अब वजह तलाशने के बजाय शूटरों की खोज की जा रही है। अगर वे मिल जाते हैं तो वजह उनसे ही मालूम की जाएगी लेकिन उनकी भी पहचान नहीं हो पा रही है। पुलिस ने एत्माद्दौला, खंदारी, एत्मादपुर के जेल से जमानत पर बाहर चल रहे शूटरों के बारे में भी पड़ताल की है लेकिन हमलावरों तक नहीं पहुंच पाई है।
प्रोफेसर ने बताया, जमीन का विवाद
देहली गेट के अस्पताल में भर्ती प्रोफेसर ने पुलिस को दिए बयान में यही बताया है कि वारदात के पीछे जमीन का विवाद हो सकता है। उनकी किसी से रंजिश नहीं है। प्रोफेसर ने जिन दो भाइयों पर शक किया, उन्हें पुलिस पूछताछ के बाद क्लीन चिट दे चुकी है।
ठोस सुराग नहीं, पर पूछताछ जारी
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद का कहना है कि इस हाईप्रोफाइल केस में अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। चार टीमें लगातार काम कर रही हैं। कई लोगों से पूछताछ चल रही है।