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पुलिस आरक्षी भर्ती: 50-50 हजार में बिहार से आए दो सॉल्वर, सख्त पहरे में भी लगा दी सेंध; एक गलती और पकड़ गए
Sun, 18 Feb 2024 12:13 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 18 Feb 2024 12:13 PM IST
सार
पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा में पास कराने के लिए 50-50 हजार रुपये में बिहार से दो सॉल्वर आए थे। पुलिस जांच के दौरान दोनों ही दबोच लिए गए। आरोपियों ने ये भी बताया कि इस परीक्षा में किस तरह सेंध लगाने की तैयारी थी।
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परीक्षा के लिए केंद्र में प्रवेश करते अभ्यर्थी।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
आगरा में कड़ी चौकसी और कई स्तरों पर जांच-पड़ताल के बाद भी जालसाज और सॉल्वर पुलिस आरक्षी भर्ती में सेंध लगाने में कामयाब रहे। पुलिस ने बिहार के दो सॉल्वरों को पकड़ा है। 50-50 हजार रुपये लेकर परीक्षा देने पहुंचे थे, लेकिन जांच में फंस गए।
दोनों सिपाहियों ने भी सेंध लगाई। फिरोजाबाद का सनी चौधरी और फतेहपुर में तैनात आकाश अपने रिश्तेदारों के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचे थे। एक अभ्यर्थी पहली पाली में परीक्षा देने के बाद दूसरी पाली में परीक्षा देने पहुंचा था। उसे लखनऊ मुख्यालय की सूचना के बाद पकड़ा जा सका।
यूपी पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में प्रवेश से दो घंटे पहले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में बुलाया गया था, ताकि उनके दस्तावेजों और फोटो आदि का मिलान अच्छी तरह हो सके। यही कारण रहा कि चार अभ्यर्थी तो बायोमैट्रिक व फोटो मिलान में ही फंस गए। बिहार से आए सॉल्वर मोनू मंडल व विकास ने बताया कि उन्हें परीक्षा में बैठने के एवज में 20-20 हजार रुपये एडवांस मिले थे। परीक्षा पास होने के बाद 30-30 हजार रुपये और मिलते। 50 हजार में पेपर सॉल्व करने आए थे। उन्होंने पूछताछ में बताया कि वह खुद असल अभ्यर्थी को नहीं पहचानते हैं। परीक्षा के लिए आवेदन करते समय फोटो मिक्सिंग करके लगाई गई थीं। ताकि फोटो मिलान के समय कोई दिक्कत नहीं आए। सदर स्थित एनसी वैदिक इंटर कॉलेज में खैर, अलीगढ़ निवासी सनी चौधरी को पकड़ा गया है। वह भी फिरोजाबाद जिले में तैनात सिपाही निकला है। वह पंकज कुमार के स्थान पर आया था, जिसे अपना रिश्तेदार बता रहा है।
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दोस्त की परीक्षा दे दी, अपनी परीक्षा में फंसा
फिरोेजाबाद के रवि कुमार ने एत्मादपुर के वनस्थली कॉलेज में पहली पाली में रामबरन बनकर परीक्षा दी थी। रामबरन उसका दोस्त है। वह रामबरन की परीक्षा देने में सफल रहा, लेकिन अपनी परीक्षा देने ट्रांस यमुना कॉलोनी के रामलखन इंटर कॉलेज में पहुंच गया। यहां दोबारा प्रवेश करने पर लखनऊ मुख्यालय से स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। इस पर रवि कुमार को पकड़ लिया गया। उसने पूछताछ में बताया कि वह रामबरन की परीक्षा देने के बाद दूसरी पाली में खुद अभ्यर्थी था। एसीपी सुकन्या शर्मा ने बताया कि रवि कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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दोनों सिपाहियों ने भी सेंध लगाई। फिरोजाबाद का सनी चौधरी और फतेहपुर में तैनात आकाश अपने रिश्तेदारों के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचे थे। एक अभ्यर्थी पहली पाली में परीक्षा देने के बाद दूसरी पाली में परीक्षा देने पहुंचा था। उसे लखनऊ मुख्यालय की सूचना के बाद पकड़ा जा सका।
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यूपी पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में प्रवेश से दो घंटे पहले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में बुलाया गया था, ताकि उनके दस्तावेजों और फोटो आदि का मिलान अच्छी तरह हो सके। यही कारण रहा कि चार अभ्यर्थी तो बायोमैट्रिक व फोटो मिलान में ही फंस गए। बिहार से आए सॉल्वर मोनू मंडल व विकास ने बताया कि उन्हें परीक्षा में बैठने के एवज में 20-20 हजार रुपये एडवांस मिले थे। परीक्षा पास होने के बाद 30-30 हजार रुपये और मिलते। 50 हजार में पेपर सॉल्व करने आए थे। उन्होंने पूछताछ में बताया कि वह खुद असल अभ्यर्थी को नहीं पहचानते हैं। परीक्षा के लिए आवेदन करते समय फोटो मिक्सिंग करके लगाई गई थीं। ताकि फोटो मिलान के समय कोई दिक्कत नहीं आए। सदर स्थित एनसी वैदिक इंटर कॉलेज में खैर, अलीगढ़ निवासी सनी चौधरी को पकड़ा गया है। वह भी फिरोजाबाद जिले में तैनात सिपाही निकला है। वह पंकज कुमार के स्थान पर आया था, जिसे अपना रिश्तेदार बता रहा है।
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दोस्त की परीक्षा दे दी, अपनी परीक्षा में फंसा
फिरोेजाबाद के रवि कुमार ने एत्मादपुर के वनस्थली कॉलेज में पहली पाली में रामबरन बनकर परीक्षा दी थी। रामबरन उसका दोस्त है। वह रामबरन की परीक्षा देने में सफल रहा, लेकिन अपनी परीक्षा देने ट्रांस यमुना कॉलोनी के रामलखन इंटर कॉलेज में पहुंच गया। यहां दोबारा प्रवेश करने पर लखनऊ मुख्यालय से स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। इस पर रवि कुमार को पकड़ लिया गया। उसने पूछताछ में बताया कि वह रामबरन की परीक्षा देने के बाद दूसरी पाली में खुद अभ्यर्थी था। एसीपी सुकन्या शर्मा ने बताया कि रवि कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।