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Agra News: पुलिस ने विवादित भूमि पर 1.40 करोड़ से बनवाई बैरक...अब कानून ने रोके हाथ

Tue, 28 Oct 2025 02:41 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 28 Oct 2025 02:41 AM IST
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Police built barracks on disputed land for Rs 1.40 crore... now the law stops them
आगरा। वाह री पुलिस। नाई की मंडी थाने में विवादित भूमि पर बैरक खड़ी करा दी। तिमंजिला बिल्डिंग का मुख्यमंत्री से शिलान्यास भी करा लिया। 1.40 करोड़ रुपये खर्च कर डाले। अब स्वामित्व विवाद में हाईकोर्ट ने निर्माण पर रोक लगा दी है।
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पुलिसकर्मियों के रहने के लिए सरकार ने खजाना खोला था। कमिश्नरेट के कई थानों में पुलिस हॉस्टल, बैरक, विवेचना कक्षों का निर्माण शुरू कराया गया। नाई की मंडी थाने के लिए बैरक का प्रस्ताव मांगा। थाने के सामने खाली जगह पुलिस ने चिह्नित की। अगस्त 2023 में यहां 32 लोगों की क्षमता का बैरक हॉस्टल स्वीकृत हो गया। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने 1.77 करोड़ रुपये निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया।
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मार्च 2024 में सीएम योगी आदित्यनाथ ने बैरक की बिल्डिंग निर्माण का शिलान्यास किया। शिलान्यास के चार महीने भी नहीं बीते थे कि एक पक्ष ने निर्माणाधीन बिल्डिंग की भूमि के स्वामित्व पर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। हाईकोर्ट ने स्वामित्व व भूमि विवाद में स्टे आदेश दिए। कानून ने पुलिस के हाथ बांध दिए हैं।
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इधर, जुलाई 2024 से निर्माण बंद पड़ा है। 15 महीनों से बैरक बिल्डिंग अधूरी खड़ी है। आवास एवं विकास परिषद इस बिल्डिंग के निर्माण पर 1.40 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। 15 महीने से खड़ी बिल्डिंग स्टे हटने के इंतजार में निर्माण की गुणवत्ता खराब हो रही है। बिल्डिंग खंडहर की तरह खड़ी है। आवास एवं विकास परिषद निर्माण खंड-1 के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार का कहना है कि हमें जो जमीन पुलिस ने बताई थी। उस पर निर्माण कराया है। निर्माण पर लगी रोक हटवाने के लिए पुलिस विभाग कार्यवाही कर रहा है।


चिकित्सकों को आशियाने का इंतजार
- नाई की मंडी पुलिस की तरह एसएन मेडिकल कॉलेज में भी 58 चिकित्सकों को करीब चार साल से आशियाने का इंतजार है। यहां मार्च 2021 में 40 आवास टाइप-3 और 18 आवास टाइप-4 कुल 58 आवासों के निर्माण के लिए 22.69 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बना था। एसएन प्रशासन की लापरवाही से काम रुक गया। अब नए सिरे से 31.77 करोड़ रुपये का रिवाइज एस्टीमेट बना है। लेकिन, शासन से स्वीकृत नहीं होने के कारण काम शुरू नहीं हो सका। रिवाइज एस्टीमेट के अनुसार 30 जून 2026 तक 58 आवासों का निर्माण पूर्ण होना है।


वर्जन
पुलिस कर रही पैरवी
नाई की मंडी के मामले में पुलिस पैरवी कर रही है। हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
सैयद अली अब्बास, डीसीपी सिटी
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