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वृंदावन: ग्वालियर के दो सगे भाइयों ने की थी ओमैक्स सिटी के फ्लैट में लूट, झांसी से गिरफ्तार
Wed, 06 Jan 2021 12:13 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 06 Jan 2021 12:13 AM IST
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लूट के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन के ओमैक्स सिटी के गोविंदा अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर-102 में व्यापारी सतीश चावला की पत्नी सुनीता चावला को बंधक बनाकर हुई लाखों रूपये की लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। लूट की वारदात को ग्वालियर के सगे भाइयों ने अंजाम दिया था। इनके कब्जे से लूट के जेवरात और नकदी भी बरामद की गई है। बता दें कि दो जनवरी को घर में घुसकर करीब 50 हजार की नकदी और 10 लाख रुपये के जेवरात की लूट हुई थी।
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एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने खुलासे के लिए पांच टीमों को लगाया था। आखिरकार पुलिस ने लुटेरे सगे भाइयों को झांसी से गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने बताया कि वृंदावन कोतवाल अनुज कुमार, एसओजी प्रभारी धीरज गौतम, स्वाट टीम प्रभारी एसआर गौतम समेत टीम ने लूट का खुलासा किया है।
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पकड़े गए लुटेरे धर्मेंद्र मिश्रा उर्फ डेविड पंडित और लोकेंद्र मिश्रा पुत्र रविकांत मिश्रा निवासी भितरवार, ग्वालियर और हाल निवासी शिवाजी नागत, नवाबाद, झांसी हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटे गए जेवरात और नकदी बरामद कर ली गई है। वारदात से पहले दोनों भाइयों ने दो दिन ओमैक्स सिटी में रेकी की थी। एसएसपी ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया है।
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बाइक के लिए बेचे मां के जेवरात
एसपी सिटी उदयशंकर सिंह ने बताया कि लुटेरे वर्ष 2010 में वृंदावन में ही पढ़े थे। उनकी मां यहां पर काम करती थी। यहां से जाने के बाद भी दोनों भाइयों का वृंदावन में आना-जाना लगा रहा। 96 हजार रुपये में मां के जेवरात बेचकर दोनों भाइयों ने एक सेकेंड हैंड बाइक खरीदी। जिसे लूट की वारदात में प्रयोग किया गया।
बाइक के जरिए लुटेरों तक पहुंचे
बाइक के सहारे पुलिस लुटेरों तक पहुंच सकी। सीसीटीवी फुटेज में चेहरा जरूर साफ नहीं आ रहा था, पर बाइक के नंबर के आधार पर पुलिस ने लुटेरों को खोज लिया। सीओ सदर रमेश तिवारी ने बताया कि बाइक से मदद जरूर मिली, इसके अलावा इनके फुटेज भी दोस्तों ने पहचान लिए थे।
एसपी सिटी उदयशंकर सिंह ने बताया कि लुटेरे वर्ष 2010 में वृंदावन में ही पढ़े थे। उनकी मां यहां पर काम करती थी। यहां से जाने के बाद भी दोनों भाइयों का वृंदावन में आना-जाना लगा रहा। 96 हजार रुपये में मां के जेवरात बेचकर दोनों भाइयों ने एक सेकेंड हैंड बाइक खरीदी। जिसे लूट की वारदात में प्रयोग किया गया।
बाइक के जरिए लुटेरों तक पहुंचे
बाइक के सहारे पुलिस लुटेरों तक पहुंच सकी। सीसीटीवी फुटेज में चेहरा जरूर साफ नहीं आ रहा था, पर बाइक के नंबर के आधार पर पुलिस ने लुटेरों को खोज लिया। सीओ सदर रमेश तिवारी ने बताया कि बाइक से मदद जरूर मिली, इसके अलावा इनके फुटेज भी दोस्तों ने पहचान लिए थे।