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UP: सॉल्वर गैंग के तीन सदस्य गिरफ्तार, पुलिसकर्मियों से रखते साठगांठ; वसूलते मनमानी पैसा

Sat, 30 Mar 2024 09:48 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sat, 30 Mar 2024 09:48 PM IST
सार

पुलिस ने सॉल्वर गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये पुलिसकर्मियों से साठगांठ रखते थे। प्रतियोगी परीक्षाओं को पास कराने का ठेका लेकर परीक्षार्थियों से मनमानी पैसा वसूलते थे। 

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police arrested three members of solver gang in competitive examinations In Agra
पुलिस गिरफ्त में सॉल्वर गैंग सदस्य - फोटो : संवाद

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में प्रतियोगी परीक्षाओं में सॉल्वर का इंतजाम करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को थाना हरीपर्वत पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तीनों काफी समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में सॉल्वर उपलब्ध कराते हैं या फिर खुद सॉल्वर बनते हैं। पकड़े गए युवक पुलिसकर्मियों के संपर्क में भी हैं। ये पुलिसकर्मी सॉल्वर बनकर परीक्षाएं देते हैं। छात्रों से मनमानी पैसा वसूलते थे। अब पुलिस ऐसे पुलिसकर्मियों के विरुद्ध साक्ष्य जुटा रही है। ताकि, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।

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डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि साइबर सेल और थाना हरीपर्वत पुलिस ने चेकिंग के दौरान तीन युवकों को पकड़ा। उन्होंने पूछताछ में अपने नाम कुआंखेड़ा, ताजगंज निवासी मनीष कुमार, सारंगपुर, फतेहाबाद निवासी ओमपाल सिंह और नगला बरी, फिरोजाबाद निवासी अरुण यादव बताए। इनके पास से पांच मोबाइल फोन, बाइक, छह फर्जी आधार कार्ड, एक डायरी, प्रवेशपत्र आदि सामान मिला।
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पुलिस ने बताया कि मनीष कुमार के तीन भाई पुलिस और अर्द्ध सैनिक बल में तैनात हैं। वह अभ्यर्थियों के लिए सॉल्वर मुहैया कराने का काम करता है। दूसरा आरोपी ओमपाल सिंह कोचिंग चलता है। वह भर्ती कराने का झांसा देकर युवकों को अपने जाल में फंसाया करता था। 

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पुलिस को बताए सिपाहियों के नाम व पते

वहीं अरुण यादव जनसेवा केंद्र संचालक है। वह कंप्यूटर की मदद से फर्जी प्रपत्र तैयार किया करता था। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि कई सिपाही आरोपी मनीष कुमार के संपर्क में हैं। वह एक परीक्षा में उन्हें एक से डेढ़ लाख रुपये तक देकर दूसरे की एवज में परीक्षा दिलवाता है। परीक्षा देने के लिए सिपाही छुट्टी लेकर आते हैं। उन्होंने कुछ सिपाहियों के नाम व पते भी पुलिस को बताए हैं। 


यह भी बताया कि उन्होंने कौन सी परीक्षाएं फर्जी अभ्यर्थी बनकर दी थीं। सभी सिपाही गैर जनपदों में तैनात हैं। अब पुलिस इन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध साक्ष्य एकत्रित कर रही है। कन्नौज के एक सिपाही के विरुद्ध कुछ साक्ष्य मिले हैं। डीसीपी सिटी ने बताया कि फर्जीवाड़े में संलिप्त पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इन्हें भी सूचीबद्ध किया जाएगा। गैंगस्टर की कार्रवाई होगी।

यूपी पुलिस की परीक्षा में पकड़े गए थे 25 सॉल्वर

जिले के विभिन्न केंद्रों पर फरवरी में आयोजित की गई उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में 25 सॉल्वर पकड़े गए थे। इनमें बिहार के भी तीन सॉल्वर शामिल थे। दो पुलिसकर्मी भी गिरफ्तार करके जेल भेजे गए थे। अब पुलिस दोबारा से इन परीक्षाओं में बैठने वाले आरोपियों का ब्योरा खंगाल रही है।

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