Agra: स्वर्ण मंदिर की घटना पर बोले हास्य कवि वाहे गुरु-ऐसा व्यक्ति सरदार नहीं हो सकता, चुटकुलों से किया लोटपोट
आगरा के अमर उजाला कार्यालय पहुंचे हास्य कवि वाहे गुरु भाटिया ने तिरंगा लगाने की वजह से युवती को स्वर्ण मंदिर में जाने से रोकने पर कहा कि ऐसा व्यक्ति सरदार नहीं हो सकता। इसके बाद उन्होंने अपने चुटकुलों से मौजूद लोगों को लोटपोट कर दिया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा पहुंचे हास्य कवि, लेखक, विचारक वाहे गुरु भाटिया ने अमर उजाला की 75 वर्षों की यात्रा पर शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर उन्होंने पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में चेहरे में तिरंगा लगा होने की वजह से एक युवती को जाने से रोकने पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग सरदार हो ही नहीं सकते।
दरअसल, दो दिन पहले एक सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें एक युवती के साथ एक युवक मंदिर के गेट पर खड़े सरदार से बातचीत करते दिख रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि युवती को स्वर्ण मंदिर में इसलिए प्रवेश नहीं दिया गया क्योंकि वह चेहरे पर तिरंगा लगाए हुई थी।
तिरंगे के लिए भगत सिंह हंसते हंसते फांसी पर चढ़ गए
इस पर हास्य कवि वाहे गुरु भाटिया ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि तिरंगे के लिए भगत सिंह हंसते हंसते फांसी पर चढ़ गए। हम कौन होते हैं किसी को तिरंगे के साथ प्रवेश से रोकने वाले। कहा कि तिरंगा मेरे वतन का है। मैं खुल्लम खुल्ला उसे संदेश दे रहा हूं कि वह सरदार हो ही नहीं सकता। उन्होंने कहा कि हमारे ग्रंथ साहब के अंदर प्रभुश्री राम की वाणियां हैं। हम होते कौन हैं रोकने वाले।
Khalistanis taking over Golden Temple!
— JIX5A (@JIX5A) April 17, 2023
Woman denied entry to Golden Temple because she had a India 🇮🇳 flag painted on her face! The man who denied her entry into Golden Temple said this is Punjab, not India 😡 @AmitShah pic.twitter.com/bnzUzEqLvM
इसके बाद उन्होंने अपने स्वभाव के मुताबिक कुछ हास्य की पंक्तियां भी सुनाईं। उनके हास्य के चुटकुले सुनकर मौजूद लोग हंसी से लोटपोट हो गए। उन्होंने कोरोना पर कई सारे चुटकुले सुनाए। आइए पढ़तें हैं वाहे गुरु भाटिया के चुटकुले...
चुटकुले सुन हो जाएंगे लोटपोट
कहा कि... कोरोना चीन से आया। चीन जिसकी खुद की आंखे नहीं खुलतीं उसने पूरे विश्व की आंखे खोल दीं। चीन में सब दो फुटे लोग होते हैं, यदि वहीं कभी कोई लंबा आदमी मिल जाए तो समझ लेना चाहिए कि हमारे पुरखों का वहां आना जाना रहा है।
कहा कि कोरोना का नाम हमारी महिलाओं ने रखा...जब तक कोरोना नहीं आया था तब घर कि महिलाएं कहती अजी ये करोना...वो करोना...महिलाओं ने कोरोना को इतना याद किया कि कोरोना आ गया...
इसके बाद उन्होंने लॉकडाउन के अनुभव और पुलिस की मारपीट पर भी कई चुटकुले सुनाए। साथ ही बच्चों को स्कूल भेजने पर...जुड़वां बच्चों पर सुनाएं अपने चुटकुलों से मौजूद लोगों का दिल जीत लिया।
आइए आगे देखते हैं पूरा वीडियो...