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Agra News: बैंक के खिलाफ दायर की गई याचिका खारिज
Mon, 26 Aug 2024 11:12 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Mon, 26 Aug 2024 11:12 PM IST
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मैनपुरी। बैंक से केसीसी लोन के मामले में रिटायर अमीन द्वारा दायर की गई याचिका औचित्यहीन पाकर खारिज कर दी गई है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया है।
तहसील करहल के गांव इकहरा के रहने वाले रिटायर अमीन विजय सिंह ने एक याचिका जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में दायर की। याचिका में कहा कि उसने केसीसी से तीन लाख के लोन के लिए बैंक ऑफ इंडिया शाखा बरनाहल में 13 सितंबर 2022 को आवेदन किया था। बैंक ने 31 दिसंबर 2022 को उसका लोन मंजूर करके उसके खाते में 205241 रुपये जमा कर दिए। लेकिन उसको रुपये निकालने से पहले जमीन बंधक रखने की औपचारिकताएं पूरी करने को कहा।
विजय सिंह ने बंधक संबंधी औपचारिकताएं पूरी किए बिना ही 1.60 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करने के लिए दोबारा आवेदन किया। इस धनराशि पर बंधक संबंधी औपचारिकताएं पूरी नहीं करनी पड़ती हैं। बैंक ने उसका आवेदन निरस्त कर दिया। विजय सिंह ने एक याचिका जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में दायर करके 1.60 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराने की मांग की। बैंक के वकील ने आयोग में बैंक का पक्ष रखा। दोनों पक्षों को सुनकर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष शशिभूषण पांडेय, सदस्य नीतिका दास, नंद कुमार ने याचिका औचित्यहीन पाकर खारिज कर दी है।
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तहसील करहल के गांव इकहरा के रहने वाले रिटायर अमीन विजय सिंह ने एक याचिका जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में दायर की। याचिका में कहा कि उसने केसीसी से तीन लाख के लोन के लिए बैंक ऑफ इंडिया शाखा बरनाहल में 13 सितंबर 2022 को आवेदन किया था। बैंक ने 31 दिसंबर 2022 को उसका लोन मंजूर करके उसके खाते में 205241 रुपये जमा कर दिए। लेकिन उसको रुपये निकालने से पहले जमीन बंधक रखने की औपचारिकताएं पूरी करने को कहा।
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विजय सिंह ने बंधक संबंधी औपचारिकताएं पूरी किए बिना ही 1.60 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करने के लिए दोबारा आवेदन किया। इस धनराशि पर बंधक संबंधी औपचारिकताएं पूरी नहीं करनी पड़ती हैं। बैंक ने उसका आवेदन निरस्त कर दिया। विजय सिंह ने एक याचिका जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में दायर करके 1.60 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराने की मांग की। बैंक के वकील ने आयोग में बैंक का पक्ष रखा। दोनों पक्षों को सुनकर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष शशिभूषण पांडेय, सदस्य नीतिका दास, नंद कुमार ने याचिका औचित्यहीन पाकर खारिज कर दी है।
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