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सीतापुर एसपी के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर, 12 नवंबर को होगी सुनवाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
Updated Tue, 06 Nov 2018 07:54 PM IST
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एसपी सीतापुर प्रभाकर चौधरी (फाइल फोटो)
मैनपुरी के सीजेएम कोर्ट में सीतापुर एसपी के खिलाफ याचिका दायर की गई है। सीजेएम ने याचिका को पंजीकृत करके संज्ञान लेते हुए सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख तय कर दी है। दीवानी के वकील अजीतकांत मिश्रा ने अपने अधिवक्ता सौरभ यादव के माध्यम से याचिका दायर कराई है।
याचिका में कहा है कि 31 अक्तूबर को सीतापुर में वकीलों और पुलिस के बीच हुई कहासुनी के बाद एसपी सीतापुर प्रभाकर चौधरी ने पुलिस का समर्थन करते हुए समस्त वकीलों के प्रति अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया।
सोशल मीडिया पर एसपी ने लिखा कि नागरिकों के दिल में व्याप्त वकीलों की दहशत को दूर करना मेरी प्राथमिकता है। उनका यह कृत्य वकील समुदाय पर सीधा आरोप है। इससे अधिवक्ता समाज अपने आप को अपमानित महसूस कर रहा है।
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याचिका में कहा है कि 31 अक्तूबर को सीतापुर में वकीलों और पुलिस के बीच हुई कहासुनी के बाद एसपी सीतापुर प्रभाकर चौधरी ने पुलिस का समर्थन करते हुए समस्त वकीलों के प्रति अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया।
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सोशल मीडिया पर एसपी ने लिखा कि नागरिकों के दिल में व्याप्त वकीलों की दहशत को दूर करना मेरी प्राथमिकता है। उनका यह कृत्य वकील समुदाय पर सीधा आरोप है। इससे अधिवक्ता समाज अपने आप को अपमानित महसूस कर रहा है।
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एसपी को दंडित करने की मांग
दीवानी परिसर में खड़े अधिवक्ता
- फोटो : अमर उजाला
याचिका में एसपी सीतापुर प्रभाकर चौधरी को तलब करके दंडित करने की मांग की है। याचिका पर संज्ञान लेते हुए सीजेएम ने याचिका को पंजीकृत करके सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख तय कर दी है।
सीतापुर में वकीलों से हटाई जाए रासुका
उधर, सीतापुर में पुलिस और वकीलों के बीच हुए विवाद के बाद भोगांव के वकीलों ने कार्य बहिष्कार करके तहसील परिसर में नारेबाजी की। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया। इसमें कहा है कि सीतापुर कांड के बाद एसपी सीतापुर की भूमिका तानाशाही की रही है।
सोशल और प्रिंट मीडिया पर समस्त वकीलों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी कर रहे हैं। सीतापुर के पांच वकीलों पर रासुका लगाकर शातिर अपरोधियों की तरह इनाम घोषित कर दिया गया है। ज्ञापन में रासुका तथा घोषित की गई इनाम की धनराशि हटाने की मांग की है।
सीतापुर में वकीलों से हटाई जाए रासुका
उधर, सीतापुर में पुलिस और वकीलों के बीच हुए विवाद के बाद भोगांव के वकीलों ने कार्य बहिष्कार करके तहसील परिसर में नारेबाजी की। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया। इसमें कहा है कि सीतापुर कांड के बाद एसपी सीतापुर की भूमिका तानाशाही की रही है।
सोशल और प्रिंट मीडिया पर समस्त वकीलों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी कर रहे हैं। सीतापुर के पांच वकीलों पर रासुका लगाकर शातिर अपरोधियों की तरह इनाम घोषित कर दिया गया है। ज्ञापन में रासुका तथा घोषित की गई इनाम की धनराशि हटाने की मांग की है।