मथुरा: फरह में मीट को लेकर बवाल, युवकों ने की तोड़फोड़, धड़ाधड़ गिरे दुकानों के शटर
मथुरा के फरह में मीट विक्रेता द्वारा ग्राहक को चाकू मारने का मामला तूल पकड़ गया। सोमवार को कुछ युवकों ने एक बस्ती में तोड़फोड़ कर दी। इस पर दूसरे पक्ष के लोगों ने भी तोड़फोड़ की। जिससे फरह का माहौल गर्मा गया।
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मथुरा के फरह कस्बा के कोलीपाड़ा में सोमवार को तोड़फोड़ और बवाल से माहौल गर्मा गया। बाजार में दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिर गए। पुलिस के आने से पहले दोनों समुदाय के युवक भाग खड़े हुए। लाठी-डंडों से लैस नकाबपोश युवकों को देख लोगों में दहशत व्याप्त हो गई थी। रविवार को युवक को चाकू मारने वाले मीट विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई न होने से युवकों में उबाल दिखा।
परखम चौराहे के पास रविवार की शाम मीट विक्रेता काले ने रहीमपुर के दीपक को चाकू मारकर घायल कर दिया था। केवल दीपक ने खराब मीट का पीस बदलने की कह दी थी। हालांकि इस मामले में पुलिस ने देरशाम को राजीनामा कराकर काले और दीपक को छोड़ दिया। पुलिस की इस लापरवाही का खामियाजा सोमवार को देखने को मिला।
समुदाय विशेष की बस्ती में मचाया उत्पात
एकत्रित हुए युवकों ने एक समुदाय की बस्ती में दो बाइकों, इकबाल, सलीम के घर के दरवाजे, फारूक काजी, सलीम मिस्त्री का बिजली मीटर तोड़कर उत्पात मचाया। बस्ती के लोगों ने पथराव किया तो युवक भाग खड़े हुए। विरोध में मुस्लिम युवकों ने कोलीपाड़ा में मोहन सिंह के घर के शीशे और रामजीलाल मिस्त्री का ऑटो के शीशे तोड़ डाले।
इससे दो समुदाय के आमने-सामने आने से माहौल गर्मा गया। फरह का बाजार बंद हो गया। गनीमत रही कि कोई घायल नहीं हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को संभाला। फिलहाल बस्ती और कोलीपाड़ा में पुलिसबल तैनात कर दिया गया है। एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि उपद्रवियों को चिन्हित किया जा रहा है। जल्द ही सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की लापरवाही आई सामने
चाकू मारकर युवक दीपक को घायल करने वाले मीट विक्रेता काले के खिलाफ कोई कार्रवाई न करना फरह पुलिस की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है। पुलिस की इस लापरवाही का नतीजा यह रहा कि सोमवार को तीन घंटे तक जमकर दोनों समुदाय के युवकों ने तोड़फोड़ करके उत्पात मचाया। गनीमत रही कि इस तांडव में कोई घायल नहीं हुआ।
लोगों का कहना है कि पुलिस को काले के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी, पर पुलिस ने ऐसा नहीं किया। इधर, परखम चौराहे के पास घनी आबादी में मीट की बिना लाइसेंस की बिक्री होने से लोगों में काफी आक्रोश है। लोगों का यह भी आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत से यह मीट विक्रेता पनप रहे हैं। घनी आबादी में मीट की बिक्री से हर समय बदबू बनी रहती है। कई बार इसकी शिकायत की गई, पर इन मीट की दुकानों को नहीं हटाया गया।