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गैर मजहब के पुरुष से शादी पर दलित विधवा का दुश्मन बना पूरा गांव
ब्यूरो/अमर उजाला खंदौली/बरहन ( आगरा)
Updated Sat, 16 Sep 2017 11:04 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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खंदौली के उस्मानपुर गांव में पंचों ने 40 साल की दलित विधवा को गांव बदर करने का फरमान सुना दिया। महिला के बेटों ने पंचों के फैसले पर अमल करते हुए उससे नाता तोड़कर शनिवार को उसे गांव से निकाल दिया।
परिवार और पूरा गांव उसका दुश्मन इसलिए बना है, क्योंकि उसने जमालपुर भैंस गांव निवासी दूसरे समुदाय के पुरुष से प्रेम विवाह किया है। एक बच्चे को जन्म भी दे चुकी है। घर और गांव से निकाल दिए जाने के बाद प्रेमी ने ही उसे अपने पास रखा है।
महिला के पहले पति की मौत सात साल पहले हो चुकी है। उसके सात बच्चे है। दो बेटियों की शादी भी हो चुकी है। बेटे मजदूरी करते हैं। महिला शादी समारोह में पूड़ी बेलने का काम करती है। जमालपुर गांव का दूसरे समुदाय का पुरुष भी शादी समारोह में तंदूर पर रोटी सेंकने का काम करता है।
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दोनों की मुलाकात हुई और बात होते- होते आपस में प्रेम संबंध हो गए। महिला का कहना है कि वह उससे कोर्ट में शादी कर चुकी है। तीन दिन पूर्व महिला ने बच्चे को जन्म दिया तो गांव में हंगामा खड़ा हो गया।
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परिवार और पूरा गांव उसका दुश्मन इसलिए बना है, क्योंकि उसने जमालपुर भैंस गांव निवासी दूसरे समुदाय के पुरुष से प्रेम विवाह किया है। एक बच्चे को जन्म भी दे चुकी है। घर और गांव से निकाल दिए जाने के बाद प्रेमी ने ही उसे अपने पास रखा है।
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महिला के पहले पति की मौत सात साल पहले हो चुकी है। उसके सात बच्चे है। दो बेटियों की शादी भी हो चुकी है। बेटे मजदूरी करते हैं। महिला शादी समारोह में पूड़ी बेलने का काम करती है। जमालपुर गांव का दूसरे समुदाय का पुरुष भी शादी समारोह में तंदूर पर रोटी सेंकने का काम करता है।
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दोनों की मुलाकात हुई और बात होते- होते आपस में प्रेम संबंध हो गए। महिला का कहना है कि वह उससे कोर्ट में शादी कर चुकी है। तीन दिन पूर्व महिला ने बच्चे को जन्म दिया तो गांव में हंगामा खड़ा हो गया।
पुरुष की तीसरी तो महिला की दूसरी शादी
जमालपुर भैंस निवासी पुरुष की महिला से यह तीसरी शादी है, उसकी पहली बीवी का इंतकाल हो चुका है। दूसरी बीवी से चार बच्चे हैं। दूसरी बीवी का कहना है कि उसे शौहर के इस निकाह से कोई एतराज नहीं है।
महिला का कहना है कि वह बेटों के पास नहीं जाना चाहती है। गांव की पंचायत ने उसके खिलाफ फरमान सुनाया है। अगर वह वहां गई तो उसकी जान को खतरा हो सकता है। वह अब यहीं रहेगी।
वहीं महिला के बेटों का कहना है कि उसने सही काम नहीं किया है, उससे अब कोई वास्ता नहीं है। वह उसका मुंह भी नहीं देखना चाहते हैं, जो पूरे गांव का फैसला है, वह उसके साथ हैं।
महिला का कहना है कि वह बेटों के पास नहीं जाना चाहती है। गांव की पंचायत ने उसके खिलाफ फरमान सुनाया है। अगर वह वहां गई तो उसकी जान को खतरा हो सकता है। वह अब यहीं रहेगी।
वहीं महिला के बेटों का कहना है कि उसने सही काम नहीं किया है, उससे अब कोई वास्ता नहीं है। वह उसका मुंह भी नहीं देखना चाहते हैं, जो पूरे गांव का फैसला है, वह उसके साथ हैं।
सभी बिरादरियों की हुई पंचायत
महिला बच्चे को लेकर गांव में पहुंची तो सभी बिरादरियों की पंचायत बैठ गई। उन्होंने साफ कहा कि महिला को गांव में नहीं रहने दिया जाएगा। महिला ने दूसरे समुदाय के पुरुष से शादी कर और उसके बच्चे को जन्म देकर ठीक नहीं किया है।
इस पर शनिवार को उसके बेटों ने भी उसे गांव से निकाल दिया। इसकी सूचना पुलिस को मिली। मुड़ी चौकी इंचार्ज बलराम सिंह ने बताया कि सूचना पर पुलिस गांव गई थी, लेकिन तब तक महिला गांव से जा चुकी थी।
इस पर शनिवार को उसके बेटों ने भी उसे गांव से निकाल दिया। इसकी सूचना पुलिस को मिली। मुड़ी चौकी इंचार्ज बलराम सिंह ने बताया कि सूचना पर पुलिस गांव गई थी, लेकिन तब तक महिला गांव से जा चुकी थी।