{"_id":"5e80d5e28ebc3e773e231caf","slug":"people-can-not-sleep-get-advice-from-psychiatrist-about-corona-virus","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कोरोना वायरस ने उड़ाई लोगों की नींद, लॉकडाउन में मनोचिकित्सक से ले रहे सलाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना वायरस ने उड़ाई लोगों की नींद, लॉकडाउन में मनोचिकित्सक से ले रहे सलाह
Mon, 30 Mar 2020 12:02 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 30 Mar 2020 12:02 AM IST
विज्ञापन
कोरोना वायरस(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : pixabay
कब खत्म होगा कोरोना, कितने और मरीज मिल गए, मौत कितनी हो गई। लॉकडाउन कब खत्म होगा, कब घरों से बाहर निकल सकेंगे। ऐसी तमाम चिंताओं और तनाव से लोगों की नींद उड़ गई है। बेचैनी, घबराहट, चिड़चिड़ेपन की भी समस्या है। मानसिक रोग विशेषज्ञ इसकी वजह लोगों के बायलॉजिकल सिस्टम का प्रभावित होने की वजह बता रहे हैं।
लॉकडाउन होने के बाद से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से बदल गई है। टीवी, सोशल मीडिया, अखबार में खबरें-संदेश और यहां तक बातचीत भी कोरोना वायरस पर ही हो रही है। लोग डर से तनाव में रहने लगे हैं। असर दिनचर्या पर पड़ा है।
लोग मानसिक रोग विशेषज्ञों के पास फोन पर नींद नहीं आने, घबराहट की शिकायत कर रहे हैं। कोरोना वायरस से संबंधित जानकारी के लिए बार-बार टीवी, मोबाइल देखने की समस्या भी बताई जा रही है। अभी मानसिक रोग विशेषज्ञों के पास आने वाली समस्याओं में दस फीसदी लोगों की यही शिकायत होती है, यह आंकड़ा बढ़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
लॉकडाउन होने के बाद से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से बदल गई है। टीवी, सोशल मीडिया, अखबार में खबरें-संदेश और यहां तक बातचीत भी कोरोना वायरस पर ही हो रही है। लोग डर से तनाव में रहने लगे हैं। असर दिनचर्या पर पड़ा है।
विज्ञापन
लोग मानसिक रोग विशेषज्ञों के पास फोन पर नींद नहीं आने, घबराहट की शिकायत कर रहे हैं। कोरोना वायरस से संबंधित जानकारी के लिए बार-बार टीवी, मोबाइल देखने की समस्या भी बताई जा रही है। अभी मानसिक रोग विशेषज्ञों के पास आने वाली समस्याओं में दस फीसदी लोगों की यही शिकायत होती है, यह आंकड़ा बढ़ रहा है।
विज्ञापन
Trending Videos
वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. यूसी गर्ग व डॉ. दिनेश राठौर
- फोटो : अमर उजाला
संवाद प्राकृतिक प्रवृत्ति, नींद पर पड़ा असर: डॉ. दिनेश राठौर
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि लॉकडाउन होने से बायलॉजिकल बदलाव आया है। कोरोना की दहशत भी है। इससे लोग बेहद आशंकित हैं। इसका सीधा असर नींद पर पड़ा है। नींद पूरी न होने पर चिचिड़ापन, बेेचैनी, जल्द गुस्सा आना, तेज आवाज में बोलने की परेशानी होने लगती हैं। घबराएं नहीं लॉकडाउन भी कोरोना से बचाने के लिए है।
आशंका से तनाव, बेचैन से गायब हुई नींद: डॉ. यूसी गर्ग
वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. यूसी गर्ग का कहना है कि लोगों से बातचीत, सामाजिक कार्यक्रमों में शिरकत करना मानवीय प्रवृत्ति है, यह बंद होने से लोग बेचैन हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण की आशंका से तनाव और ज्यादा बढ़ गया है। इससे नींद कम होना, किसी कार्य में मन न लगने की शिकायत लोगों में मिल रही है, लेकिन लॉकडाउन में घर में खुद का व्यस्त कर इस पर काबू पाया जा सकता है।
यह करें लोग:
- सोने से घंटे-दो घंटे पहले चॉय-कॉफी और धूम्रपान कतई न करें।
- नींद न आए तो लेटने के बजाए टहलें, पुस्तक पढ़ें। नींद जल्द आएगी।
- खाली समय में चित्रकारी, गाने, सजावट का शौक पूरा कर सकते हैं।
- 20-30 मिनट शाम को तेज गति से टहलें, थकान होने से नींद आएगी।
- घरेलू कार्यों में हाथ बटाएं, बच्चों को पढ़ाने और उनके साथ खेलने में समय बिताएं।
- शादी की वीडियो, एलबम देखें। यादें ताजा होंगी, दिमाग को आराम मिलेगा।
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि लॉकडाउन होने से बायलॉजिकल बदलाव आया है। कोरोना की दहशत भी है। इससे लोग बेहद आशंकित हैं। इसका सीधा असर नींद पर पड़ा है। नींद पूरी न होने पर चिचिड़ापन, बेेचैनी, जल्द गुस्सा आना, तेज आवाज में बोलने की परेशानी होने लगती हैं। घबराएं नहीं लॉकडाउन भी कोरोना से बचाने के लिए है।
आशंका से तनाव, बेचैन से गायब हुई नींद: डॉ. यूसी गर्ग
वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. यूसी गर्ग का कहना है कि लोगों से बातचीत, सामाजिक कार्यक्रमों में शिरकत करना मानवीय प्रवृत्ति है, यह बंद होने से लोग बेचैन हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण की आशंका से तनाव और ज्यादा बढ़ गया है। इससे नींद कम होना, किसी कार्य में मन न लगने की शिकायत लोगों में मिल रही है, लेकिन लॉकडाउन में घर में खुद का व्यस्त कर इस पर काबू पाया जा सकता है।
यह करें लोग:
- सोने से घंटे-दो घंटे पहले चॉय-कॉफी और धूम्रपान कतई न करें।
- नींद न आए तो लेटने के बजाए टहलें, पुस्तक पढ़ें। नींद जल्द आएगी।
- खाली समय में चित्रकारी, गाने, सजावट का शौक पूरा कर सकते हैं।
- 20-30 मिनट शाम को तेज गति से टहलें, थकान होने से नींद आएगी।
- घरेलू कार्यों में हाथ बटाएं, बच्चों को पढ़ाने और उनके साथ खेलने में समय बिताएं।
- शादी की वीडियो, एलबम देखें। यादें ताजा होंगी, दिमाग को आराम मिलेगा।