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10 राष्ट्रीय पक्षी मोरों की मौत, दौड़ी वन विभाग की टीम
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कासगंज में मोरों की मौत के बाद मौके पर पहुंचे डीएफओ दिवाकर वशिष्ट पूछताछ करते
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। शहर के अमांपुर रोड पर रेलवे के खाली प्लॉट की झाड़ियों में रविवार को दस मोरों की मौत हो गई। मोरों की मौत की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और मृत मोरों को पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सालय भेजा। पोस्टमार्टम में प्रथम दृष्टया मोरों की मौत का कारण ठंड माना गया है। सभी मृत मोरों का बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है। अब आगरा की प्रयोगशाला में जांच के बाद मोरों की मौत का कारण स्पष्ट होगा।
कोठीवाल आढ़तिया महाविद्यालय के समीप रविवार सुबह सड़क किनारे से गुजर रहे लोगों ने रेलवे की खाली पड़ी जगह में सड़क किनारे 4-5 मोर मृत अवस्था में देखे। सूचना पर यूपी 112 पुलिस और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुुंच गए। इसके बाद वन विभाग की टीम ने झाड़ियों में सर्च ऑपरेशन चलाया। तलाशी में कुल 10 मोर मृत मिले।
सभी मृत मोरों को वन विभाग की टीम ने पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सालय भेजा। यहां चिकित्सकों की टीम ने मोरों का पोस्टमार्टम किया और प्रथम दृष्टया पाया कि ठंड से मोरों की मौत हुई है। स्पष्ट कारण जानने के लिए पशु चिकित्सकों की टीम ने मृत मोरों का बिसरा सुरक्षित कर लिया है। आगरा प्रयोगशाला में जांच के बाद ही मौत का कारण साफ होगा।
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डीएफओ ने दिए मुकदमा दर्ज के आदेश
कासगंज। मोरों की मौत की सूचना पर प्रभागीय वन अधिकारी दिवाकर वशिष्ठ भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने झाड़ियों में निरीक्षण कर काफी देर तक मौत का कारण जानने का प्रयास किया। डीएफओ ने वन निरीक्षक को निर्देश दिए हैं कि अज्ञात में मौत का मामला दर्ज करें और जांच करें। वन विभाग ने मुकदमा दर्ज करा दिया है।
आसपास के खेतों और दुग्ध प्लांट से लिए नमूने
कासगंज। वन विभाग की टीम ने आसपास के खेतों और समीप के एक दुग्ध प्लांट से केमिकल के नमूने लिए। खेतों से लिए मिट्टी के नमूनों की जांच वन विभाग कृषि विभाग के माध्यम से कराएगा। इससे स्पष्ट होगा कि कहीं केमिकल युक्त मिट्टी में चुंगने से तो मोरों की मौत नहीं हुई है।
पहले भी मर चुके हैं मोर
कासगंज। लगभग तीन साल पहले कासगंज क्षेत्र के गांव किशोरपुर में मटर के खेत में चार मोरों की मौत हुई थी। वन विभाग की टीम ने जांच में पाया था कि मटर की फसल पर किए गए कीटनाशक के छिड़काव के बाद केमिकलयुक्त दाना चुगने से मोरों की मौत हुई थी।
बिसरा रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा कारण
- मृत मोरों का बिसरा सुरक्षित करा लिया गया है। आगरा की प्रयोगशाला में जांच के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। आसपास खेतों और दुग्ध प्लांट से नमूने संकलित कराने के निर्देश दिए हैं। अज्ञात में मोरों की मौत के मामले में मुकदमा दर्ज कराया है।
- दिवाकर वशिष्ठ, डीएफओ
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कोठीवाल आढ़तिया महाविद्यालय के समीप रविवार सुबह सड़क किनारे से गुजर रहे लोगों ने रेलवे की खाली पड़ी जगह में सड़क किनारे 4-5 मोर मृत अवस्था में देखे। सूचना पर यूपी 112 पुलिस और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुुंच गए। इसके बाद वन विभाग की टीम ने झाड़ियों में सर्च ऑपरेशन चलाया। तलाशी में कुल 10 मोर मृत मिले।
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सभी मृत मोरों को वन विभाग की टीम ने पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सालय भेजा। यहां चिकित्सकों की टीम ने मोरों का पोस्टमार्टम किया और प्रथम दृष्टया पाया कि ठंड से मोरों की मौत हुई है। स्पष्ट कारण जानने के लिए पशु चिकित्सकों की टीम ने मृत मोरों का बिसरा सुरक्षित कर लिया है। आगरा प्रयोगशाला में जांच के बाद ही मौत का कारण साफ होगा।
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डीएफओ ने दिए मुकदमा दर्ज के आदेश
कासगंज। मोरों की मौत की सूचना पर प्रभागीय वन अधिकारी दिवाकर वशिष्ठ भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने झाड़ियों में निरीक्षण कर काफी देर तक मौत का कारण जानने का प्रयास किया। डीएफओ ने वन निरीक्षक को निर्देश दिए हैं कि अज्ञात में मौत का मामला दर्ज करें और जांच करें। वन विभाग ने मुकदमा दर्ज करा दिया है।
आसपास के खेतों और दुग्ध प्लांट से लिए नमूने
कासगंज। वन विभाग की टीम ने आसपास के खेतों और समीप के एक दुग्ध प्लांट से केमिकल के नमूने लिए। खेतों से लिए मिट्टी के नमूनों की जांच वन विभाग कृषि विभाग के माध्यम से कराएगा। इससे स्पष्ट होगा कि कहीं केमिकल युक्त मिट्टी में चुंगने से तो मोरों की मौत नहीं हुई है।
पहले भी मर चुके हैं मोर
कासगंज। लगभग तीन साल पहले कासगंज क्षेत्र के गांव किशोरपुर में मटर के खेत में चार मोरों की मौत हुई थी। वन विभाग की टीम ने जांच में पाया था कि मटर की फसल पर किए गए कीटनाशक के छिड़काव के बाद केमिकलयुक्त दाना चुगने से मोरों की मौत हुई थी।
बिसरा रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा कारण
- मृत मोरों का बिसरा सुरक्षित करा लिया गया है। आगरा की प्रयोगशाला में जांच के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। आसपास खेतों और दुग्ध प्लांट से नमूने संकलित कराने के निर्देश दिए हैं। अज्ञात में मोरों की मौत के मामले में मुकदमा दर्ज कराया है।
- दिवाकर वशिष्ठ, डीएफओ