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Agra News: नए नियमों से पेंशनर्स हो रहे परेशान, डीएम से की शिकायत
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आगरा। स्वास्थ्य विभाग की नई व्यवस्थाओं से जिले के करीब 35 हजार वरिष्ठ पेंशनर्स परेशान हैं। सीएमओ और सीएमएस कार्यालय द्वारा चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के लिए बनाए गए नए नियमों के कारण जीवन के अंतिम पड़ाव में बुजुर्गों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर उत्तर प्रदेश राजकीय सिविल पेंशनर्स परिषद ने बुधवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल को ज्ञापन सौंपकर राहत की गुहार लगाई है।
परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेशचंद्र और प्रांतीय महामंत्री केके अवस्थी ने बताया कि सीएमओ कार्यालय में पेंशनर्स के चिकित्सा दावे 3-4 माह तक लंबित पड़े रहते हैं। वर्तमान में निजी अस्पतालों में इलाज पर सीएमओ द्वारा स्वयं निर्मित आपातकालीन उपचार प्रमाणपत्र (चिकित्सक से प्रमाणित) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह चिकित्सा परिचर्या नियमावली 2011, 2014 और 2016 के विरुद्ध है। परिषद ने मांग की है कि इस नए प्रारूप को रद्द कर दावों का भुगतान अधिकतम 15 दिन में सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान प्रांतीय कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश श्रीवास्तव, लक्ष्मी नारायण शर्मा, अखिलेश मिश्रा, तरुण शर्मा, पुष्पनाथ शर्मा, सतीश शर्मा, महेश चंद बघेल, जवाहर सिंह वर्मा आदि उपस्थित रहे।
ये मांगें भी उठाईं
- जिला चिकित्सालय, एसएन मेडिकल, बैंक, डाकघर और रेलवे स्टेशन पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था लागू हो।
- 17 दिसंबर को होने वाले पेंशन डे में सीएमओ और पेंशन निदेशक की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए।
- अकेले रह रहे बुजुर्गों की थाने और पुलिस चौकियों पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई हो।
- पेंशनर्स की स्थानीय समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए एडीएम स्तर के एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाए।
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परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेशचंद्र और प्रांतीय महामंत्री केके अवस्थी ने बताया कि सीएमओ कार्यालय में पेंशनर्स के चिकित्सा दावे 3-4 माह तक लंबित पड़े रहते हैं। वर्तमान में निजी अस्पतालों में इलाज पर सीएमओ द्वारा स्वयं निर्मित आपातकालीन उपचार प्रमाणपत्र (चिकित्सक से प्रमाणित) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह चिकित्सा परिचर्या नियमावली 2011, 2014 और 2016 के विरुद्ध है। परिषद ने मांग की है कि इस नए प्रारूप को रद्द कर दावों का भुगतान अधिकतम 15 दिन में सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान प्रांतीय कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश श्रीवास्तव, लक्ष्मी नारायण शर्मा, अखिलेश मिश्रा, तरुण शर्मा, पुष्पनाथ शर्मा, सतीश शर्मा, महेश चंद बघेल, जवाहर सिंह वर्मा आदि उपस्थित रहे।
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ये मांगें भी उठाईं
- जिला चिकित्सालय, एसएन मेडिकल, बैंक, डाकघर और रेलवे स्टेशन पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था लागू हो।
- 17 दिसंबर को होने वाले पेंशन डे में सीएमओ और पेंशन निदेशक की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए।
- अकेले रह रहे बुजुर्गों की थाने और पुलिस चौकियों पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई हो।
- पेंशनर्स की स्थानीय समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए एडीएम स्तर के एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाए।