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बेटा लगाता रहा गुहार, नहीं पसीजे डॉक्टर, जिला अस्पताल में बीमार पिता ने तोड़ा दम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
Updated Fri, 14 Sep 2018 08:17 PM IST
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जिला अस्पताल मैनपुरी
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मैनपुरी के जिला अस्पताल में बीमार पिता के इलाज के लिए बेटा गुहार लगाता रहा, लेकिन स्टाफ द्वारा सूचना भेजे जाने के बाद भी डॉक्टर देखने नहीं पहुंचे। कर्मचारियों ने फिर कॉल भेजी, लेकिन जब तक डॉक्टर पहुंचते तब तक बुजुर्ग मरीज की मौत हो चुकी थी।
जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ को देखते हुए सीनियर सिटीजन के लिए अलग से वार्ड की व्यवस्था की गई है। इस वार्ड में एलाऊ थाना क्षेत्र के नगला मोती निवासी 75 वर्षीय अंगूलाल पुत्र शिब्बू दयाल को दो दिन पहले भर्ती कराया गया था।
शुक्रवार की सुबह सात बजे करीब उनकी हालत बिगड़ी। परिजनों ने जानकारी वार्ड में तैनात स्टाफ को दी। स्टाफ के द्वारा 7:38 बजे कॉल इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर के पास भेजी गई, लेकिन डॉक्टर अंगूलाल को देखने के लिए नहीं पहुंचे।
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जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ को देखते हुए सीनियर सिटीजन के लिए अलग से वार्ड की व्यवस्था की गई है। इस वार्ड में एलाऊ थाना क्षेत्र के नगला मोती निवासी 75 वर्षीय अंगूलाल पुत्र शिब्बू दयाल को दो दिन पहले भर्ती कराया गया था।
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शुक्रवार की सुबह सात बजे करीब उनकी हालत बिगड़ी। परिजनों ने जानकारी वार्ड में तैनात स्टाफ को दी। स्टाफ के द्वारा 7:38 बजे कॉल इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर के पास भेजी गई, लेकिन डॉक्टर अंगूलाल को देखने के लिए नहीं पहुंचे।
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बुलाने पर भी नहीं आए डॉक्टर
अंगूलाल के पुत्र विमलेश ने फिर से स्टाफ से डॉक्टर को बुलाने का निवेदन किया। 8:30 बजे ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने फिर से कॉल इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर के पास भेजी। इसके बाद भी डॉक्टर नहीं आया। 9:10 बजे अंगूलाल की मौत हो गई।
विमलेश कुमार का कहना है कि वह प्रभारी सीएमएस से भी मिला था, कि किसी डॉक्टर का भेज दिया जाए, लेकिन उन्होंने डॉक्टर को न भेजकर फार्मासिस्ट को भेज दिया। उसका कहना है कि उपचार में लापरवाही के कारण उसके पिता की मौत हो गई है।
प्रभारी सीएमएस डॉ आरके सिंह का कहना है कि वृद्ध की हालत गंभीर थी, परिजनों को पहले ही बता दिया गया था। वृद्ध को मिनी पीजीआई के लिए रेफर कर दिया गया था, लेकिन परिजन उसे ले जाने को तैयार ही नहीं थे। डॉक्टर को उपचार के लिए भेजा था।
विमलेश कुमार का कहना है कि वह प्रभारी सीएमएस से भी मिला था, कि किसी डॉक्टर का भेज दिया जाए, लेकिन उन्होंने डॉक्टर को न भेजकर फार्मासिस्ट को भेज दिया। उसका कहना है कि उपचार में लापरवाही के कारण उसके पिता की मौत हो गई है।
प्रभारी सीएमएस डॉ आरके सिंह का कहना है कि वृद्ध की हालत गंभीर थी, परिजनों को पहले ही बता दिया गया था। वृद्ध को मिनी पीजीआई के लिए रेफर कर दिया गया था, लेकिन परिजन उसे ले जाने को तैयार ही नहीं थे। डॉक्टर को उपचार के लिए भेजा था।