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समय सीमा खत्म, 35 हजार मीट्रिक टन आलू अभी भी है भंडारित
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कोल्ड स्टोर में पड़े आलू
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। जिले में अब भी शीतगृहों में 35 हजार मीट्रिक टन आलू पड़े हुए हैं, जबकि इसकी निकासी का समय खत्म हो चुका है। आलू की निकासी के लिए किसानों को नोटिस जारी किए गए हैं।
जिले के 50 शीतगृहों में लगभग तीन लाख मीट्रिक टन आलू का भंडारण किया गया था। शासन ने इस बार एक माह पहले ही 31 अक्तूबर तक शीतगृहों को खाली करने के आदेश दिए थे। निकासी का निर्धारित समय बीतने के बाद अब भी शीतगृहों में 35 हजार मीट्रिक टन आलू बचा हुआ है। आलू की निकासी के लिए किसानों को नोटिस जारी किया गया है।
15 नवंबर तक निकासी नहीं करने पर संचालक उनका आलू नीलाम कर अपने किराये की भरपाई कर सकेंगे। उधर, नोटिस के जवाब में किसानों का कहना है कि अभी उन्होंने धान की कटाई की है। खेतों का पलेवा करने के बाद अभी बुवाई में कम से कम आठ से दस दिन का समय लगेगा।
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ऐसे में वे जल्द ही आलू की निकासी कर लेंगे। जिला उद्यान अधिकारी अनीता सिंह ने बताया कि सभी संचालकों को आलू की निकासी कराने के लिए किसानों को नोटिस देने के आदेश दिए गए थे। सभी को नोटिस भेजे भी गए हैं, जो किसान आलू की निकासी नहीं करेंगे। संचालक उनके आलू को निलाम कर किराये की भरपाई कर सकेंगे। इसकी जिम्मेदारी खुद किसानों की होगी।
फुटकर में 40 रुपये प्रति किलो मिल रहा आलू
एक ओर जहां अब तक इतनी बड़ी मात्रा में आलू कोल्ड स्टोरेज में भंडारित है तो वहीं बाजार में आलू की कीमत में कुछ खास अंतर नहीं आया है। बीते एक सप्ताह तक जहां आलू 45 रुपये प्रति किलो बिक रहा था तो वहीं अब आलू 40 रुपये प्रतिकिलो में मिल रहा है।
आलू की निकासी के लिए इस बार कम समय दिया गया। किसान धान की कटाई में लगे हुए हैं। इसके कारण वह आलू की निकासी के लिए नहीं आ पा रहे हैं।
राजेश कुमार, सीतापुर।
आलू की बुआई 20 नवंबर तक चलती है। ऐसे में किसान 15 नवंबर तक आलू की निकासी कर लेते हैं। इस बार पहले ही निकासी करने का दबाव डाला जा रहा है।
जगमोहन, चनेपुर।
किसानों से आलू तो एक माह पहले निकालने के लिए कहा जा रहा है, क्या एक माह का किराया शीतगृह संचालक कम करेंगे। इस पर किसी का कोई ध्यान नहीं है।
सियाराम, खरपरी।
शीतगृह में अब जो आलू बचा है, वह बुआई का है। किसान बुआई के लिए निकासी कर रहे हैं। जल्द ही भंडारित आलू किसान निकाल लेंगे।
सुमन सिंह, सीतापुर।
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जिले के 50 शीतगृहों में लगभग तीन लाख मीट्रिक टन आलू का भंडारण किया गया था। शासन ने इस बार एक माह पहले ही 31 अक्तूबर तक शीतगृहों को खाली करने के आदेश दिए थे। निकासी का निर्धारित समय बीतने के बाद अब भी शीतगृहों में 35 हजार मीट्रिक टन आलू बचा हुआ है। आलू की निकासी के लिए किसानों को नोटिस जारी किया गया है।
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15 नवंबर तक निकासी नहीं करने पर संचालक उनका आलू नीलाम कर अपने किराये की भरपाई कर सकेंगे। उधर, नोटिस के जवाब में किसानों का कहना है कि अभी उन्होंने धान की कटाई की है। खेतों का पलेवा करने के बाद अभी बुवाई में कम से कम आठ से दस दिन का समय लगेगा।
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ऐसे में वे जल्द ही आलू की निकासी कर लेंगे। जिला उद्यान अधिकारी अनीता सिंह ने बताया कि सभी संचालकों को आलू की निकासी कराने के लिए किसानों को नोटिस देने के आदेश दिए गए थे। सभी को नोटिस भेजे भी गए हैं, जो किसान आलू की निकासी नहीं करेंगे। संचालक उनके आलू को निलाम कर किराये की भरपाई कर सकेंगे। इसकी जिम्मेदारी खुद किसानों की होगी।
फुटकर में 40 रुपये प्रति किलो मिल रहा आलू
एक ओर जहां अब तक इतनी बड़ी मात्रा में आलू कोल्ड स्टोरेज में भंडारित है तो वहीं बाजार में आलू की कीमत में कुछ खास अंतर नहीं आया है। बीते एक सप्ताह तक जहां आलू 45 रुपये प्रति किलो बिक रहा था तो वहीं अब आलू 40 रुपये प्रतिकिलो में मिल रहा है।
आलू की निकासी के लिए इस बार कम समय दिया गया। किसान धान की कटाई में लगे हुए हैं। इसके कारण वह आलू की निकासी के लिए नहीं आ पा रहे हैं।
राजेश कुमार, सीतापुर।
आलू की बुआई 20 नवंबर तक चलती है। ऐसे में किसान 15 नवंबर तक आलू की निकासी कर लेते हैं। इस बार पहले ही निकासी करने का दबाव डाला जा रहा है।
जगमोहन, चनेपुर।
किसानों से आलू तो एक माह पहले निकालने के लिए कहा जा रहा है, क्या एक माह का किराया शीतगृह संचालक कम करेंगे। इस पर किसी का कोई ध्यान नहीं है।
सियाराम, खरपरी।
शीतगृह में अब जो आलू बचा है, वह बुआई का है। किसान बुआई के लिए निकासी कर रहे हैं। जल्द ही भंडारित आलू किसान निकाल लेंगे।
सुमन सिंह, सीतापुर।