{"_id":"57893f0b4f1c1b737e13e1b8","slug":"parents-are-wandering-for-admission-under-rte","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरटीई के तहत प्रवेश के लिए भटक रहे अभिभावक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरटीई के तहत प्रवेश के लिए भटक रहे अभिभावक
अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 16 Jul 2016 01:22 AM IST
विज्ञापन
स्कूल
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निजी स्कूलों में पात्रता के बाद भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा है
नि:शुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत बड़ी संख्या में पात्र विद्यार्थियों का प्रवेश नहीं हो पा रहा है। अभिभावकों को संबंधित विद्यालय से लेकर शिक्षा विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों के यहां चक्कर लगाना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में शिकायतें बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंच रही हैं।
हरीपर्वत क्षेत्र की खंड शिक्षा अधिकारी ने सात जुलाई को कक्षा एक में एक बालिका के प्रवेश के लिए होली पब्लिक नर्सरी स्कूल, केके नगर के प्रधानाचार्य/प्रबंधक को पत्र भेजा। बालिका के पिता तेजपाल सिंह का आरोप है कि विद्यालय में प्रवेश लेने से मना कर दिया गया। इसके बाद वह बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से लेकर जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक से शिकायत कर चुके हैं। जन सुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करा दी है। इसके पहले आवास विकास क्षेत्र स्थित एक स्कूल में तीन बालक-बालिकाओं का प्रवेश नहीं लिया जा रहा था। बीएसए धर्मेंद्र सक्सेना का कहना है कि विद्यालय से बात करके छात्रा का प्रवेश कराया जाएगा।
विज्ञापन
नि:शुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत बड़ी संख्या में पात्र विद्यार्थियों का प्रवेश नहीं हो पा रहा है। अभिभावकों को संबंधित विद्यालय से लेकर शिक्षा विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों के यहां चक्कर लगाना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में शिकायतें बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंच रही हैं।
हरीपर्वत क्षेत्र की खंड शिक्षा अधिकारी ने सात जुलाई को कक्षा एक में एक बालिका के प्रवेश के लिए होली पब्लिक नर्सरी स्कूल, केके नगर के प्रधानाचार्य/प्रबंधक को पत्र भेजा। बालिका के पिता तेजपाल सिंह का आरोप है कि विद्यालय में प्रवेश लेने से मना कर दिया गया। इसके बाद वह बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से लेकर जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक से शिकायत कर चुके हैं। जन सुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करा दी है। इसके पहले आवास विकास क्षेत्र स्थित एक स्कूल में तीन बालक-बालिकाओं का प्रवेश नहीं लिया जा रहा था। बीएसए धर्मेंद्र सक्सेना का कहना है कि विद्यालय से बात करके छात्रा का प्रवेश कराया जाएगा।
विज्ञापन