एटा: विकास कार्य न होने पर भाजपा के विरोध में जुटी 20 गांवों की पंचायत, मनाने पहुंचे विधायक और नेता
एटा के जलेसर विधानसभा क्षेत्र के गांव बेरनी चौराहा पर गुरुवार को भाजपा के विरोध में 20 गांवों की पंचायत हुई। इसमें सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए।
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एटा जिले के अलीगंज विधानसभा क्षेत्र की कांशीराम कालॉनी में बिजली-पानी की समस्या को लेकर जहां लोगों ने चुनाव बहिष्कार किया है, वहीं जलेसर विधानसभा क्षेत्र के गांव बेरनी चौराहा पर गुरुवार को भाजपा के विरोध में 20 गांवों की पंचायत हुई। इसकी सूचना पर भाजपा के क्षेत्रीय विधायक और पार्टी नेताओं ने पहुंचकर लोगों को मनाया।
पंचायत का नेतृत्व करते हुए कुलदीप सिसौदिया ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्य नहीं कराए गए हैं। ऐसे में भाजपा का विरोध किया जाना चाहिए। पंचायत में गांव बेरनी, ऊंचागांव, नगला बालजीत, रामरायपुर, लोहचानाहारपुर, बछेपुरा, नगलाराधे, कुंजनपुर, नगला पृथ्वी, शाहनगर और टिमरुआ के ग्रामीण शामिल हुए।
भाजपा विधायक ने किया वादा
पंचायत की सूचना पर वहां भाजपा विधायक संजीव दिवाकर, चेयरमैन अवागढ़ महेश पाल सिंह, राजेश सरानी पहुंच गए। लोगों की समस्याओं को सुना और सवालों का जवाब देकर ग्रामीणों की गुस्सा शांत की। विधायक ने कराए गए कार्यों को गिनाते हुए अगले कार्यकाल में बचे विकास कार्य कराने का वादा किया
अब जलेसर विधायक के विरोध का वीडियो वायरल
सदर विधायक के बाद अब जलेसर विधायक के विरोध का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वोट मांगने गांव सालवाहनपुर पहुंचे विधायक कजे सामने ही लोग उन्हें वोट न देने की बात कहते हुए विरोधी नारे भी लगाते दिखाई दे रहे हैं।
यहां के लोगों ने किया मतदान बहिष्कार का एलान
अलीगंज कस्बा की कांशीराम आवासीय कॉलानी के लोगों ने चुनाव का एलान होते ही मतदान बहिष्कार की घोषणा कर दी थी। बाकायदा कॉलोनी गेट पर बैनर लगाकर लोग प्रदर्शन भी कर रहे हैं। इनका कहना है कि कॉलोनी में बिजली, स्वच्छ पेयजल, सुरक्षा की व्यवस्था नहीं है। बिना बिजली मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
नहीं आया कोई भी अधिकारी, नेता
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि दूषित पेयजल से समय-समय पर बीमारियां फैल जाती हैं। असामाजिक तत्व महिलाओं, किशोरियों को परेशान करते हैं। लोगों को निराशा है कि मतदान बहिष्कार के एलान के बावजूद कोई अधिकारी, नेता उनका दुख-दर्द जानने नहीं पहुंचा। जिसके चलते वह बहिष्कार के निर्णय पर कायम हैं।
जलेसर विधानसभा क्षेत्र के महापुर गांव के मतदाताओं ने भी यही मन बना रखा है। हालांकि यहां मुद्दे अलग हैं। ग्रामीणों के अनुसार वह दो दशक से गंदगी, पेयजल संकट तथा जर्जर प्राथमिक विद्यालय भवन की समस्या से जूझ रहे हैं। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते लोगों ने सामूहिक रूप से मतदान बहिष्कार का निर्णय लिया है।