राहत की सांसें: रुड़की से आ रही 16 टन ऑक्सीजन, आज रात तक आगरा पहुंचने की उम्मीद
ऑक्सीजन के लिए अस्पतालों में हाहाकार है। शनिवार को 10 निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म होने से संकट और गहरा गया है। ऐसे में रुड़की से आ रही ऑक्सीजन से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
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कोरोना वायरस की दूसरी लहर में ऑक्सीजन संकट से जूझ रहे आगरा के लिए राहत की खबर है। रुड़की से 16 टन तरल ऑक्सीजन लेकर आगरा के लिए कैप्सूल टैंकर रवाना हो गया है। पुलिस सुरक्षा में ऑक्सीजन टैंकर रात तक आगरा पहुंचने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने बताया कि शहर में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मांग अधिक होने से व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। रूड़की से आ रही 16 टन ऑक्सीजन एसएन मेडिकल कॉलेज को आपूर्ति की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरसी पांडेय के मुताबिक शहर में 34 निजी कोविड अस्पताल हैं। जिनमें 1750 से अधिक मरीज हैं। इनके लिए प्रतिदिन 35 से 40 टन ऑक्सीजन गैस चाहिए। जिले में कुल 15 टन तक ऑक्सीजन की आपूर्ति हो पा रही है।
शनिवार को 10 अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म
शनिवार को ऑक्सीजन का जानलेवा संकट और गहरा गया। दस अस्पतालों ने ऑक्सीजन खत्म होने के कारण मरीजों को डिस्चार्ज करना शुरू कर दिया है। नए मरीज भर्ती नहीं किए गए । एक-एक सिलिंडर के लिए दिनभर लोग मिन्नतें करते रहे। मदद की गुहार पर भी उन्हें सिर्फ मायूसी मिल रही है।
जिले में 34 निजी कोविड अस्पताल हैं। जिनमें करीब 3340 मरीज भर्ती हैं। 2000 ऐसे मरीज हैं, जो आरटीपीसीआर में कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनके लिए हर दिन कोविड अस्पतालों को 35 टन ऑक्सीजन चाहिए। लेकिन ऑक्सीजन की कमी से शनिवार को अस्पतालों में दिनभर हाहाकार मचा रहा।
बंद हो चुके हैं जीवन रक्षक उपकरण
ऑक्सीजन की कमी से निजी कोविड अस्पतालों में जीवन रक्षक उपकरण दो दिन से बंद हैं। इनके लिए हाई फ्लो ऑक्सीजन चाहिए। ऑक्सीजन कमी के कारण वेंटिलेटर, एचएनएफसी, बाईपेप मशीनें काम नहीं कर पा रहीं। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर नहीं मिल रहे। 34 से अधिक अस्पतालों में ऐसे 350 से अधिक उपकरण बंद हैं।