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हत्यारे पिता पुत्र समेत तीन को आजीवन कारावास
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मैनपुरी। थाना करहल क्षेत्र में 13 साल पहले युवक की हत्या करने में पिता पुत्र समेत तीन लोगों को स्पेशल जज ईसी एक्ट अशोक कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उनको 36 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद तीनों को जेल भेजा गया है।
थाना करहल के अतीकुल्लापुर निवासी विमलेश कुमार 18 जून 2006 की दोपहर अपने चचेरे भाई प्रमोद कुमार केे साथ घर के बाहर बैठे थे। विमलेश का चचेरा भाई राजमणि शराब के नशे में आया और गालियां देने लगा। विमलेश और प्रमोद के मना करने पर राजमणि के बुलाने पर उसके चाचा ओमप्रकाश अपने पुत्र आशीष के साथ पहुंच गए। वहां हुए विवाद के बाद राजमणि, ओमप्रकाश, आशीष ने फायरिंग की। इससे प्रमोद और विमलेश घायल हो गए। प्रमोद की उपचार के दौरान 28 जून को मौत हो गई।
विमलेश द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट अशोक कुमार की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की गवाही और एडीजीसी अशोक कुमार यादव की दलीलों के आधार पर राजमणि, ओमप्रकाश, आशीष को प्रमोद की हत्या करने का दोषी पाया गया। स्पेशल जज ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उनको 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी देना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद पिता पुत्र सहित तीनों को हिरासत में लेकर जेल भेजा है।
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घायल के खिलाफ दर्ज होगी रिपोर्ट
विमलेश ने फायरिंग में खुद के घायल होने की रिपोर्ट लिखाई। पुलिस को गवाही भी दी, लेकिन अदालत में वह पुलिस को दी गई गवाही से मुकर गया। स्पेशल जज ईसी एक्ट अशोक कुमार ने अदालत में झूठी गवाही देने के मामले में रिपोर्ट लिखाने वाले विमलेश को नोटिस जारी करने के साथ ही उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश थानाध्यक्ष करहल को दिया है।
केस-दो
गैर इरादतन हत्या में पिता पुत्र को 10 साल की सजा
अपर जिला जज ने 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। थाना कुर्रा क्षेत्र में छह साल पहले युवक की गैर इरादतन हत्या करने में दोषी पिता पुत्र को अपर जिला जज चतुर्थ तरुण कुमार सिंह ने 10-10 साल की सजा सुनाई है। उनको 20 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना कुर्रा के चंदरपुर बोझी निवासी अरविंद कुमार बर्फ बेचने का काम करता था। गांव के ही इनाम सिंह और उनका पुत्र दिलीप कोल्ड ड्रिंक बेचने का काम करते थे। अरविंद ने व्यापार के सिलसिले में पिता पुत्र को रुपये उधार दे दिए। अरविंद ने जब रुपये मांगे तो पिता पुत्र ने 30 मई 2013 को अरविंद को लाठियों से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। अरविंद ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। बाद में उपचार के दौरान छह जून को अरविंद की अस्पताल में मौत हो गई।
पुलिस ने गैर इरादतन हत्या करने के आरोप में दोनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज तरुण कुमार सिंह की कोर्ट में हुई। गवाही के आधार पर दोनों को गैर इरादतन हत्या करने का दोषी पाया। एडीजीसी अनूप कुमार यादव की दलीलों के बाद अपर जिला जज ने उनको 10-10 साल की सजा सुनाई है। उनको 20 हजार रुपये का जुर्माना भी देना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद उनको जेल भेज दिया गया है।
पिता को नहीं मिली जमानत
अरविंद की गैर इरादतन हत्या के मामले में पुलिस ने इनाम सिंह और दिलीप को जेल भेज दिया। इनाम सिंह की किसी अदालत से जमानत नहीं मिली। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लडना पड़ा। निर्णय सुनने के लिए इनाम सिंह जेल से और दिलीप घर से आया था।
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थाना करहल के अतीकुल्लापुर निवासी विमलेश कुमार 18 जून 2006 की दोपहर अपने चचेरे भाई प्रमोद कुमार केे साथ घर के बाहर बैठे थे। विमलेश का चचेरा भाई राजमणि शराब के नशे में आया और गालियां देने लगा। विमलेश और प्रमोद के मना करने पर राजमणि के बुलाने पर उसके चाचा ओमप्रकाश अपने पुत्र आशीष के साथ पहुंच गए। वहां हुए विवाद के बाद राजमणि, ओमप्रकाश, आशीष ने फायरिंग की। इससे प्रमोद और विमलेश घायल हो गए। प्रमोद की उपचार के दौरान 28 जून को मौत हो गई।
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विमलेश द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट अशोक कुमार की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की गवाही और एडीजीसी अशोक कुमार यादव की दलीलों के आधार पर राजमणि, ओमप्रकाश, आशीष को प्रमोद की हत्या करने का दोषी पाया गया। स्पेशल जज ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उनको 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी देना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद पिता पुत्र सहित तीनों को हिरासत में लेकर जेल भेजा है।
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घायल के खिलाफ दर्ज होगी रिपोर्ट
विमलेश ने फायरिंग में खुद के घायल होने की रिपोर्ट लिखाई। पुलिस को गवाही भी दी, लेकिन अदालत में वह पुलिस को दी गई गवाही से मुकर गया। स्पेशल जज ईसी एक्ट अशोक कुमार ने अदालत में झूठी गवाही देने के मामले में रिपोर्ट लिखाने वाले विमलेश को नोटिस जारी करने के साथ ही उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश थानाध्यक्ष करहल को दिया है।
केस-दो
गैर इरादतन हत्या में पिता पुत्र को 10 साल की सजा
अपर जिला जज ने 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। थाना कुर्रा क्षेत्र में छह साल पहले युवक की गैर इरादतन हत्या करने में दोषी पिता पुत्र को अपर जिला जज चतुर्थ तरुण कुमार सिंह ने 10-10 साल की सजा सुनाई है। उनको 20 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना कुर्रा के चंदरपुर बोझी निवासी अरविंद कुमार बर्फ बेचने का काम करता था। गांव के ही इनाम सिंह और उनका पुत्र दिलीप कोल्ड ड्रिंक बेचने का काम करते थे। अरविंद ने व्यापार के सिलसिले में पिता पुत्र को रुपये उधार दे दिए। अरविंद ने जब रुपये मांगे तो पिता पुत्र ने 30 मई 2013 को अरविंद को लाठियों से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। अरविंद ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। बाद में उपचार के दौरान छह जून को अरविंद की अस्पताल में मौत हो गई।
पुलिस ने गैर इरादतन हत्या करने के आरोप में दोनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज तरुण कुमार सिंह की कोर्ट में हुई। गवाही के आधार पर दोनों को गैर इरादतन हत्या करने का दोषी पाया। एडीजीसी अनूप कुमार यादव की दलीलों के बाद अपर जिला जज ने उनको 10-10 साल की सजा सुनाई है। उनको 20 हजार रुपये का जुर्माना भी देना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद उनको जेल भेज दिया गया है।
पिता को नहीं मिली जमानत
अरविंद की गैर इरादतन हत्या के मामले में पुलिस ने इनाम सिंह और दिलीप को जेल भेज दिया। इनाम सिंह की किसी अदालत से जमानत नहीं मिली। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लडना पड़ा। निर्णय सुनने के लिए इनाम सिंह जेल से और दिलीप घर से आया था।