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तीन एडीओ पंचायत के सहारे कैसे चलेंगे नौ ब्लॉक
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मैनपुरी। पंचायती राज विभाग के पास सहायक विकास अधिकारी पंचायत न होने से समस्या खड़ी हो गई है। पहले ही पांच विकास खंडों में सहायक विकास अधिकारी पंचायत की तैनाती नहीं थी तो 31 दिसंबर को एक और एडीओ पंचायत के सेवानिवृत्त होने से एक ब्लॉक और खाली हो गया। अब नौ विकास खंडों में से केवल तीन में ही एडीओ पंचायत हैं।
विकास खंड पर पंचायती राज विभाग के कार्यों का संचालन करने और ग्राम पंचायतों की मॉनीटरिंग के लिए सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) पंचायत की तैनाती की जाती है। जिले के नौ ब्लॉकों में कई सालों से सहायक विकास अधिकारी पंचायतों की कमी है। अब तक किशनी ब्लॉक में एडीओ पंचायत ओमप्रकाश तिवारी, घिरोर में एडीओ पंचायत अरुण कुमार, कुरावली में एडीओ पंचायत प्रेमचंद्र बाथम और बरनाहल में एडीओ पंचायत राजेश दुबे की तैनाती थी। हालांकि अन्य पांच ब्लॉक सुल्तानगंज, मैनपुरी, बेवर, करहल और जागीर में सचिव को प्रभारी बनाया गया है।
पहले से ही समस्या से जूझ रहे विभाग के लिए अब मुश्किलें और बढ़ गई हैं। 31 दिसंबर को बरनाहल में तैनात एडीओ पंचायत राजेश दुबे सेवानिवृत्त हो गए। ऐसे में अब पांच की जगह छह ब्लॉक खाली हो गए। जिला पंचायती राज अधिकारी स्वामीदीन ने कहा कि कई बार एडीओ पंचायत की तैनाती के लिए पत्र लिखा गया। हालांकि अब तक तैनाती नहीं हो सकी है।
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सचिवों का काम भी होता है प्रभावित
एडीओ पंचायत की कमी होने के चलते सहायक विकास अधिकारी पंचायत का प्रभार भी पंचायत सचिवों को दे दिया जाता है। पहले से ही ग्राम पंचायत सचिवों की कमी से जूझ रहे पंचायती राज विभाग के लिए फिर ग्राम पंचायतों के संचालन में भी परेशानी आती है। लगातार प्रयास के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
- जो सहायक विकास अधिकारी पंचायत तैनात हैं, उनसे ही काम लिया जा रहा है। कई बार शासन को तैनाती के लिए पत्र भेजा गया, लेकिन अब तक तैनाती नहीं की जा सकी है। - स्वामीदीन, डीपीआरओ।
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विकास खंड पर पंचायती राज विभाग के कार्यों का संचालन करने और ग्राम पंचायतों की मॉनीटरिंग के लिए सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) पंचायत की तैनाती की जाती है। जिले के नौ ब्लॉकों में कई सालों से सहायक विकास अधिकारी पंचायतों की कमी है। अब तक किशनी ब्लॉक में एडीओ पंचायत ओमप्रकाश तिवारी, घिरोर में एडीओ पंचायत अरुण कुमार, कुरावली में एडीओ पंचायत प्रेमचंद्र बाथम और बरनाहल में एडीओ पंचायत राजेश दुबे की तैनाती थी। हालांकि अन्य पांच ब्लॉक सुल्तानगंज, मैनपुरी, बेवर, करहल और जागीर में सचिव को प्रभारी बनाया गया है।
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पहले से ही समस्या से जूझ रहे विभाग के लिए अब मुश्किलें और बढ़ गई हैं। 31 दिसंबर को बरनाहल में तैनात एडीओ पंचायत राजेश दुबे सेवानिवृत्त हो गए। ऐसे में अब पांच की जगह छह ब्लॉक खाली हो गए। जिला पंचायती राज अधिकारी स्वामीदीन ने कहा कि कई बार एडीओ पंचायत की तैनाती के लिए पत्र लिखा गया। हालांकि अब तक तैनाती नहीं हो सकी है।
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सचिवों का काम भी होता है प्रभावित
एडीओ पंचायत की कमी होने के चलते सहायक विकास अधिकारी पंचायत का प्रभार भी पंचायत सचिवों को दे दिया जाता है। पहले से ही ग्राम पंचायत सचिवों की कमी से जूझ रहे पंचायती राज विभाग के लिए फिर ग्राम पंचायतों के संचालन में भी परेशानी आती है। लगातार प्रयास के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
- जो सहायक विकास अधिकारी पंचायत तैनात हैं, उनसे ही काम लिया जा रहा है। कई बार शासन को तैनाती के लिए पत्र भेजा गया, लेकिन अब तक तैनाती नहीं की जा सकी है। - स्वामीदीन, डीपीआरओ।