कोरोना काल में मुश्किल: आगरा में अप्रैल से बंद हैं सामान्य ऑपरेशन, 3000 से ज्यादा मरीज परेशान
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर शुरू होने के बाद अप्रैल से जिले में ऑपरेशन बंद हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल के साथ निजी अस्पतालों में सामान्य ऑपरेशन नहीं किए जा रहे हैं। गंभीर मरीजों के ही ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इस समय जिले में तीन हजार से अधिक जनरल ऑपरेशन लंबित हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में ओपीडी बंद है। इमरजेंसी में भर्ती होने वाले गंभीर मरीजों का ऑपरेशन किया जा रहा है। शहर के अधिकतर प्रमुख अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। चिकित्सक कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे हैं। ऐसे में जनरल ऑपरेशन वाले मरीजों को चिकित्सक कोरोना काल में ऑपरेशन न कराने की सलाह दी जा रही है। उन्हें जरूरी एहतियात और दवाएं लेने का परामर्श दिया जा रहा है।
गंभीर मरीजों का ही ऑपरेशन किया जा रहा
आईएमए के सचिव और सर्जन, क्रिटिकल केयर डॉ. अनूप दीक्षित ने बताया कि मार्च तक जनरल ऑपरेशन किए गए हैं। इसके बाद गंभीर मरीजों का ही ऑपरेशन किया जा रहा है। हर्निया, पथरी, अपेंडिस आदि मरीजों को सलाह दी जा रही है कि वह ऐसे काम न करें, जिससे बीमारी बढ़े। उनको सलाह दी जा रही है कि कोरोना संक्रमण के दौर में ऑपरेशन न कराना बेहतर रहेगा।
कोरोना मरीजों के इलाज में लगे चिकित्सक
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि जिले में 70 से 80 सर्जन हैं। अधिकतर चिकित्सक कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में लगे हैं। वहीं, निजी अस्पतालों भी कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। ऐसे में जनरल ऑपरेशन के मामले अभी टाले जा रहे हैं। मरीजों को परामर्श और दवाएं भी दी जा रही है। वहीं, मरीज भी इस समय ऑपरेशन कराने से बच रहे हैं। स्थित अधिक बिगड़ने पर ही अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।
निजी अस्पतालों में लंबित आपरेशन
रोग मरीज
पथरी 400
हर्निया 400
बच्चेदानी 600
अपेंडिक्स 500
बवासीर 600
मोतियाबिंद 300
एसएन और जिला अस्पताल में रोजाना 30 से ज्यादा ऑपरेशन
एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में कोरोना काल से पहले रोजाना करीब 30 से अधिक जनरल सर्जरी होती थी। मेडिकल कॉलेज की सर्जरी विभाग की डॉ. रिचा जैमन ने बताया कि एसएन में रोजाना 12 से 15 जनरल सर्जरी विभिन्न विभागों के सर्जन की ओर से की जातीं थीं। जो अब टाली जा रही हैं, इमरजेंसी ऑपरेशन अभी भी हो रहे हैं। वहीं, जिला अस्ताल में भी रोजाना 15 से अधिक जनरल सर्जरी होती थी।