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ऑनलाइन गेम पबजी के नाम पर धोखाधड़ी, लिंक पर क्लिक करते ही खाते से रकम गायब
Sun, 05 Apr 2020 01:53 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 05 Apr 2020 01:53 PM IST
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Cyber Crime
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आगरा में साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन गेम पबजी में काटी गई रकम वापस कराने का झांसा देकर छात्र के पिता के खाते से 2700 रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत की है।
न्यू आगरा क्षेत्र का 12 वीं का छात्र पबजी खेलता है। दो दिन पहले उसने गेम के दौरान ऑनलाइन रिवार्ड प्वाइंट 4500 रुपये में खरीद लिए। इसका पता छात्र के पिता को चला तो उन्होंने बेटे को डांटा।
उन्होंने शुक्रवार को पबजी का हेल्पलाइन नंबर पता करने के लिए गूगल पर सर्च किया। उन्हें एक नंबर मिल गया। कॉल करने पर एक व्यक्ति ने बताया कि तीन रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने पर रकम वापस हो जाएगी।
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लिंक भेजकर खाता किया साफ
मगर, छात्र के पिता ने मना कर दिया। इस पर उनसे कहा गया कि एक लिंक मोबाइल पर भेजेंगे। वह लिंक पर क्लिक करके जानकारी भर दें। इस पर एक लिंक आ गया। छात्र के पिता ने लिंक पर क्लिक किया। इस पर एक पेज खुल गया।
उन्होंने अपने नाम, खाते और एटीएम कार्ड की जानकारी भर दी। कुछ देर बाद उनके खाते से 2700 रुपये और काट लिए गए। इसका पता चलने पर उन्होंने खाता बंद करा दिया। गनीमत रही कि खाते में ज्यादा रकम नहीं थी। इस कारण साइबर अपराधी ज्यादा रकम नहीं निकाल सके।
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न्यू आगरा क्षेत्र का 12 वीं का छात्र पबजी खेलता है। दो दिन पहले उसने गेम के दौरान ऑनलाइन रिवार्ड प्वाइंट 4500 रुपये में खरीद लिए। इसका पता छात्र के पिता को चला तो उन्होंने बेटे को डांटा।
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उन्होंने शुक्रवार को पबजी का हेल्पलाइन नंबर पता करने के लिए गूगल पर सर्च किया। उन्हें एक नंबर मिल गया। कॉल करने पर एक व्यक्ति ने बताया कि तीन रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने पर रकम वापस हो जाएगी।
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लिंक भेजकर खाता किया साफ
मगर, छात्र के पिता ने मना कर दिया। इस पर उनसे कहा गया कि एक लिंक मोबाइल पर भेजेंगे। वह लिंक पर क्लिक करके जानकारी भर दें। इस पर एक लिंक आ गया। छात्र के पिता ने लिंक पर क्लिक किया। इस पर एक पेज खुल गया।
उन्होंने अपने नाम, खाते और एटीएम कार्ड की जानकारी भर दी। कुछ देर बाद उनके खाते से 2700 रुपये और काट लिए गए। इसका पता चलने पर उन्होंने खाता बंद करा दिया। गनीमत रही कि खाते में ज्यादा रकम नहीं थी। इस कारण साइबर अपराधी ज्यादा रकम नहीं निकाल सके।