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बेसहारा वृद्धों की 'पनागाह' पर संक्रामक रोगों का कहर, एक की मौत, चार गंभीर
Sun, 19 May 2019 10:13 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 19 May 2019 10:13 PM IST
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मृतक किशनपाल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
बेसहारा वृद्धों की पनाहगाह वृद्धाश्रम में संक्रामक रोगों का कहर बरप रहा है। बीमारी से एक वृद्ध की मौत हो गई, जबकि चार की हालत बिगड़ गई। उन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया है। सूचना पर सीएमओ और समाजकल्याण अधिकारी वृद्धाश्रम पहुंचे और पूछताछ की।
वृद्धाश्रम में 64 वृद्ध पंजीकृत हैं, उनमें से 40 आश्रम में मौजूद हैं। गर्मी में वृद्धों की हालत बिगड़ रही है। शनिवार रात संक्रामक रोग से ग्रसित वृद्धाश्रम में रह रहे वृद्ध किशनपाल (62) निवासी बिल्लौर सिढ़पुरा की मौत हो गई। रविवार को किशन पाल के रिश्तेदार पहुंचे। इस बीच प्रशासन को भी खबर दी गई।
सीएमओ डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव, समाज कल्याण अधिकारी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने वृद्धाश्रम में वृद्ध की मौत का कारण जाना। वृद्ध के शव को उसके रिश्तेदार बिना पोस्टमार्टम कराए ले गए। वृद्धाश्रम में अन्य वृद्धों की हालत भी बिगड़ी हुई है। उल्टी दस्त से पीड़ित नगला उल्फत निवासी चरन सिंह (80), रिजोला निवासी रनवीर (68), फिरोजाबाद निवासी राजकुमारी (60) और ततारपुर निवासी जगदीश (75) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनका उपचार कराया जा रहा है।
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वृद्धाश्रम में 64 वृद्ध पंजीकृत हैं, उनमें से 40 आश्रम में मौजूद हैं। गर्मी में वृद्धों की हालत बिगड़ रही है। शनिवार रात संक्रामक रोग से ग्रसित वृद्धाश्रम में रह रहे वृद्ध किशनपाल (62) निवासी बिल्लौर सिढ़पुरा की मौत हो गई। रविवार को किशन पाल के रिश्तेदार पहुंचे। इस बीच प्रशासन को भी खबर दी गई।
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सीएमओ डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव, समाज कल्याण अधिकारी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने वृद्धाश्रम में वृद्ध की मौत का कारण जाना। वृद्ध के शव को उसके रिश्तेदार बिना पोस्टमार्टम कराए ले गए। वृद्धाश्रम में अन्य वृद्धों की हालत भी बिगड़ी हुई है। उल्टी दस्त से पीड़ित नगला उल्फत निवासी चरन सिंह (80), रिजोला निवासी रनवीर (68), फिरोजाबाद निवासी राजकुमारी (60) और ततारपुर निवासी जगदीश (75) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनका उपचार कराया जा रहा है।
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स्थानीय रनवीर का कहना है कि परिवार में कोई है नहीं। चचेरे तहेरे भाई हैं। वह परवरिश नहीं करते हैं। समाजसेवी और वृद्धाश्रम पर ही जीवन निर्भर है। दो दिन से तबीयत खराब है। जगदीश का कहना है कि एक बेटा फिरोजाबाद रहता है और दूसरा बेटा दिल्ली में नौकरी करता है। वह लोग अपने परिवार के साथ रहते हैं। जब तक हाथ स्वयं चले उन लोगों ने सहयोग किया। अब तो वृद्धाश्रम ही सहारा है।
सीएमओ प्रतिमा श्रीवास्तव का कहना है कि वृद्ध की मौत की सूचना पर वृद्धाश्रम पहुंचे। वहां मौत का कारण जाना। कर्मचारी कोई भी कारण स्पष्ट नहीं कर पाए। मृतक के साथी वृद्धों ने बताया कि वह बीमार था, सांस फूल रही थी और उलटी हो गई। रात में मौत हो गई। अन्य बीमारों की हालत में सुधार है।
वृद्धाश्रम प्रभारी सोनू कुमार का कहना है कि हमने प्रथम दृष्टया माना है कि वृद्ध की मौत हार्ट अटैक से हुई है। क्योंकि रात को सोते समय वृद्ध ने कोई परेशानी नहीं बताई थी। रिश्तेदार पोस्टमार्टम कराते तो कारण स्पष्ट हो सकता था।
सीएमओ प्रतिमा श्रीवास्तव का कहना है कि वृद्ध की मौत की सूचना पर वृद्धाश्रम पहुंचे। वहां मौत का कारण जाना। कर्मचारी कोई भी कारण स्पष्ट नहीं कर पाए। मृतक के साथी वृद्धों ने बताया कि वह बीमार था, सांस फूल रही थी और उलटी हो गई। रात में मौत हो गई। अन्य बीमारों की हालत में सुधार है।
वृद्धाश्रम प्रभारी सोनू कुमार का कहना है कि हमने प्रथम दृष्टया माना है कि वृद्ध की मौत हार्ट अटैक से हुई है। क्योंकि रात को सोते समय वृद्ध ने कोई परेशानी नहीं बताई थी। रिश्तेदार पोस्टमार्टम कराते तो कारण स्पष्ट हो सकता था।