फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   oldest Ram temple of Lord Ram is established in Agra

Ram Mandir: शिवालयों के इस शहर में कम नहीं राम के मंदिर और उनके भक्त, स्थापित हैं पुरातत्व महत्व की मूर्तियां

Thu, 11 Jan 2024 11:03 AM IST
भूपेन्द्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Thu, 11 Jan 2024 11:03 AM IST
सार

शिवालयों के इस शहर आगरा में भी राम के मंदिर और उनके भक्त कम नहीं हैं। यहां पुरातत्व महत्व की मूर्तियां  स्थापित हैं।

विज्ञापन
oldest Ram temple of Lord Ram is established in Agra
आगरा के जटपुरा खटीपाड़ा स्थित श्री राम मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिवालयों के शहर आगरा में भगवान राम के मंदिर और उनक भक्तों की संख्या भी कम नहीं है। लोहामंडी स्थित जटपुरा खातीपाड़ा में शहर का प्राचीनतम राम मंदिर है। यहां स्थापित भगवान के विग्रह पुरातत्व महत्व वाले हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने इनकी प्राचीनता परखी हुई है। इसी मंदिर से प्राचीनतम दशहरा शोभायात्रा निकाली जाती है।

विज्ञापन


मंदिर के प्रबंधक रामदास कटारा बताते हैं कि मंदिर की स्थापना राजा टोडरमल ने कराई थी। यहां रखे भगवान राम-लक्ष्मण-सीता और हनुमान जी के विग्रह करीब 300 साल पुराने हैं। इस मंदिर से ही पहली बार डोली और कहारों की मदद से दशहरा शोभायात्रा निकाली गई। मिट्टी की तेल की लालटेन की रोशनी में ये शोभायात्रा निकाली गई थी। 
विज्ञापन


इसके बाद साल दर साल शोभायात्रा का स्वरूप भव्य होता गया। मंदिर में मुख्य रूप से राम दरबार ही प्राचीन काल से स्थापित है। बाद में भक्तों ने यहां लड्डू गोपाल का विग्रह स्थापित किया गया। स्थानीय महिलाओं ने आपसी सहयोग से एक सत्संग हाल भी मंदिर परिसर में बना लिया है जहां नियमित सुबह-शाम सत्संग होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे पहुंचे

जटपुरा खातीपाड़ा स्थित इस मंदिर तक पहुंचने के लिए मदिया कटरा से लोहामंडी के लिए आगे बढ़ते हैं तो ताता के ताल पर कैलादेवी के मंदिर से बांई ओर आगे बढ़ने पर सड़क पर फिर से बाईं ओर आगे बढ़ने पर जटपुरा खातीपाड़ा मार्ग पर मंदिर स्थित है।



मंदिर अति प्राचीन है। पुरातत्व विभाग इन मूर्तियों की प्राचीनता का आकलन कर चुका है। उनकी रिपोर्ट में भी मूर्तियां 300 साल से अधिक प्राचीन बताई गई हैं। क्षेत्र के बुजुर्ग बताते हैं कि उनके बुजुर्गों के समय से यह मंदिर यहां स्थापित है।  -रामदास कटारा, प्रबंधक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed