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शौचालय तो बनाए सोच नहीं बदल पाए
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18एमएनपी-23-गांव कीरतपुर में अधूरे पड़े शौचालय
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। जिले में अब तक 1.65 लाख शौचालयों का निर्माण हो चुका है 40 हजार निर्माणाधीन हैं बावजूद इसके जिला ओडीएफ नहीं है। गांव में लोगों को जागरूक करने के लिए स्वच्छाग्रही की तैनाती तक की थी जो लोगों को खुले में शौच न करने के लिए प्रेरित करें लेकिन अब ये स्वच्छाग्रही भी नहीं दिखाई दे रहे हैं।
जिले में अब तक 1.65 लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। फिर भी खुले में शौच की सोच नहीं बदल पा रही है। इनमें से अधिकांश तो सामान रखने के लिए ग्रामीण इस्तेमाल कर रहे हैं। पंचायती राज विभाग ने लोगों को खुले में शौच न करने के लिए जागरूक करने को स्वच्छाग्रही की तैनाती की बावजूद इसके इन शौचालयों का सही इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। अब तो जागरूक करने वाले भी दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसके अलावा कुछ शौचालय अधूरे पड़े हुए हैं। जिनका बजट तो मिल गया लेकिन निर्माण कार्य रुका हुआ है। ऐसे में स्वच्छ भारत मिशन का मूल उद्देश्य कहीं गुम हो गया है।
हाईलाइटर्स
-552 हैं ग्राम पंचायतें
-1.65 लाख शौचालयों का हो चुका है निर्माण
-40 हजार शौचालय हैं निर्माणाधीन
-7 हजार से अधिक वंचितों की सूची हुई है तैयार
-12 हजार रुपये मिलती है निर्माण के लिए राशि
लगातार शौचालय निर्माण के साथ ही लोगों को उनका उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। लोगों की आदत में भी सुधार हो रहा है, जल्द ही परिवर्तन नजर आने लगेगा।
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स्वामीदीन, डीपीआरओ।
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जिले में अब तक 1.65 लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। फिर भी खुले में शौच की सोच नहीं बदल पा रही है। इनमें से अधिकांश तो सामान रखने के लिए ग्रामीण इस्तेमाल कर रहे हैं। पंचायती राज विभाग ने लोगों को खुले में शौच न करने के लिए जागरूक करने को स्वच्छाग्रही की तैनाती की बावजूद इसके इन शौचालयों का सही इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। अब तो जागरूक करने वाले भी दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसके अलावा कुछ शौचालय अधूरे पड़े हुए हैं। जिनका बजट तो मिल गया लेकिन निर्माण कार्य रुका हुआ है। ऐसे में स्वच्छ भारत मिशन का मूल उद्देश्य कहीं गुम हो गया है।
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-552 हैं ग्राम पंचायतें
-1.65 लाख शौचालयों का हो चुका है निर्माण
-40 हजार शौचालय हैं निर्माणाधीन
-7 हजार से अधिक वंचितों की सूची हुई है तैयार
-12 हजार रुपये मिलती है निर्माण के लिए राशि
लगातार शौचालय निर्माण के साथ ही लोगों को उनका उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। लोगों की आदत में भी सुधार हो रहा है, जल्द ही परिवर्तन नजर आने लगेगा।
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स्वामीदीन, डीपीआरओ।