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अमर उजाला पड़ताल ओडीएफ घोषित होने के बाद भी नहीं मिट रहा खुले में शौच जाने का दाग

Fri, 30 Aug 2019 11:58 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 30 Aug 2019 11:58 PM IST
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ODF
सिढ़पुरा के कलानी गांव में खुले में शौच को जातीं महिलाएं - फोटो : KASGANJ
कासगंज/पटियाली। भले ही जिला ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) घोषित हो गया हो, लेकिन खुले में शौच जाने के दाग एक साल बाद भी नहीं मिट सका है। आज बड़ी संख्या में ग्रामीण दिन निकलने के साथ ही रास्तों के किनारे या खेतों की ओर निकल पड़ते हैैं। इनमें महिलाओं की संख्या भी कम नहीं है। अमर उजाला ने पटियाली तहसील में सिढ़पुरा क्षेत्र के ग्राम कलानी की पड़ताल की तो हकीकत सामने आ गई।
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स्वच्छ भारत अभियान के तहत जिले को 18 सितंबर 2018 को ओडीएफ घोषित कर दिया गया। इसके बाद प्रधान व सचिवों को कुछ माह का समय दिया कि वे ग्राम पंचायतों में शेष बचे शौचालयों का निर्माण करा लें, लेकिन अब भी सभी लापरवाही बने हुए हैं। ओडीएफ के एक साल बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को खुले में शौच के लिए जाते देखा जा सकता है। अमर उजाला की टीम सुबह ही सिढ़पुरा की ग्राम पंचायत कालानी में पहुंची।
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जहां काफी संख्या में महिलाएं व पुरुष लोटा लेकर खुले मेें शौच के लिए जाते दिखाई दिए। उनसे बात की तो उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधान ने खाते से पैसा निकालने के बाद भी लाभार्थियों को नहीं दिया, जिससे शौचालयों का निर्माण नहीं हो सका। फर्जी नामों से भी धन निकाला गया है। कुछ ग्रामीणों को आधा धन दिया गया, जिससे आधे अधूरेे शौचालय ही बन सके। इससे शौचालय के अभाव में बड़ी संख्या में ग्रामीणों को खुले में शौच को जाना पड़ता है। यह स्थिति मात्र कलानी की ही नहीं है। बड़ी संख्या में ग्राम ऐसे हैं, जहां आज भी लोग खुले में शौच जाते हैं।
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जिला ओडीएफ घोषित हुआ 18 सितंबर 2018
जिलेे में ग्राम पंचायतें 423
जिले में ंराजस्व गांव 647
जिले में शौचालय के लिए धन दिया गया-193524 परिवारों को
ग्राम प्रधान ने उनकेे परिवार में तीन लोगों के नाम से शौचालय का धन निकाल लिया, लेकिन एक भी शौचालय का धन उनके परिवार को नहीं दिया गया है। इससे उनके परिवार में शौचालय का निर्माण नहीं हो पा रहा।
-राघवेंद्र प्रताप ग्रामीण।
शौचालय निर्माण के लिए सूची में उनका नाम तो है, लेकिन शौचालय के लिए धन आज तक नहीं दिया गया,, जिससे उनके परिवार में शौचालय का निर्माण नहीं हो सका है।
-अखलेश ग्रामीण।
शौचालय निर्माण के लिए धन निकाल लिए जाने की शिकायत अधिकारियों से भी की गई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीणों को शौचालय के अभाव मेें काफी दिक्क्त रहती है।
- श्यामपाल ग्रामीण।
गांव में शोचालय निर्माण की स्थिति काफी खराब है। बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार ऐसे हैं, जिनके आज तक शौचालय का निर्माण नहीं हो सका है। जिससे ग्रामीणों को काफी समस्या रहती है।
-अनिल ग्रामीण।
ग्राम पंचायत में 270 परिवार सर्वे में चिह्नित किए गए। अधिकांश ग्रामीणों के शौचालयों का निर्माण हो गया है। 45 शौचालयों का धन कुछ दिन पहले ही छप्राप्त हुआ है, जिसकी एक किश्त पात्रों को दे दी गई हैै। 75 ग्रामीणों के आधार लेकर जमा कराए गए हैं, जिससे इनको भी योजना का लाभ मिल सके।

-संगीता ग्राम प्रधान।
ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण के धन को प्रधान द्वारा निकाल लिए जाने के मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद जो भी स्थिति सामने आएगी उसके आधार पर कार्रवाई होगी।
-शहनाज अंसारी डीपीआरओ
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