{"_id":"60f3125f8ebc3e834027d9dd","slug":"nurses-staff-are-worried-about-life-in-dilapidated-building-mainpuri-news-agr5002336167","type":"story","status":"publish","title_hn":"जर्जर भवन में नर्सेज स्टाफ को सता रही जीवन की चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जर्जर भवन में नर्सेज स्टाफ को सता रही जीवन की चिंता
विज्ञापन
मैनपुरी। जिला अस्पताल परिसर में नर्सेज स्टॉफ के लिए बने सरकारी आवासों की हालत मरम्मत के अभाव में खस्ता हो गई है। बारिश के दौरान घर में पानी टपकता है। प्लास्टर भी उखड़कर गिरता है। लंबे समय से आवासों की पुताई भी नहीं हुई है। जर्जर आवासों में रहे नर्सिंग स्टॉफ के परिजनों को हर समय सुरक्षा की चिंता रहती है।
जिला अस्पताल में नर्सेज हॉस्टल की स्थापना वर्ष 1962 में कराई गई थी। देख रेख के अभाव में अब हॉस्टल पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। हॉस्टल के छतों और बरामदों में प्लास्टर और लिंटर टूट-टूट कर गिर रहा है। बरसात के समय यहां पानी टपकता है। बाथरूम पूरी तरह से ध्वस्त हो चुके हैं। इनमें न सही से पानी आता है और इनकी छत गिर रही है। पानी सप्लाई पाइप भी पूरी तरह से टूट चुके हैं। इससे यहां रहने वाले नर्सेज स्टाफ के परिजनों को उनके जीवन का खतरा दिख रहा है।
इस कारण स्टाफ नर्स यहां रहने को तैयार नहीं हैं। जो लोग बाहर के रहने वाले हैं वे मजबूरी में यहां निवास कर रहे हैं। वर्तमान में यहां स्टाफ नर्स सुमन देवी, रोजी, नीता देवी, और नीलम रह रही हैं। इन स्टाफ नर्स का कहना है कि हॉस्टल पूरी तरह से छतिग्रस्त है। कई बार अधिकारियों को लिखकर दिया गया लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया। कभी-कभी अपने पैसों से मरम्मत करा ली जाती है। विभाग को हम लोगों के जीवन पर ध्यान देना चाहिए। यदि कभी हादसा होता है तो विभाग जिम्मेदार होगा।
विज्ञापन
कुछ ने किराए पर ले रखा है भवन
नर्सेज हॉस्टल जर्जर होने के कारण जिला अस्पताल में कार्यरत सरकारी नर्सेज इसमें रहकर अपना जीवन संकट में नहीं डालना चाह रही हैं। इसलिए कई लोगों ने सरकारी भवन को छोड़कर किराए पर मकान ले रखा है।
गंदगी और जलभराव फैला सकता हैं बीमारियां
नर्सेज हॉस्टल प्रांगण में बाथरूम से निकलने वाले पाइप पूरी तरह से टूट चुके हैं। नालियां भी टूट चुकी हैं। इस कारण हॉस्टल प्रांगण में ही जलभराव हो रहा है। इससे यहां गंदगी और झाड़ियां बढ़ती जा रही हैं। बीमारियां फैलने का संकट भी बना हुआ है।
हॉस्टल की मरम्मत के लिए उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव पर यदि मंजूरी मिलती है तो मरम्मत का कार्य कराया जाएगा।
डॉ. अरविंद कुमार गर्ग, सीएमएस
विज्ञापन
जिला अस्पताल में नर्सेज हॉस्टल की स्थापना वर्ष 1962 में कराई गई थी। देख रेख के अभाव में अब हॉस्टल पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। हॉस्टल के छतों और बरामदों में प्लास्टर और लिंटर टूट-टूट कर गिर रहा है। बरसात के समय यहां पानी टपकता है। बाथरूम पूरी तरह से ध्वस्त हो चुके हैं। इनमें न सही से पानी आता है और इनकी छत गिर रही है। पानी सप्लाई पाइप भी पूरी तरह से टूट चुके हैं। इससे यहां रहने वाले नर्सेज स्टाफ के परिजनों को उनके जीवन का खतरा दिख रहा है।
विज्ञापन
इस कारण स्टाफ नर्स यहां रहने को तैयार नहीं हैं। जो लोग बाहर के रहने वाले हैं वे मजबूरी में यहां निवास कर रहे हैं। वर्तमान में यहां स्टाफ नर्स सुमन देवी, रोजी, नीता देवी, और नीलम रह रही हैं। इन स्टाफ नर्स का कहना है कि हॉस्टल पूरी तरह से छतिग्रस्त है। कई बार अधिकारियों को लिखकर दिया गया लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया। कभी-कभी अपने पैसों से मरम्मत करा ली जाती है। विभाग को हम लोगों के जीवन पर ध्यान देना चाहिए। यदि कभी हादसा होता है तो विभाग जिम्मेदार होगा।
विज्ञापन
कुछ ने किराए पर ले रखा है भवन
नर्सेज हॉस्टल जर्जर होने के कारण जिला अस्पताल में कार्यरत सरकारी नर्सेज इसमें रहकर अपना जीवन संकट में नहीं डालना चाह रही हैं। इसलिए कई लोगों ने सरकारी भवन को छोड़कर किराए पर मकान ले रखा है।
गंदगी और जलभराव फैला सकता हैं बीमारियां
नर्सेज हॉस्टल प्रांगण में बाथरूम से निकलने वाले पाइप पूरी तरह से टूट चुके हैं। नालियां भी टूट चुकी हैं। इस कारण हॉस्टल प्रांगण में ही जलभराव हो रहा है। इससे यहां गंदगी और झाड़ियां बढ़ती जा रही हैं। बीमारियां फैलने का संकट भी बना हुआ है।
हॉस्टल की मरम्मत के लिए उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव पर यदि मंजूरी मिलती है तो मरम्मत का कार्य कराया जाएगा।
डॉ. अरविंद कुमार गर्ग, सीएमएस