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Agra News: मौसम के बदले मिजाज से बढ़े जोड़ों के दर्द के मरीज
Tue, 21 Jul 2026 02:27 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 21 Jul 2026 02:27 AM IST
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आगरा। मौसम के बदले मिजाज ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उमस और गर्मी के कारण इन दिनों एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में जोड़ों के दर्द, गठिया और कंधों में तेज अकड़न से पीड़ित मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस मौसम में जोड़ों के आसपास के ऊतकों (टिश्यूज) में सूजन आने से दर्द उभर आता है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रजत कपूर ने बताया कि सामान्य तौर पर 60 वर्ष की उम्र के बाद लोगों में जोड़ों के दर्द की समस्याएं अधिक होती हैं। जिसका मुख्य कारण विटामिन-डी, सीरम कैल्शियम और विटामिन बी-12 की भारी कमी होती है। इन पोषक तत्वों की कमी हड्डियों को कमजोर कर देती है।
उन्होंने बताया कि ओपीडी में आने वाले करीब 80 प्रतिशत लोगों में हड्डियों से जुड़ी समस्याएं होती हैं। अब तो युवाओं में भी गठिया (रुमेटॉइड आर्थराइटिस) तेजी से देखा जा रहा है। विशेष रूप से जिन मरीजों के घुटनों या जोड़ों की पहले कोई सर्जरी हो चुकी है, उन्हें ज्यादा दर्द का सामना करना पड़ रहा है। कई बार इस दर्द के कारण पैरों में सुन्नपन आने जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं।
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इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- गुनगुने पानी से सिंकाई करें।
- फिजियोथेरेपी और सूक्ष्म व्यायाम करें।
- भरपूर पानी पीएं और एसी, कूलर की ठंडी हवा से बचें।
- कैल्शियम युक्त खाना-पीना खाएं।
- ज्यादा देर तक पैर मोड़ कर न बैठें।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रजत कपूर ने बताया कि सामान्य तौर पर 60 वर्ष की उम्र के बाद लोगों में जोड़ों के दर्द की समस्याएं अधिक होती हैं। जिसका मुख्य कारण विटामिन-डी, सीरम कैल्शियम और विटामिन बी-12 की भारी कमी होती है। इन पोषक तत्वों की कमी हड्डियों को कमजोर कर देती है।
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उन्होंने बताया कि ओपीडी में आने वाले करीब 80 प्रतिशत लोगों में हड्डियों से जुड़ी समस्याएं होती हैं। अब तो युवाओं में भी गठिया (रुमेटॉइड आर्थराइटिस) तेजी से देखा जा रहा है। विशेष रूप से जिन मरीजों के घुटनों या जोड़ों की पहले कोई सर्जरी हो चुकी है, उन्हें ज्यादा दर्द का सामना करना पड़ रहा है। कई बार इस दर्द के कारण पैरों में सुन्नपन आने जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं।
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इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- गुनगुने पानी से सिंकाई करें।
- फिजियोथेरेपी और सूक्ष्म व्यायाम करें।
- भरपूर पानी पीएं और एसी, कूलर की ठंडी हवा से बचें।
- कैल्शियम युक्त खाना-पीना खाएं।
- ज्यादा देर तक पैर मोड़ कर न बैठें।