आगरा में उमस-गर्मी से बुरा हाल: बढ़ रहे बुखार, जुकाम-खांसी के मरीज, अपनी सेहत का रखें ख्याल
बदलते मौसम में अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखें, क्योंकि दिन में उमस और गर्मी, सुबह तापमान कम होने से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
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आगरा में उमस भरी गर्मी से लोगों का बुरा हाल है। वायरल फीवर, जुकाम-खांसी और सिर में भारीपन हो रहा है। एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में सबसे ज्यादा ऐसे ही मरीज आ रहे हैं। त्वचा रोग विभाग में मच्छर-कीट पतंगों के काटने से दानों में खुजली की दिक्कत वाले सबसे ज्यादा मरीज हैं।
मेडिसिन विभाग के डॉ. टीपी सिंह ने बताया कि दिन में गर्मी, उमस और सुबह पारा कम होने से वायरल फीवर के लगभग आधे मरीज हैं। मरीज तेज बुखार, जुकाम-खांसी, सिर भारीपन होना, बेचैनी, सीने में जकड़न से सांस लेने में भी परेशानी बता रहे हैं। भूख कम लगना और कमजोरी भी हो रही है।
मरीजों को सांस लेने में दिक्कत और नींद पूरी न होने से चिड़चिड़ापन की भी दिक्कत है। यह वायरल फीवर सात से 10 दिन में ठीक हो पा रहे हैं। बाल रोग विभाग में भी बच्चों का यही हाल है। ओपीडी में आने वाले 60 फीसदी बच्चे वायरल फीवर की चपेट में हैं।
कीट-मच्छर के काटने पर हो रही खुजली: डॉ. यतेंद्र चाहर
त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि स्किन एलर्जी के साथ मच्छर-कीट के काटने से फुंसी होना और उसमें खुजली करने से जख्म भी हो रहे हैं। इसके मरीजों की संख्या लगभग 40 से 45 फीसदी है। धूप में जाने पर पसीना आने और उस पर धूल-कार्बन तत्व चिपक जाते हैं, जिससे खुजली होने लगती है, जिससे त्वचा की एलर्जी हो रही है। इसमें त्वचा लाल होना, लाल दाने, फुंसी उभर आती हैं।
खांसी के साथ बलगम, खून भी आ रहा: डॉ. जीवी सिंह
वक्ष एवं क्षय रोग के डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि बदले मौसम से सांस रोगी और टीबी के मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। ओपीडी में पुराने मरीजों की संख्या तीन गुना है। इसमें खांसी के साथ बलगम आ रहा है। टीबी मरीजों में बलगम में खून भी आ रहा है। ऐसे मरीजों में से दो से तीन मरीज भर्ती करने पड़ रहे हैं।
ओपीडी में सबसे इन मर्ज के आ रहे हैं मरीज
विभाग मरीज
मेडिसिन: 272
त्वचा रोग: 189
हड्डी रोग: 152
सांस-टीबी रोग: 121
ईएनटी: 89
डॉक्टर बोले, यह बरतें सावधानी
- ठंडा पानी पीने से बचें, गुनगुना पानी पीएं।
- सीने में जकड़न होने पर भाप लें।
- दिन में एक बार काढ़ा ले सकते हैं।
- वायरल फीवर होने पर डॉक्टर से परामर्श से ही दवा लें।
- रात में फुल बाजू के कपड़े पहनकर सोएं।
- तेज धूप में फुल बाजू के कपड़े पहनकर जाएं।
- शरीर को साफ रखें, गीला न रखें।