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Agra News: आगरा समेत आठ जिलों में एक भी ब्लॉक में भूजल सुरक्षित श्रेणी में नहीं
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आगरा। भूजल रिचार्ज की ठोस रणनीति पर काम न करने की वजह से आगरा समेत प्रदेश के आठ जिलों में एक भी ब्लॉक भूजल उपयोग के लिहाज से सुरक्षित श्रेणी में नहीं रह गया है। इनमें आगरा के अलावा अमरोहा, बागपत, नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, ललितपुर और महोबा शामिल हैं। इन जिलों में भूजल का दोहन मानसून के पानी से होने वाले भूजल संचयन से ज्यादा हो रहा है। केंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) की नेशनल कंपाइलेशन ऑन डायनेमिक ग्राउंड वाटर रिसोर्सेज ऑफ इंडिया-2025 रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार अंधाधुंध दोहन और जल संरक्षण के प्रति लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी है। अत्यधिक दोहन का अर्थ है कि इन क्षेत्रों में जितना पानी जमीन में रीचार्ज होता है, उससे कहीं अधिक तेजी से निकाला जा रहा है। आगरा जिले के 56.25 फीसदी ब्लॉक इस गंभीर श्रेणी में शामिल हैं। हाल यह है कि आगरा के 16 ब्लॉक में से 9 ब्लॉक अत्यधिक दोहन की श्रेणी में पहुंच गए हैं। वहीं, तीन क्रिटिकल और चार सेमीक्रिटिकल श्रेणी में हैं।
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मथुरा में सात ब्लॉक सुरक्षित जोन में
आगरा मंडल के अन्य जिलों में स्थिति अलग है। मथुरा जिले के 10 ब्लॉकों में से सात ब्लॉक सुरक्षित श्रेणी में हैं, जबकि तीन ब्लॉक अर्ध-संवेदनशील श्रेणी में आ चुके हैं। वहीं, मैनपुरी में नौ में से पांच जिले सुरक्षित जोन में हैं, जबकि फिरोजाबाद में नौ में से दो ब्लॉक में अत्यधिक दोहन हो रहा है।
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सीकरी में फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा
जिले के फतेहपुर सीकरी ब्लॉक में फ्लोराइड की मात्रा सामान्य से ज्यादा पाई गई है। यहां पानी में खारापन भी ज्यादा है। सीकरी के अलावा अछनेरा व शमशाबाद में भी पानी पीने योग्य नहीं है।
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रिपोर्ट के अनुसार अंधाधुंध दोहन और जल संरक्षण के प्रति लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी है। अत्यधिक दोहन का अर्थ है कि इन क्षेत्रों में जितना पानी जमीन में रीचार्ज होता है, उससे कहीं अधिक तेजी से निकाला जा रहा है। आगरा जिले के 56.25 फीसदी ब्लॉक इस गंभीर श्रेणी में शामिल हैं। हाल यह है कि आगरा के 16 ब्लॉक में से 9 ब्लॉक अत्यधिक दोहन की श्रेणी में पहुंच गए हैं। वहीं, तीन क्रिटिकल और चार सेमीक्रिटिकल श्रेणी में हैं।
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मथुरा में सात ब्लॉक सुरक्षित जोन में
आगरा मंडल के अन्य जिलों में स्थिति अलग है। मथुरा जिले के 10 ब्लॉकों में से सात ब्लॉक सुरक्षित श्रेणी में हैं, जबकि तीन ब्लॉक अर्ध-संवेदनशील श्रेणी में आ चुके हैं। वहीं, मैनपुरी में नौ में से पांच जिले सुरक्षित जोन में हैं, जबकि फिरोजाबाद में नौ में से दो ब्लॉक में अत्यधिक दोहन हो रहा है।
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सीकरी में फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा
जिले के फतेहपुर सीकरी ब्लॉक में फ्लोराइड की मात्रा सामान्य से ज्यादा पाई गई है। यहां पानी में खारापन भी ज्यादा है। सीकरी के अलावा अछनेरा व शमशाबाद में भी पानी पीने योग्य नहीं है।