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प्रभु के भरोसे दौड़ रही अटल के सपनों की 'रेल'
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 22 Jun 2017 11:40 PM IST
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मालगाड़ी पटरी से उतर गई
- फोटो : अमर उजाला
बीहड़ के बीच से होकर गुजरने वाली आगरा भांडई बटेश्वर रेल लाइन की रफ्तार को पिछले दिनों बढ़ाया गया था। आगरा से इटावा को जाने वाले इस ट्रैक पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। आगरा से लेकर इटावा तक आरपीएफ और जीआरपी का पोस्ट तक नहीं है।
ऐसे में इस सिंगिल ट्रैक पर पुलिया धंसने से 500 मीटर तक ट्रैक ही गायब हो गया। हादसे के पीछे कोई अन्य वजह तो नहीं है। इसकी जांच करने के लिए आगरा से जीआरपी और आरपीएफ की टीमें भी पहुंच गईं।
बता दें, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने तकरीबन 20 साल पहले बीहड़ से होकर गुजरने वाले इस रेलमार्ग की आधारशिला रखी थी। तकरीबन डेढ़ साल पहले इस एकल ट्रैक पर आगरा कैंट से इटावा को जाने वाली डीएमयू पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुरू हुआ। आगरा कैंट से शाम 5.45 बजे चलने वाली डीएमयू के अलावा इस रेल लाइन पर अब मालगाड़ियां भी दौड़ने लगी हैं।
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तकरीबन छह माह पहले इस लाइन की रफ्तार को 60 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ाकर एक सौ किलोमीटर से अधिक तक किया गया था। इसके बाद इस ट्रैक पर एक साप्ताहिक एक्सप्रेस गाजीपुर बांद्रा एक्सप्रेस का संचालन भी शुरू हो गया। इसके बाद भी तकरीबन 120 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं।
शमसाबाद, फतेहाबाद, बटेश्वर, बाह, उदी मोड़ तक आरपीएफ व जीआरपी का कोई पोस्ट (चौकी) नहीं है। हादसे के बाद ट्रैक की देखरेख पर सवाल खड़े हो गए हैं। जीआरपी की टीम भी मामले की जांच कर रही है कि ट्रैक कहीं पहले से ही तो टूटा नहीं पड़ा था। ट्रैक पर नियमित गश्त की जा रही थी कि नहीं ये सवाल भी खड़े हो गए हैं।
वहीं संरक्षा विभाग के रेल अधिकारी भी हादसे के पीछे के कारणों की जांच कर रहे हैं। रेल अफसरों का कहना है कि प्रथम दृष्टया पुलिया के धंसने के कारण हादसा होना बताया जा रहा है।
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ऐसे में इस सिंगिल ट्रैक पर पुलिया धंसने से 500 मीटर तक ट्रैक ही गायब हो गया। हादसे के पीछे कोई अन्य वजह तो नहीं है। इसकी जांच करने के लिए आगरा से जीआरपी और आरपीएफ की टीमें भी पहुंच गईं।
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बता दें, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने तकरीबन 20 साल पहले बीहड़ से होकर गुजरने वाले इस रेलमार्ग की आधारशिला रखी थी। तकरीबन डेढ़ साल पहले इस एकल ट्रैक पर आगरा कैंट से इटावा को जाने वाली डीएमयू पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुरू हुआ। आगरा कैंट से शाम 5.45 बजे चलने वाली डीएमयू के अलावा इस रेल लाइन पर अब मालगाड़ियां भी दौड़ने लगी हैं।
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तकरीबन छह माह पहले इस लाइन की रफ्तार को 60 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ाकर एक सौ किलोमीटर से अधिक तक किया गया था। इसके बाद इस ट्रैक पर एक साप्ताहिक एक्सप्रेस गाजीपुर बांद्रा एक्सप्रेस का संचालन भी शुरू हो गया। इसके बाद भी तकरीबन 120 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं।
शमसाबाद, फतेहाबाद, बटेश्वर, बाह, उदी मोड़ तक आरपीएफ व जीआरपी का कोई पोस्ट (चौकी) नहीं है। हादसे के बाद ट्रैक की देखरेख पर सवाल खड़े हो गए हैं। जीआरपी की टीम भी मामले की जांच कर रही है कि ट्रैक कहीं पहले से ही तो टूटा नहीं पड़ा था। ट्रैक पर नियमित गश्त की जा रही थी कि नहीं ये सवाल भी खड़े हो गए हैं।
वहीं संरक्षा विभाग के रेल अधिकारी भी हादसे के पीछे के कारणों की जांच कर रहे हैं। रेल अफसरों का कहना है कि प्रथम दृष्टया पुलिया के धंसने के कारण हादसा होना बताया जा रहा है।